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“सरकारी खजाने में 7 लाख करोड़ की सेंध! 18 खरब रुपये फर्जी बिलों से गायब – बड़ा खुलासा”

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सरकारी खजाने में 7 लाख करोड़ की सेंध! 18 खरब रुपये फर्जी बिलों से गायब – बड़ा खुलासा

अरे भाई, भारत सरकार ने आज एक ऐसा खुलासा किया है जिसने तो मेरी ही नींद उड़ा दी! पिछले 5 सालों में 7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की GST चोरी हुई है। सुनकर ही दिमाग चकरा गया न? और सबसे हैरानी वाली बात ये कि इसमें से 18 खरब रुपये तो बस Input Tax Credit (ITC)</strong) के नाम पर हवा हो गए। ये कोई छोटा-मोटा घोटाला नहीं है दोस्तों, ये तो देश के इतिहास के सबसे बड़े वित्तीय घपलों में से एक है। सच कहूं तो टैक्स सिस्टम में जो छेद हैं, वो फिर से सामने आ गए हैं।

मामले की पृष्ठभूमि: GST व्यवस्था में दरार

देखिए, जुलाई 2017 से जब GST आया है, तब से ही fake companies और benami billing के चक्कर चल रहे हैं। असल मसला तो ITC के गलत इस्तेमाल का है। समझिए न, कुछ लोग बिना कोई असली कारोबार किए, बस फर्जी बिल बनाकर टैक्स क्रेडिट ले रहे थे! CBIC के आंकड़े तो ये कह रहे हैं कि हजारों ऐसी कंपनियां बंद हुईं जिनका कोई ठिकाना ही नहीं था। बस नाम की कंपनियां, पर करोड़ों का खेल।

मुख्य अपडेट: चौंकाने वाले आंकड़े

अब जरा ये नंबर्स देखिए, सच में दिमाग हिला देने वाले हैं:

प्रतिक्रियाएं: सरकार से लेकर विशेषज्ञों तक

इस घोटाले ने तो सबको हिला कर रख दिया है। वित्त मंत्रालय वाले तो कह रहे हैं “हम सख्त कार्रवाई करेंगे”, पर सच पूछो तो ये बयानबाजी हम अक्सर सुनते आए हैं। विशेषज्ञों की राय ज्यादा दिलचस्प है – उनका कहना है कि “GST system में जो छेद थे, उनका पूरा फायदा उठाया गया।” और सही भी कह रहे हैं। उद्योग वालों की चिंता भी समझ आती है – “ईमानदार टैक्स भरने वालों का क्या होगा?” सचमुच, ये सवाल तो उठना ही चाहिए।

भविष्य की दिशा: सुधार और सख्त कार्रवाई

अब सरकार क्या करने वाली है? कुछ दिलचस्प बातें:

अंत में बस इतना कि ये मामला साबित करता है कि हमारे टैक्स सिस्टम को और मजबूत बनाने की जरूरत है। सरकार technology की बात कर रही है, पर सवाल ये है कि क्या हम जैसे सामान्य टैक्सपेयर्स का पैसा सही जगह जा रहा है? ये जवाब तो वक्त ही देगा। फिलहाल तो ये आंकड़े देखकर हैरानी होती है – इतना बड़ा घोटाला? सच में?

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Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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