हरियाणा सरकार की ये अनोखी योजना आपको हैरान कर देगी! जमीन गोद लेने पर क्या है शर्त?
दोस्तों, हरियाणा सरकार ने एनसीआर में हरियाली बढ़ाने के लिए एक बेहद दिलचस्प योजना लॉन्च की है। नाम है “मातृ वन योजना” – सुनने में तो बड़ा भावुक नाम लगता है न? असल में ये है क्या? सरकार रियल एस्टेट डेवलपर्स को फ्री में जमीन दे रही है। लेकिन… हमेशा की तरह एक पेंच है! डेवलपर्स को इस जमीन पर पेड़ लगाने होंगे और उनकी देखभाल भी करनी होगी। सच कहूं तो ये आइडिया काफी अच्छा लगता है, खासकर जब हर तरफ प्रदूषण और कंक्रीट के जंगल बढ़ते जा रहे हैं।
आखिर क्यों जरूरी हो गई ये योजना?
असल में देखा जाए तो पिछले कुछ सालों में हरियाणा, खासकर एनसीआर इलाका, एकदम बदल गया है। मॉल्स, हाउसिंग सोसाइटीज, फैक्ट्रियां – सब कुछ तो बढ़ा, लेकिन पेड़? उनकी संख्या लगातार घटती गई। ये ठीक वैसा ही है जैसे घर में फर्नीचर तो खूब भर लें, लेकिन खिड़कियां ही बंद कर दें! सरकार पहले भी “हरियाणा हरियाली योजना” जैसे प्रयास कर चुकी है, मगर इस बार उन्होंने सीधे रियल एस्टेट वालों को टारगेट किया है। स्मार्ट मूव है, है न?
क्या है इस योजना का पूरा गणित?
तो चलिए समझते हैं कि ये योजना कैसे काम करेगी। सरकार डेवलपर्स को फ्री में जमीन देगी (हां, बिल्कुल फ्री!), लेकिन उन्हें:
- पेड़ लगाने होंगे
- कम से कम 5 साल तक उनकी देखभाल करनी होगी
और हां, हर कोई इसका फायदा नहीं उठा सकेगा। सिर्फ वही डेवलपर्स जिनका पर्यावरण रिकॉर्ड क्लीन है। वन विभाग की टीम समय-समय पर चेक करेगी – अगर कोई ढिलाई दिखी तो जमीन वापस! थोड़ा सख्त जरूर है, पर जरूरी भी है।
लोग क्या कह रहे हैं इसके बारे में?
अब सवाल यह है कि लोगों की क्या राय है? कुछ बिल्डर्स तो इसे सराह रहे हैं, वहीं कुछ का कहना है कि ये उन पर एक्स्ट्रा बोझ डाल देगा। पर्यावरणविद् खुश जरूर हैं, मगर वो ये भी चाहते हैं कि सरकार सिर्फ कागजों तक ही सीमित न रहे। और आम जनता? वो तो बस यही चाहती है कि उनके इलाके का AQI सुधरे और थोड़ी फ्रेश हवा मिले। क्या ये ज्यादा मांग है?
आगे क्या होगा?
अगर ये योजना कामयाब रही तो? तो फिर इसे पूरे हरियाणा में लागू किया जा सकता है। पहले फेज में 100 हेक्टेयर पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा। और गलती करने वालों के लिए जुर्माना या जमीन वापसी जैसे सख्त नियम भी हैं। सच कहूं तो, अगर ठीक से इम्प्लीमेंट हो जाए तो ये योजना गेम-चेंजर साबित हो सकती है। पर याद रहे – हर अच्छी योजना की सफलता उसके इम्प्लीमेंटेशन पर ही निर्भर करती है।
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1. ये ‘जमीन गोद लेने’ वाली योजना आखिर है क्या बला?
देखिए, ये हरियाणा सरकार का एक दिलचस्प आइडिया है। सोचिए – आपके आस-पास वो बेकार पड़ी जमीन, जहाँ सिर्फ कंकड़-पत्थर दिखते हैं… उसे आप ‘गोद’ लेकर हरा-भरा बना सकते हैं! और हाँ, सरकार भी आपको इसके लिए कुछ खास फायदे देगी। कमाल की बात है न?
2. अच्छा, तो ये scheme किस-किस के लिए है?
सीधी बात – अगर आपके पास थोड़े पैसे और टेक्निकल नॉलेज है, तो आप apply कर सकते हैं। चाहे आप कोई व्यक्ति हों, NGO हो या फिर कोई company… बस Indian होना जरूरी है। वैसे, अगर आपके दोस्तों का ग्रुप भी करना चाहे तो वो भी ट्राई कर सकते हैं!
3. भईया, process बताइए न थोड़ा…
तो सुनिए – पहले तो आपको सरकारी website पर जाकर फॉर्म भरना होगा (हाँ, थोड़ा boring लगेगा, लेकिन करना पड़ेगा)। फिर सरकार वालों को आपका प्लान पसंद आया तो… वाह! जमीन आपकी। मतलब कुछ सालों के लिए आप उसकी देखभाल करने वाले बन जाएंगे। सरल है न?
4. अरे, पर इतनी जमीन मिलेगी तो जिम्मेदारी भी तो होगी न?
बिल्कुल! ये कोई पिकनिक स्पॉट तो है नहीं। आपको पेड़ लगाने होंगे, उनकी देखभाल करनी होगी… वो भी सरकार के rules के हिसाब से। और हाँ, थोड़ा-बहुत paperwork भी करना पड़ेगा – समय-समय पर report देनी होगी कि काम कैसा चल रहा है। लेकिन सोचिए, कुछ सालों में वो बंजर जमीन हरी-भरी हो जाएगी – क्या बात है!
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com