दिल्ली एयरपोर्ट पर एयर इंडिया फ्लाइट में आग! पायलट ने किया इमरजेंसी लैंडिंग, यात्रियों में मचा हड़कंप
दिल्ली का इंदिरा गांधी एयरपोर्ट… जहां हर दिन सैकड़ों फ्लाइट्स आती-जाती हैं। लेकिन आज की घटना ने सबको झकझोर दिया। हांगकांग से आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-310 – लैंडिंग के वक्त ही इंजन में आग लग गई! सोचिए, आप विमान में बैठे हैं और अचानक ये सब हो रहा हो। डरावना नहीं तो और क्या? लेकिन पायलट ने जो किया वो सच में तारीफ़ के काबिल – एकदम सटीक इमरजेंसी लैंडिंग। भगवान का शुक्र है कि सभी यात्री सुरक्षित हैं। हालांकि, एयर इंडिया के लिए ये लगातार दूसरा झटका है। क्या ये सिर्फ़ एक दुर्भाग्य है या फिर कुछ और?
और सच कहूं तो, ये घटना ऐसे वक्त हुई है जब एयर इंडिया पहले ही अहमदाबाद हादसे के बाद से सुरक्षा को लेकर सवालों के घेरे में है। पिछले कुछ महीनों में तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायतें बढ़ी हैं। विशेषज्ञ कह रहे हैं – “ये सिर्फ़ एक एक्सीडेंट नहीं, मेंटेनेंस सिस्टम की फेलियर है।” और सच में, उनकी बात में दम लगता है।
अब ज़रा घटना के बाद के हालात पर नज़र डालें। एयरपोर्ट की इमरजेंसी टीम ने तुरंत आग पर काबू पा लिया – वैसे भी दिल्ली एयरपोर्ट की टीमें इन मामलों में काफी एक्सपीरियंस्ड हैं। सभी यात्रियों और crew members को सेफ्टी से निकाला गया – अब तक किसी के हर्ट होने की खबर नहीं। DGCA ने जांच शुरू कर दी है, और शुरुआती रिपोर्ट्स कह रही हैं कि इंजन में तकनीकी खराबी हो सकती है। लेकिन असल सवाल ये है कि ये खराबी आखिर हुई क्यों?
अब सबकी प्रतिक्रियाएं देखिए। एयर इंडिया का आधिकारिक बयान – वही पुरानी रट: “हम सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं…”। लेकिन एक यात्री ने जो बताया वो दिलचस्प है: “लैंडिंग के वक्त धुआं देखकर दिल धड़क गया, लेकिन पायलट और crew ने बखूबी हैंडल किया।” विमानन एक्सपर्ट्स की राय? “एयर इंडिया को अपने सेफ्टी सिस्टम पर अभी से काम करना होगा।” और ये सिर्फ़ सलाह नहीं, एक चेतावनी है।
अब सवाल ये कि आगे क्या? DGCA की रिपोर्ट आने के बाद शायद एयर इंडिया पर कार्रवाई हो। कंपनी को अपने सारे विमानों की जांच करानी पड़ेगी – जो कि उसे करनी भी चाहिए। लेकिन असल नुकसान तो कंपनी की विश्वसनीयता का हो रहा है। यात्री अब सोचेंगे – क्या एयर इंडिया में सफर करना सुरक्षित है? और हां, सरकार को भी अब इस मामले में दखल देना पड़ सकता है।
तो कुल मिलाकर? ये घटना एयर इंडिया के लिए एक और बड़ा झटका है। जांच चल रही है, लेकिन एक बात तो तय है – भारतीय एविएशन सेक्टर में सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को लेकर गंभीर बहस शुरू हो गई है। क्या ये वक्त है जब हमें और सख्त नियम बनाने चाहिए? क्या एयरलाइंस को और ज़्यादा जवाबदेह बनाना चाहिए? ये सवाल अब हवा में हैं… सचमुच।
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Source: Navbharat Times – Default | Secondary News Source: Pulsivic.com
