चीन का ‘हिटलर’ शी जिनपिंग: 6 बार मौत के मुंह से कैसे बचा? गैंग ऑफ फोर का प्लान फेल क्यों हुआ?
अरे भाई, चीन की राजनीति तो इन दिनों एक थ्रिलर मूवी से कम नहीं! आपने सुना नहीं? चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ ऐसी साजिश सामने आई है जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। सच कहूं तो मुझे पढ़ते हुए भी यकीन नहीं हो रहा – पिछले कुछ महीनों में 6 बार हत्या का प्रयास! और सबसे हैरानी की बात? ये साजिश उनकी अपनी कम्युनिस्ट पार्टी के अंदर से ही रची गई थी। वही पुराना ‘Gang of Four‘ गुट जो माओ के ज़माने से ही परेशानी खड़ी करता आया है। अब सवाल यह है कि क्या ये सब BRICS Summit से उनकी गायबी से जुड़ा है? क्योंकि भईया, अचानक से अनुपस्थित रहना और फिर ये खुलासे… कुछ तो गड़बड़ है न?
शी जिनपिंग बनाम गैंग ऑफ फोर: चीन की अंदरूनी जंग
देखिए न, शी जिनपिंग को तो आजकल ‘आजीवन राष्ट्रपति’ बनने का शौक चढ़ा हुआ है। लेकिन यार, इतनी ताकत एक व्यक्ति के हाथ में… किसी को अच्छा लगेगा? खासकर उन लोगों को जो दशकों से सत्ता के गलियारों में घूम रहे हैं। ‘Gang of Four’ वालों का तो जैसे खून खौल रहा होगा! एक तरफ तो शी जिनपिंग ने अपने सारे विरोधियों को साफ कर दिया, दूसरी तरफ ये गुट तख्तापलट की साजिश रच रहा था। इतिहास देखें तो यही गुट 1976 में माओ की मौत के बाद भी सत्ता हथियाने की कोशिश कर चुका है। अब समझ आया न कि मामला कितना गंभीर है?
जहर से लेकर हत्या तक: 6 प्रयास और एक रहस्यमयी गायबी
अब ये सुनिए – चीनी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक इन लोगों ने जहर देने से लेकर सीधे हमले तक, हर तरह के 6 प्रयास किए! एक बार तो बस… बाल-बाल बचे होंगे शी जिनपिंग। और फिर अचानक BRICS Summit से गायब हो जाना? ये कोई संयोग नहीं हो सकता। सच पूछो तो मुझे लगता है या तो वाकई में उनकी सेहत खराब है, या फिर वो इस पूरे मामले को संभालने में व्यस्त हैं। कुछ तो है जो हमें नहीं बताया जा रहा!
चीन की प्रतिक्रिया और दुनिया की प्रतिक्रिया: कौन क्या कह रहा है?
और हां, चीनी सरकार तो हमेशा की तरह ‘सब कुछ नॉर्मल है’ वाला राग अलाप रही है। लेकिन यार, political analysts की बात सुनिए – वो कह रहे हैं कि ये सब चीन के अंदर चल रही सत्ता की जंग का सिर्फ एक हिस्सा है। ट्विटर पर तो हाहाकार मचा हुआ है! कुछ लोग तो यहां तक कह रहे हैं कि शायद हम चीन में एक बड़े राजनीतिक भूचाल के कगार पर खड़े हैं। पर सच्चाई? वो तो शायद बीजिंग की दीवारों के भीतर ही किसी को पता होगी।
आगे क्या? चीन की सत्ता में भूचाल आने वाला है?
अब अगर शी जिनपिंग लंबे समय तक गायब रहे तो? भईया, चीन में तो सुनामी आ जाएगी! ‘Gang of Four’ के खिलाफ तो कार्रवाई होगी ही, लेकिन असली मज़ा तो तब आएगा जब पार्टी के अंदर सफाई अभियान शुरू होगा। और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर? America और Taiwan वाले तो मौके की ताक में ही बैठे होंगे। एक तरह से देखें तो ये पूरा मामला चीन की उस ‘परफेक्ट इमेज’ पर सवाल खड़ा कर देता है जिसे वो दुनिया के सामने पेश करता है।
सच कहूं तो ये सब पढ़कर लगता है कि चीन की सत्ता के गलियारों में जो चल रहा है, वो हम जो समझ रहे हैं उससे कहीं ज्यादा गहरा और खतरनाक है। और शी जिनपिंग? उनका भविष्य अब एक बड़ा सवाल बन गया है। देखते हैं आगे क्या होता है… क्योंकि चीन में तो अक्सर वही होता है जिसकी किसी को उम्मीद नहीं होती!
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शी जिनपिंग पर हत्या की साजिश और गैंग ऑफ फोर – क्या सच में ये सब हुआ था?
1. शी जिनपिंग पर हत्या की साजिश… पर क्यों?
असल में बात ये है कि चीन की सत्ता हमेशा से ही एक जटिल खेल रही है। शी जिनपिंग ने जब से पावर को और केंद्रित किया, तब से कुछ लोगों को ये बिल्कुल पसंद नहीं आया। ठीक वैसे ही जैसे कोई बच्चा अपने खिलौने किसी और के साथ शेयर न करे! तो अब सवाल यह उठता है कि क्या ये सिर्फ सत्ता की लड़ाई थी? जी हां, बिल्कुल।
2. गैंग ऑफ फोर – कौन थे ये लोग और क्या चाहते थे?
देखिए, 1970s का वो दौर जब चीन की कम्युनिस्ट पार्टी में अंदर ही अंदर खींचतान चल रही थी। गैंग ऑफ फोर उसी की एक उपज थी। ये लोग शी जिनपिंग को हटाकर खुद सत्ता में आना चाहते थे। लेकिन यार, प्लान तो बड़ा बनाया था, पर execution में धड़ा-धड़ गड़बड़ हो गया। कुछ-कुछ वैसा ही जैसे हमारे यहां फिल्मों में विलेन का प्लान अंत में फेल हो जाता है!
3. शी जिनपिंग पर कितनी बार जानलेवा हमले हुए?
सुनकर हैरानी होगी – पूरे 6 बार! पर यहां सबसे दिलचस्प बात ये है कि हर बार उनकी सुरक्षा टीम ने कामयाबी से इन्हें नाकाम कर दिया। एक तरफ तो ये शी जिनपिंग की सुरक्षा व्यवस्था की ताकत दिखाता है, लेकिन दूसरी तरफ ये सवाल भी खड़ा करता है कि आखिर इतने हमले क्यों?
4. क्या अब शी जिनपिंग की सुरक्षा और भी सख्त हो गई है?
अरे भाई, बिल्कुल! अब तो उनके आसपास का सिक्योरिटी सिस्टम देखकर लगता है जैसे किसी हॉलीवुड साइंस फिक्शन मूवी का सीन हो। हाई-टेक गैजेट्स, चुनिंदा भरोसेमंद लोगों की टीम… सच कहूं तो अब तो एक पत्थर भी उन तक पहुंच नहीं सकता। पर सवाल ये है कि क्या ये सब पर्याप्त है? वक्त ही बताएगा।
एकदम ज़बरदस्त। सच में।
Source: Navbharat Times – Default | Secondary News Source: Pulsivic.com