आधार, वोटर ID, पैन कार्ड: असली नागरिकता का प्रमाण कौन सा है?
देखिए, ये बात तो हम सब जानते हैं कि भारत में दस्तावेज़ों का जंगल सा लगा हुआ है। अब सरकार ने एक बड़ा स्पष्टीकरण देकर आधार कार्ड को लेकर चल रहे भ्रम का निपटारा कर दिया है। सीधी बात ये कि आधार कार्ड से आपकी नागरिकता साबित नहीं होती, चाहे इसमें आपकी उंगलियों के निशान ही क्यों न हों! मजे की बात ये है कि लोग इसे गलती से नागरिकता का प्रमाण समझने लगे थे। असल में तो पासपोर्ट, Birth Certificate, या फिर मैट्रिक का सर्टिफिकेट ही आपकी नागरिकता साबित कर सकते हैं। सरकार का ये कदम सही भी है, वरना कल को कोई विदेशी भी आधार बनवाकर खुद को भारतीय साबित करने लगे तो?
पूरा माजरा क्या है?
याद कीजिए 2009 का साल, जब आधार की शुरुआत हुई थी। UIDAI ने इसे बनाया था ताकि सरकारी योजनाओं का फायदा सही लोगों तक पहुंचे। लेकिन देखा जाए तो हम भारतीयों की आदत है न – हर चीज़ को अपने तरीके से समझ लेते हैं। आधार को लोग नागरिकता का प्रमाण समझ बैठे! हालांकि ये तो सिर्फ एक पहचान प्रमाण है, बिल्कुल वोटर ID या पैन कार्ड की तरह। अरे भई, पैन कार्ड तो सिर्फ टैक्स भरने के काम आता है, और वोटर ID सिर्फ वोट डालने के लिए। पर नहीं, हमें तो हर चीज़ में गहरा मतलब निकालना है!
अब क्या हुआ है?
तो अब सरकार ने 2024 के नए नियमों में साफ-साफ लिख दिया है कि आधार से नागरिकता साबित नहीं होगी। गृह मंत्रालय ने कहा है कि अगर आपको अपनी नागरिकता साबित करनी है तो Birth Certificate, पासपोर्ट या डोमिसाइल सर्टिफिकेट ही दिखाना होगा। UIDAI ने भी अपनी वेबसाइट पर ये बात क्लियर कर दी है। सच कहूं तो ये अच्छा ही हुआ, वरना कितने लोग गलत फायदा उठा रहे थे!
लोग क्या कह रहे हैं?
अब जैसा कि हमारे यहां होता है – हर बात पर दो राय! सरकार कहती है ये सही कदम है, तो विपक्ष वालों को लगता है ये सिर्फ भ्रम फैलाने वाली बात है। आम आदमी? उसकी तो हालत देखिए – कुछ को अब भी समझ नहीं आ रहा कि आधार और नागरिकता में क्या फर्क है। पर जिन्हें समझ आ गया, वो खुश हैं कि अब चीज़ें क्लियर हो गईं।
अब आपको क्या करना चाहिए?
सुनिए, अब आपको नागरिकता साबित करनी है तो पासपोर्ट या Birth Certificate की ओर रुख करना होगा। पर घबराइए मत, आधार अभी भी बैंकिंग और सरकारी योजनाओं के लिए ज़रूरी है। एक सलाह – अपने सभी दस्तावेज़ अपडेट रखिए। और हां, हर दस्तावेज़ का असली मकसद समझिए। वरना फिर कहीं आधार दिखाकर नागरिकता मांगने लगेंगे, और फिर…!
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आधार, वोटर ID और पैन कार्ड—ये तीनों दस्तावेज़ तो हमारी ज़िंदगी का हिस्सा बन चुके हैं, है न? लेकिन यहाँ एक बड़ी गलतफहमी है जो लोगों में फैली हुई है। देखिए, ये सभी documents बेहद ज़रूरी हैं, मगर… ये नागरिकता का प्रमाण नहीं देते! अजीब लगता है न? पर सच यही है।
असल में, हम में से ज़्यादातर लोग इन्हें citizenship proof समझ बैठते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ये सरकारी दस्तावेज़ हैं और हर जगह माँगे जाते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि नागरिकता साबित करने के लिए अलग criteria होते हैं।
तो अब सवाल यह उठता है—अगर ये नहीं, तो फिर क्या? खैर, यह थोड़ा complicated है, मगर चिंता की कोई बात नहीं। हम आपको step-by-step समझाएँगे। Legal awareness बढ़ाना तो वैसे भी आजकल की ज़रूरत है, है न? तो stay tuned!
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