एयरपोर्ट पर ‘ज्वेलरी विवाद’ – जब छुट्टी का मज़ा बन गया कोर्ट-कचहरी का मामला!
कभी सोचा है कि एक शॉपिंग ट्रिप कैसे आपकी ज़िंदगी की सबसे बड़ी हेडेक बन सकती है? मैडम मस्ती की कहानी सुनिए! थाईलैंड से लौटते वक्त दिल्ली एयरपोर्ट पर उनके साथ जो हुआ, वो तो किसी बॉलीवुड फिल्म का प्लॉट लगता है। सीधे शब्दों में कहें तो – कस्टम वालों ने उनकी ज्वेलरी पकड़ ली, और अब मामला हाईकोर्ट तक पहुँच गया। है न मज़ेदार?
पूरा ड्रामा क्या था?
कहानी शुरू होती है थाईलैंड के मस्ती भरे टूर से। मस्ती जी (अब तो सेलेब्रिटी बन चुकी हैं!) वापसी पर वही ज्वेलरी पहनकर आईं जो उन्होंने वहाँ खरीदी थी। अब यहाँ आता है मसला – भारत के नियम कहते हैं ₹50,000 से ऊपर की चीज़ डिक्लेयर करो। पर सवाल ये कि… जो आप पहनकर आ रहे हैं, वो भी? असल में, कस्टम वालों का कहना है कि उन्होंने वैल्यू छुपाई, जबकि मस्ती जी का साइड – “ये तो मेरे पर्सनल यूज़ का सामान था!”
कोर्ट ने दिया नोटिस – अब बनेगा इतिहास!
कस्टम वालों ने न सिर्फ ज्वेलरी रोकी, बल्कि एक डरावना सा लीगल नोटिस भी थमा दिया। अब मस्ती जी ने क्या किया? सीधे हाईकोर्ट पहुँच गईं! और है न मजे की बात – कोर्ट ने मामला सुनने के लिए तुरंत डेट दे दी। देखिए न, कभी-कभी सिस्टम भी तेज़ी से काम करता है!
दोनों तरफ के तर्क – कौन सही?
मस्ती जी का रोना-धोना: “मैंने तो बस शॉपिंग की थी, ये मेरी मेहनत की कमाई है!” वहीं कस्टम वाले अपनी रट लगाए हुए हैं – “नियम तो नियम होता है सर!” एक वकील साहब ने बीच का रास्ता सुझाया: “अगर सच में पर्सनल यूज़ है तो जब्ती गलत। पर सबूत कौन देगा?” सच कहूँ तो दोनों ही साइड के पास वाजिब पॉइंट्स हैं।
अब क्या? इंतज़ार की घड़ी…
अब पूरा देश हाईकोर्ट के फैसले का इंतज़ार कर रहा है। अगर मस्ती जी जीत गईं, तो शायद कस्टम वालों को ज्वेलरी वापस करनी पड़े। पर एक बड़ा सबक तो मिल ही गया – विदेश से लाई हर चीज़ पर DGFT की नज़र! है न?
ये केस सिर्फ़ एक ज्वेलरी का मामला नहीं, बल्कि हम सबके ट्रैवल एक्सपीरियंस का सवाल है। अगली बार फ्लाइट पकड़ने से पहले कस्टम रूल्स चेक कर लेना। वरना… आपकी छुट्टियाँ भी कोर्ट के चक्कर में कट सकती हैं!
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Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com