अडानी ग्रुप को लगा भारी झटका! मार्केट कैप 7% गिरा, डीएलएफ फिर बाजार की बादशाहत पर काबिज
दोस्तों, भारतीय रियल एस्टेट की कहानी में एक नया मोड़ आया है। और ये मोड़ अडानी ग्रुप के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं है। सच कहूं तो, ये खबर सुनकर मुझे भी थोड़ा झटका लगा – अडानी रियल्टी का मार्केट कैप पिछले साल के मुकाबले 7% गिरकर सिर्फ 52,320 करोड़ रह गया है! यानी करीब-करीब एक छोटे से देश का बजट जितना पैसा तो बस भाप बनकर उड़ गया। और इसके साथ ही अडानी रियल्टी अब तीसरे नंबर पर खिसक गई है। वहीं डीएलएफ मस्ती में – फिर से नंबर वन की कुर्सी पर काबिज!
अब सवाल ये उठता है कि आखिर हुआ क्या? दरअसल, हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद से अडानी ग्रुप के शेयरों का रोलरकोस्टर राइड जारी है। और रियल्टी सेक्टर में तो जैसे निवेशकों का भरोसा ही उड़नछू होता जा रहा है। मजे की बात ये कि डीएलएफ इस सबके बीच भी अपनी fundamentals और project delivery के दम पर मस्त है। क्या बात है न?
तो ये हैं मुख्य बातें:
– अडानी रियल्टी का मार्केट कैप 52,320 करोड़ पर आ गिरा
– डीएलएफ अब सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी बन गई
– बाजार के अंदरूनी सूत्र कह रहे हैं कि ये गिरावट financial strategy में कमी और बाजार की अनिश्चितता का नतीजा है
और हां, अडानी ग्रुप के दूसरे शेयरों में भी मामूली गिरावट देखी गई है। पर सच पूछो तो ये “मामूली” शब्द का इस्तेमाल शायद उन निवेशकों के लिए सही नहीं जिनके पोर्टफोलियो में ये शेयर हैं!
अब सबसे दिलचस्प हिस्सा – लोग क्या कह रहे हैं? मार्केट एक्सपर्ट राजीव मेहता का कहना है, “ये गिरावट चिंताजनक जरूर है, लेकिन डीएलएफ का प्रदर्शन सेक्टर के लिए अच्छा संकेत है।” वहीं अडानी ग्रुप का कहना है कि वो “इस चुनौती से निपटने के लिए मजबूत रणनीति पर काम कर रहे हैं।” पर असली मजा तो एक retail investor प्रियंका शर्मा के कमेंट में है – “मैं तो अडानी से नाता तोड़कर डीएलएफ या किसी और की तरफ भागने का सोच रही हूं!” सच कहूं तो ये एक आम निवेशक की मानसिकता को बिल्कुल सही दिखाता है।
भविष्य की बात करें तो… देखिए, अडानी ग्रुप को अब जल्द से जल्द कुछ ठोस कदम उठाने होंगे। अगर ये गिरावट जारी रही तो? तब तो उन्हें निवेशकों का भरोसा वापस पाने के लिए कुछ बड़ा करना होगा। वहीं डीएलएफ और दूसरी कंपनियों के लिए ये सुनहरा मौका है। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले कुछ महीनों में सेक्टर में और हलचल देखने को मिलेगी। और तब कंपनियों का fundamentals और delivery record ही तय करेगा कि कौन टिकता है और कौन गिरता है!
एक बात और – अगर आप भी रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश करने का सोच रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए एक अच्छा सबक हो सकती है। क्या पता, कल को आपका पैसा भी किसी अडानी या डीएलएफ में फंस जाए! सोच-समझकर कदम बढ़ाइएगा।
अडानी ग्रुप का मार्केट कैप गिरा – क्या हो रहा है और क्या करें?
अडानी के शेयर्स में 7% की गिरावट – कारण क्या है?
देखिए, मार्केट में उतार-चढ़ाव तो होता रहता है। लेकिन इस बार की गिरावट की वजह कुछ ज्यादा ही दिलचस्प है। एक तरफ तो global economic conditions का असर है – वो तो हर कंपनी पर पड़ रहा है। लेकिन असल मसला है कुछ reports में अडानी के financial health को लेकर उठाए गए सवाल। सच कहूं तो, market sentiment भी थोड़ा खराब हुआ है। पर याद रखिए, ये short-term fluctuations हैं – जैसे मौसम बदलता है वैसे ही शेयर बाजार भी चलता है!
52,320 करोड़ का मार्केट कैप गिरना – कितनी बड़ी बात है?
अरे भई, नंबर तो बड़ा लगता है – इतना बड़ा कि दिल धक से हो जाए! लेकिन स्टॉक मार्केट का यही तो नेचर है न? एक दिन चढ़ाई, दूसरे दिन गिरावट। असल में देखा जाए तो long-term investors के लिए यह गिरावट शायद एक opportunity भी हो सकती है। बस जरूरत है company के fundamentals को समझने की – क्या growth potential है, क्या business model मजबूत है? यही सवाल अहम हैं।
क्या अभी अडानी के शेयर्स खरीदने का सही वक्त है?
यही तो सबसे मुश्किल सवाल है! मेरा मानना है कि… ईमानदारी से कहूं तो कोई भी आपको सीधा जवाब नहीं दे सकता। क्यों? क्योंकि यह पूरी तरह आप पर निर्भर करता है। आपकी investment strategy क्या है? Risk लेने की क्षमता कितनी है? मेरी सलाह? किसी अच्छे financial advisor से बात जरूर करें। और हां, proper research के बिना तो कदम ही न उठाएं!
क्या यह गिरावट पूरे stock market को डुबो देगी?
अडानी ग्रुप तो बड़ा player है ही – उसका असर तो indices पर दिखेगा ही। लेकिन सच यह है कि पूरा market किसी एक कंपनी से नहीं चलता। बाकी sectors कैसा perform कर रहे हैं? Global markets का क्या हाल है? RBI की policies क्या कह रही हैं? ये सभी factors मिलकर तय करते हैं market का long-term trend। तो घबराएं नहीं, समझें!
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com