बिहार में आशा वर्कर्स को मिला बड़ा तोहफा! सीएम नीतीश ने मानदेय 3 गुना बढ़ाया
अरे वाह! बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आखिरकार आशा वर्कर्स (ASHA Workers) के लिए वो किया जिसका इंतज़ार सालों से था। उनके मासिक मानदेय को तीन गुना करने का ऐलान! सच कहूँ तो ये कोई छोटी बात नहीं है। आशा वर्कर्स, जो गाँव-गाँव जाकर लोगों की जान बचाती हैं, आखिरकार उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन हुआ है।
मामले की पृष्ठभूमि: थोड़ा पीछे चलते हैं
देखिए, आशा वर्कर्स (Accredited Social Health Activists) का काम वैसे भी बहुत मुश्किल है। सुबह से शाम तक टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल, नवजात बच्चों का ख्याल रखना – और ये सब महज 3,000 रुपये में! अब आप ही बताइए, क्या ये उनकी मेहनत के लायक था? खासकर बिहार जैसे राज्य में जहाँ हेल्थकेयर की हालत पहले से ही खस्ता है। पिछले कुछ सालों से ये लड़कियाँ अपने हक़ के लिए आवाज़ उठा रही थीं। लगता है आखिरकार उनकी आवाज़ सुनी गई।
क्या है नया अपडेट?
तो सुनिए! अब आशा वर्कर्स को मिलेंगे 10,000 रुपये महीना। यानी पहले से 233% ज्यादा! सच बताऊँ? ये तो वैसा ही है जैसे किसी को रोज 100 रुपये मिलते थे और अचानक 333 रुपये मिलने लगें। इसके अलावा सरकार ने कुछ और सुविधाएँ देने का भी वादा किया है। पर सवाल यह है कि क्या ये सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहेगा या असल में लागू होगा? वैसे अगर ऐसा होता है तो ये बिहार के हेल्थकेयर सिस्टम के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
लोग क्या कह रहे हैं?
अब जाहिर है, हर कोई अपनी-अपनी रोटी सेक रहा है। आशा वर्कर्स तो खुशी से झूम रही हैं – और हो भी क्यों न? उनके लिए ये सच में ऐतिहासिक दिन है। पर राजनीति वालों ने अपना राग अलापना शुरू कर दिया है। विपक्ष कह रहा है “चुनावी जुमला”, तो सरकार वाले इसे “सामाजिक न्याय” बता रहे हैं। असल में सच्चाई शायद बीच में कहीं है। एक बात तो तय है – इससे गाँवों में स्वास्थ्य सेवाएँ और बेहतर होंगी।
आगे क्या होगा?
अब देखना ये है कि ये फैसला दूसरे राज्यों पर क्या असर डालेगा। मेरा मानना है कि अब दूसरी राज्य सरकारों के पास भी आशा वर्कर्स की मांगों को नज़रअंदाज़ करने का कोई बहाना नहीं बचेगा। और हाँ, अब सरकार को इन वर्कर्स के ट्रेनिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी ध्यान देना होगा। वरना पैसा तो बढ़ गया, पर काम करने की स्थितियाँ वही रहीं तो क्या फायदा?
अंत में बस इतना कहूँगा – ये फैसला सिर्फ पैसे की बात नहीं है। ये उन लाखों महिलाओं को सम्मान देने की बात है जो बिना किसी शोर-शराबे के समाज की सेवा कर रही हैं। अगर ईमानदारी से लागू हो तो ये बिहार के स्वास्थ्य तंत्र को नई दिशा दे सकता है। बस, अब देखना ये है कि जमीन पर क्या होता है!
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सुनकर अच्छा लगा ना? हाल ही में बिग ब्रेकिंग न्यूज़ आई है बिहार की ASHA Workers के लिए। अब सवाल यह है कि ये बदलाव आपके लिए कितना फायदेमंद होगा? चलिए एक-एक करके समझते हैं…
1. पहले तो ये बताओ, मानदेय में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
अरे भई, सीएम नीतीश कुमार ने तो बम्पर ऐलान कर दिया! ASHA Workers का मानदेय अब पहले से तीन गुना होगा। मतलब साफ है – जेब में पैसा ज्यादा आएगा। पर सच कहूँ तो ये बढ़ोतरी तो बहुत दिन से देरी से हो रही थी।
2. सबसे बड़ा सवाल – ये नया पेमेंट कब से मिलेगा?
देखिए, अभी तक official नोटिफिकेशन का इंतज़ार है। लेकिन सीएम साहब ने खुद कहा है कि जल्द ही – शायद अगले कुछ महीनों में – ये लागू हो जाएगा। सरकारी कामों की स्पीड तो आप जानते ही हैं ना? थोड़ा patience रखना पड़ेगा।
3. क्या ये स्कीम सभी ASHA Workers के लिए है या कुछ खास लोगों के लिए?
नहीं-नहीं, यहाँ कोई भेदभाव नहीं! बिहार के हर एक ASHA Worker को ये बेनिफिट मिलेगा। चाहे वो शहर की हो या गाँव की। एक तरह से ये सभी के लिए बराबर का मौका है।
4. पैसे के अलावा और क्या-क्या मिल रहा है?
असल में ये तो सिर्फ शुरुआत है। सूत्रों के मुताबिक, insurance जैसे दूसरे benefits भी आने वाले हैं। सरकार उनके काम को थोड़ा आसान बनाने के लिए नए plans पर काम कर रही है। मतलब ये कि अभी और अच्छी खबरें आनी बाकी हैं!
एक बात और – अगर आप खुद ASHA Worker हैं या किसी को जानते हैं, तो official नोटिफिकेशन का इंतज़ार जरूर करें। क्योंकि सरकारी योजनाओं में details बहुत मायने रखती हैं। है ना?
Source: NDTV Khabar – Latest | Secondary News Source: Pulsivic.com