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“IAS अधिकारी को HC की सख़्त फटकार: ‘खुद को कोर्ट से ऊपर समझते हैं, हम पॉवर दिखाएंगे'”

IAS अधिकारी को HC की धमकी: “कोर्ट को चुनौती देने की हिम्मत?”

बात चेन्नई की है, और सीन कुछ ऐसा है – मद्रास हाईकोर्ट का गुस्सा फूट पड़ा एक IAS अधिकारी पर। सच कहूं तो, ये कोई सामान्य फटकार नहीं थी। जस्टिस साहब ने सीधे-सीधे पूछ लिया, “क्या तुम्हें लगता है तुम कोर्ट से ऊपर हो? हम दिखा देंगे असली पॉवर क्या होती है!” और ये सुनकर तो पूरा प्रशासनिक तंत्र ही ठन्डक गया।

असल मसला क्या है?

देखिए, पूरी कहानी शुरू होती है अवैध निर्माण से। वो जो हमारे शहरों में अमीर-गरीब सब करते रहते हैं न? कोर्ट ने पहले ही निगम आयुक्त को इन पर कार्रवाई का आदेश दिया था। लेकिन… (हमेशा की तरह) कागजों में ही सबकुछ अटका रहा। जस्टिस ने इसे “बेहद शर्मनाक और अदालत की अवहेलना” बताया। सच में, ऐसा लग रहा था जैसे अधिकारी सोच रहे हों – “कोर्ट वाले क्या कर लेंगे?”

कोर्ट का गुस्सा – सिर्फ एक चेतावनी नहीं

अब यहां मजा आता है। हाईकोर्ट ने साफ़-साफ़ कह दिया – “ये मजाक नहीं है भाई!” जस्टिस ने याद दिलाया कि अदालतें कोई सामान्य संस्था नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्थाएं हैं। और IAS भी उनके सामने झुकते हैं। एक तरह से कहें तो, ये सीधा संदेश था – “हम तुम्हारी मनमानी बर्दाश्त नहीं करेंगे।”

राजनीति गरमाई, जनता खुश

अब जाहिर है, ऐसे मौके पर राजनीतिक दल पीछे कैसे रहते? विपक्ष ने तो मानो सरकार पर टूट पड़ा – “देखो प्रशासन कैसे चल रहा है!” वहीं आम जनता और सोशल एक्टिविस्ट्स खुश हैं। उनका कहना है – “अब तो कोर्ट को ही ऐसे अधिकारियों को सबक सिखाना पड़ेगा।” हालांकि, IAS एसोसिएशन की तरफ से अभी तक कोई बयान नहीं आया है। लेकिन अंदरूनी सूत्र बता रहे हैं कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।

अब क्या? 48 घंटे का अल्टीमेटम!

कोर्ट ने अधिकारी को अगले 48 घंटे में जवाब देने को कहा है। नहीं तो… अवमानना केस की तैयारी शुरू। विशेषज्ञ कह रहे हैं कि ये मामला सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं है। असल में ये न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच की ताकत की लड़ाई है। और अगर तनाव बढ़ा, तो राज्य सरकार को भी बीच में आना पड़ सकता है।

सच पूछो तो, ये केस हमें एक बड़ा सवाल देकर जाता है – क्या हमारे यहां अधिकारी वाकई में जवाबदेह हैं? या फिर वो सोचते हैं कि उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकती? कोर्ट ने तो अपना संदेश दे दिया है। अब देखना है कि प्रशासन इससे क्या सबक लेता है। वरना… कीमत चुकानी पड़ सकती है। बड़ी भारी!

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Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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