पुरी में नाबालिग लड़की की रहस्यमय मौत: जब पुलिस की रिपोर्ट ने पूरा केस ही पलट दिया!
ओडिशा के पुरी में हुई एक नाबालिग लड़की की मौत का मामला… सच कहूं तो ये केस जितना दुखद है, उतना ही हैरान करने वाला भी। अभी कुछ दिन पहले तक जिस तरह से मामला चल रहा था, पुलिस की नई रिपोर्ट ने उसे ही उलट कर रख दिया है। असल में देखा जाए तो ये सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं, बल्कि हमारी पूरी सिस्टम पर एक बड़ा सवालिया निशान है।
क्या हुआ था असल में?
कहानी शुरू होती है पिछले हफ्ते से, जब पुरी के एक छोटे से गांव में 15 साल की एक बच्ची का शव मिला। अब यहां से मामला गर्माया। शुरुआती जांच में तो पुलिस ने परिवार के ही एक लड़के को पकड़ लिया – मीडिया वालों के मुताबिक शव पर चोट के निशान थे। लेकिन सच्चाई क्या थी? गांव वालों ने तो इतना हंगामा किया कि पुलिस को भारी बल तैनात करना पड़ा। स्थिति बेकाबू होती दिख रही थी।
और फिर… पुलिस ने किया चौंकाने वाला खुलासा!
पर अब कहानी में ट्विस्ट आया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद पुलिस कह रही है – मौत एक्सीडेंटल थी! जी हां, वो चोट के निशान जिन्हें लेकर इतना शोर मचा था, वो किसी गिरने या फिर किसी और वजह से हो सकते हैं। नतीजा? जिस लड़के को पुलिस ने पकड़ रखा था, उसे छोड़ना पड़ा क्योंकि सबूत ही नहीं थे। अब पुलिस इसे “unintentional death” कह रही है। पर सवाल ये है कि क्या सच में सब कुछ इतना सीधा-सादा है?
परिवार का गुस्सा और सिस्टम पर सवाल
अब इस नए टर्न ने परिवार को तोड़ कर रख दिया है। वो मानने को तैयार ही नहीं कि ये एक्सीडेंट था। और सुनिए… स्थानीय नेता भी पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। कुछ एनजीओ तो CBI जांच की मांग कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर ये केस अब ट्रेंड कर रहा है – #JusticeForPuriGirl जैसे हैशटैग के साथ।
अब आगे क्या? 3 संभावित सिनारियो
1. पुलिस तो केस बंद करना चाहती है, लेकिन परिवार हाईकोर्ट जा सकता है
2. राज्य सरकार दबाव में नई जांच कमेटी बना सकती है
3. ये मामला ओडिशा में महिला सुरक्षा पर बहस छेड़ देगा
एक बात तो तय है – जब तक परिवार को संतोष नहीं होगा, ये मामला शांत नहीं होने वाला। और हां, ये केस हमारे सिस्टम की कमजोरियों को भी बेपर्दा कर रहा है। क्या हम कभी सीखेंगे?
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Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com