सैफ अली खान की 15,000 करोड़ की दौलत पर क्या बीती? ‘Enemy Property‘ का वो पूरा किस्सा जो आपको हैरान कर देगा!
अरे भाई, बॉलीवुड के इस ‘चमकते सितारे’ को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ऐसा झटका दिया है कि सुनकर ही रूह कांप जाए! सीधे-सीधे कहें तो भोपाल की नवाबी ज़मीन पर से सैफ और उनके परिवार का दावा खारिज हो गया। और यही नहीं, कोर्ट ने इसे ‘Enemy Property’ घोषित कर दिया। सच कहूं तो ये सिर्फ पैसे का मामला नहीं, बल्कि एक पूरी विरासत की लड़ाई है। अंदाज़ा लगाइए, 15,000 करोड़ रुपए! इतने में तो… छोड़िए, ये तो बस एक आंकड़ा है। असल नुकसान तो भावनात्मक है।
वो पुरानी कहानी जो आज तक चल रही है
देखिए न, ये सारा मामला 1947 के बंटवारे से जुड़ा हुआ है। सैफ के दादा नवाब इफ्तिखार अली खान पटौदी भोपाल के आखिरी शासक थे। पर जब देश बंटा, तो परिवार के कुछ लोग पाकिस्तान चले गए। अब यहां मजा आ गया – 1968 में सरकार ने ‘Enemy Property Act’ बनाया। मतलब साफ था – जो पाकिस्तान गए, उनकी यहां की संपत्ति सरकार की होगी। सीधी सी बात है न?
अब सैफ और उनकी मां शर्मिला टैगोर ने तो सालों तक इस पर दावा ठोका। एक समय तो लगा कि जीत ही गए, क्योंकि निचली अदालत ने उनके पक्ष में फैसला दे दिया था। लेकिन अब हाई कोर्ट ने कहा – “नहीं भाई, ये तो ‘Enemy Property’ है।” कारण? क्योंकि नवाब के कुछ वारिस पाकिस्तान में हैं। सच कहूं तो ये कानून का पेचीदा मामला है।
कोर्ट के फैसले ने क्या बदला?
अब यहां दो बड़े सवाल उठते हैं। पहला तो ये कि अब ये ऐतिहासिक संपत्ति सरकार के हाथ में जाएगी। दूसरा और ज्यादा दिलचस्प – पाकिस्तान में बैठे उनके रिश्तेदार भी दावा कर सकते हैं! यानी मामला और उलझ गया। ईमानदारी से कहूं तो ये फैसला ‘Enemy Property Act’ को बहुत सख्ती से लागू करने जैसा है।
कानून के जानकार कह रहे हैं कि इसका असर देश भर की ऐसी ही संपत्तियों पर पड़ेगा। वहीं भोपाल के लोग खुश हैं – उनका कहना है कि ये ऐतिहासिक धरोहर है, जिसे सरकार को संभालना चाहिए। सही भी तो है न?
अब आगे क्या?
अभी तक तो सैफ की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। लेकिन अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। पर सोचिए अगर वहां भी यही फैसला रहा तो? फिर तो ये संपत्ति सरकार की हो जाएगी। पक्का।
ये केस सिर्फ एक अभिनेता की संपत्ति तक सीमित नहीं है। असल में ये तो उन पुराने घावों को फिर से हरा कर देता है जो 1947 के बंटवारे से बचे हैं। सवाल ये है कि क्या सैफ इस लड़ाई को जीत पाएंगे? या फिर भोपाल की ये शाही विरासत सच में सरकार के हाथों में चली जाएगी? वक्त ही बताएगा। पर एक बात तो तय है – ये मामला बहुत चर्चा में रहेगा!
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अरे भाई, बॉलीवुड के इस राजकुमार और उनकी संपत्ति का मामला कितना दिलचस्प है ना? चलिए, आज बात करते हैं इस पूरे विवाद की – बिना किसी लाग-लपेट के!
1. सैफ की ये बेशकीमती संपत्ति सरकार के हाथ कैसे लगी?
देखिए, मामला कुछ यूँ है – सैफ अली खान के पुरखों की ये प्रॉपर्टी ‘Enemy Property’ कानून के चक्कर में फँस गई। असल में, 1962 और 1965 की जंग के बाद जो लोग भारत छोड़कर पाकिस्तान चले गए थे, उनकी संपत्तियों को लेकर ये कानून बना था। और यहाँ दिक्कत ये हुई कि सैफ के दादा जान भी पाकिस्तान शिफ्ट हो गए थे। बस फिर क्या था, सरकार ने हाथ साफ कर दिए!
2. ‘दुश्मन की संपत्ति’… ये आखिर है क्या बला?
अच्छा सवाल! इसे ऐसे समझिए – जब दो देश आपस में लड़ते हैं, तो एक देश के लोग अगर दूसरे देश चले जाएँ, तो उनकी छोड़ी हुई जायदाद को ‘दुश्मन की संपत्ति’ कहते हैं। है न मजेदार? भारत-पाक युद्ध के समय की ये प्रॉपर्टी अब सरकार के पास चली जाती है। कानूनी तौर पर, बिल्कुल सही।
3. क्या सैफ अपनी इस विरासत को वापस पा सकते हैं?
अभी तो ये केस कोर्ट की लंबी गलियारों में भटक रहा है। सैफ का दावा है कि उनके दादा ने कभी पाकिस्तानी नागरिकता ही नहीं ली थी। तो फिर संपत्ति पर उनका हक क्यों नहीं? लेकिन यार, अदालत का फैसला आने तक सब अंधेरे में ही है। इंतज़ार कीजिए!
4. ये प्रॉपर्टी कहाँ है और कितनी कीमती है?
अरे भई, ये तो मुंबई के पोइसर इलाके में है – जहाँ 3 शानदार बंगले और पूरे 15 एकड़ जमीन! कुल मिलाकर इसकी कीमत? सुनकर चौंक जाइए – लगभग 15,000 करोड़ रुपये! सच कहूँ तो बॉलीवुड के इतिहास में शायद ही कोई इतना बड़ा प्रॉपर्टी केस रहा हो।
तो कैसा लगा आपको ये पूरा मामला? है न दिलचस्प? अगर कोई सवाल हो तो कमेंट में जरूर पूछिएगा!
Source: Navbharat Times – Default | Secondary News Source: Pulsivic.com