यूपी में नेपाल बॉर्डर के पास बुलडोजर एक्शन: योगी सरकार का ‘जीरो टॉलरेंस’ वाला स्टैंड
क्या आपने कभी सोचा था कि एक छोटी सी मज़ार इतना बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर देगी? मंगलवार को श्रावस्ती में ठीक यही हुआ। योगी सरकार ने नेपाल बॉर्डर के पास भिनगा-सिरसिया रोड पर बनी एक अवैध मज़ार को बुलडोजर चला दिया। और देखते ही देखते ये केस सिर्फ अतिक्रमण हटाने से बढ़कर एक नेशनल डिबेट बन गया।
असल में बात ये है कि ये मज़ार नगरपालिका की जमीन पर कब्जा करके बनाई गई थी। स्थानीय अधिकारी तो कह रहे हैं कि ये कार्रवाई रूटीन का हिस्सा थी, लेकिन आप और हम जानते हैं कि UP में बुलडोजर का मतलब सिर्फ इमारत गिराना नहीं, एक मैसेज देना होता है। है न?
पर सवाल ये उठता है कि अचानक इतनी जल्दी क्यों? दरअसल, ये मज़ार पिछले कई सालों से विवादों में थी। प्रशासन का कहना है कि उन्होंने कई नोटिस दिए, वॉर्निंग दी, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। और अब जब योगी सरकार ने अतिक्रमण के खिलाफ मुहिम छेड़ी है, तो ये केस टारगेट लिस्ट में आ गया।
कार्रवाई के बाद का सीन कुछ ऐसा था – पुलिस का भारी पहरा, प्रशासन के ऑफिसर मौजूद, और बुलडोजर चलते ही मज़ार का ढांचा धराशायी। अब उस जगह को साफ करके कुछ और बनाया जाएगा। पर यहां सबसे दिलचस्प बात ये है कि लोगों की प्रतिक्रिया। कुछ लोग खुश हैं कि अवैध निर्माण हटा, तो कुछ का कहना है कि ये धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसा है।
राजनीति की बात करें तो… अरे भई, क्या बताऊं! सरकार कह रही है कि ये कानून का शासन है, विपक्ष चिल्ला रहा है कि ये हिंदुत्व एजेंडा है। और बीच में फंसे हैं आम लोग, जिनके लिए ये मसला सियासत से ज्यादा रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ा है।
अब आगे क्या? मेरा अनुमान है कि ये सिर्फ शुरुआत है। योगी सरकार इसी तरह के और एक्शन ले सकती है। विपक्ष इसे इश्यू बनाएगा। और सोशल मीडिया पर तो #BulldozerJustice और #ReligiousPolitics ट्रेंड कर ही रहा है।
सच कहूं तो, ये पूरा मामला एक पहेली की तरह है। एक तरफ कानून का पालन, दूसरी तरफ धार्मिक भावनाएं। बैलेंस बनाना मुश्किल है, लेकिन यूपी सरकार तो अपने अंदाज में ही चल रही है। आपको क्या लगता है – ये सही कदम था या फिर…?
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Source: NDTV Khabar – Latest | Secondary News Source: Pulsivic.com