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मुंबई के स्कूल में शिक्षक ने छात्र को पीटा – क्या यह सिर्फ एक ‘अलग थलग’ घटना है?

सोशल मीडिया पर आजकल जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसे देखकर मेरे जैसे किसी भी पेरेंट की रूह काँप जाए। मुंबई के एक नामी स्कूल में एक टीचर ने चौथी क्लास के बच्चे को न सिर्फ गालियाँ दीं, बल्कि उसे पीटा भी! और हाँ, यह सब कैमरे में कैद हो गया। अब सवाल यह है कि क्या यह सच में पहली बार हुआ है? या फिर स्कूल वालों ने पहले की शिकायतों को नज़रअंदाज़ किया?

मामला कुछ यूँ है – एक छोटा सा बच्चा, जिसकी उम्र शायद आपके मोबाइल फोन से भी कम हो, उसे क्लास में ही टीचर ने थप्पड़ मारे। वीडियो देखकर तो लगता है जैसे कोई गुंडा किसी को धमका रहा हो, न कि एक शिक्षक बच्चे को ‘अनुशासन’ सिखा रहा हो। और सबसे हैरानी की बात? स्कूल वाले इसे ‘isolated incident’ बता रहे हैं। सच में?

अब जरा इस पर गौर करें – पुलिस ने IPC की धारा 323 के तहत केस दर्ज किया है, स्कूल ने टीचर को सस्पेंड किया है, और जांच कमेटी बना दी है। लेकिन ईमानदारी से कहूँ तो, ये सब दिखावटी कदम लगते हैं। क्योंकि अगर पहले से ही इस टीचर के बारे में शिकायतें थीं (जैसा कि पेरेंट्स का कहना है), तो स्कूल ने कार्रवाई क्यों नहीं की?

इस पूरे मामले ने तो जैसे पेंदी हिला दी है। एक तरफ पेरेंट्स रो रहे हैं, दूसरी तरफ टीचर्स यूनियन्स निंदा कर रही हैं, और राजनेता… अरे भई, वो तो मौके की ताक में ही बैठे रहते हैं न! असल में, यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि हमारी पूरी शिक्षा व्यवस्था पर सवाल है।

तो अब क्या? कुछ दिन हंगामा होगा, मीडिया में बहस चलेगी, फिर सब भूल जाएंगे? या फिर इस बार कुछ ठोस होगा? देखते हैं कि कोर्ट क्या फैसला देती है। पर एक बात तो तय है – अगर स्कूलों में बच्चों को ऐसे टीचर्स से पढ़ना पड़ेगा, तो फिर पेरेंट्स का डर जायज़ ही है।

आखिर में बस इतना कहूँगा – ये सिर्फ एक वीडियो नहीं है, ये हमारे सिस्टम का आईना है। और अगर हम अभी नहीं जागे, तो कल कोई और बच्चा इसका शिकार बनेगा। सोचने वाली बात है…

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Source: NDTV Khabar – Latest | Secondary News Source: Pulsivic.com

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