920 करोड़ का जंगी जहाज: एक महीने तक धूल खाने के बाद अचानक रातों-रात गायब क्यों हो गया?
अरे भाई, क्या कहानी है ये! ब्रिटेन का F-35B fighter jet – जिसकी कीमत हमारे 920 करोड़ रुपये (सुनकर चक्कर आ जाए!) – पिछले एक महीने से तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर बैठा था जैसे कोई नौकरी की तलाश में बैठा बेरोजगार युवा। ये दुनिया के सबसे advanced stealth जहाजों में से एक है, Lockheed Martin का बनाया हुआ। पर अचानक… छुपकर, चुपके से… रातों-रात गायब! अब सवाल ये है कि इतने दिन तक यहाँ क्यों पड़ा रहा? और फिर इतनी जल्दबाजी में क्यों हटाया गया? कुछ तो गड़बड़ है…
पूरी कहानी क्या है?
देखिए, F-35B कोई साधारण जहाज नहीं है। दुनिया की ताकतवर वायुसेनाएँ इस पर नाज करती हैं। पर हमारे यहाँ? अरे, तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर emergency landing करवा लिया। एक महीने तक एयरपोर्ट पर खड़ा रहा – जैसे कोई स्टार्टअप वाला इन्वेस्टर का इंतज़ार कर रहा हो। लोग तो इसे देखने आते थे, selfies लेते थे, पर सरकारी बाबू? चुप्पी… पूरी की पूरी चुप्पी! ऐसा लगता था जैसे कोई राजनीतिक पार्टी चुनाव हारने के बाद press conference से भाग रही हो। सच बताऊँ? मुझे तो लगता है technology की चोरी का कोई गेम चल रहा था। आपको नहीं लगता?
रात की अँधेरी में क्या हुआ?
अब ये सबसे मजेदार हिस्सा है! एक दिन अचानक – रात के अँधेरे में – जैसे कोई बॉलीवुड थ्रिलर हो – जहाज गायब! सूत्रों का कहना है (वो भी नाम न बताने वाले सूत्र!) कि इसे किसी सुरक्षित जगह ले जाया गया। भारतीय और ब्रिटिश एजेंसियाँ मिलकर काम कर रही थीं, जैसे कोई साउथ इंडियन फिल्म का item song चल रहा हो। अब मरम्मत चल रही है, पर जानकारी? वो भी classified! ब्रिटेन से विशेषज्ञ आए हैं… पर engine की खराबी का किस्सा कितना सच्चा है? मुझे तो लगता है ये सिर्फ cover story है।
लोग क्या कह रहे हैं?
विशेषज्ञों का कहना है – “F-35B की मरम्मत बहुत sensitive मामला है।” (अरे वाह, नया क्या बताया!) स्थानीय अधिकारी? उनका तो एक ही राग – “classified है सर, classified!” सोशल मीडिया पर तो मजा आ गया। कोई कह रहा है spy operation, कोई कह रहा है secret deal… कुछ लोग तो ये भी कह रहे हैं कि ये सब नेताओं के foreign trip की तरह है – खर्चा बहुत, फायदा… अल्लाह मालिक!
आगे क्या होगा?
अब देखना ये है कि ये सिलसिला कहाँ जाकर रुकेगा। जहाज ठीक होगा तो क्या ब्रिटेन वापस जाएगा? या फिर हमारे यहाँ ही test किया जाएगा? कुछ analysts तो ये भी कह रहे हैं कि इससे भारत-ब्रिटेन relations और मजबूत होंगे। पर सच पूछो तो… एक सवाल तो मन में आता ही है – इतने महंगे military equipment को public एयरपोर्ट पर इतने दिन क्यों रखा गया? जैसे कोई अपना स्मार्टफोन ऑटो वाले को पकड़ा दे और कहे – “रखना, कल लेने आऊँगा!” अभी तो ये पूरा मामला उस पुराने साबुन के विज्ञापन जैसा है – “क्या है इसका रहस्य? जानने के लिए बने रहिए हमारे साथ!”
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तो अब सारा माजरा समझ आया, न? 920 करोड़ का जंगी जहाज, जो महीनों से कहीं पड़ा धूल खा रहा था, अचानक रातों-रात गायब हो गया। असल में, यह कोई आम शिफ्टिंग नहीं थी – इसमें हमारी सुरक्षा का सवाल जुड़ा हुआ था। ईमानदारी से कहूं तो, ऐसे फैसले अक्सर हमें अजीब लगते हैं… जब तक पूरी कहानी पता न चले।
देखा जाए तो यह घटना एक बड़ी सीख देती है – हर बड़े मूव के पीछे कोई न कोई गहरी चाल होती है। वैसे, आपको क्या लगता है? क्या यह सही वक्त पर लिया गया फैसला था या फिर…? नीचे comment में अपनी राय जरूर शेयर करें!
(एक छोटी सी बात – कभी-कभी सरकारी फैसले पहेली जैसे लगते हैं, है न? लेकिन धैर्य रखें, जवाब मिल ही जाता है!)
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com