Apple का नया iPhone: क्या यह सच में इतना ज़बरदस्त है?
भाई, Apple ने फिर से कमाल कर दिया है! नया iPhone लॉन्च होते ही मार्केट में वही हलचल, वही चर्चा… पर सवाल यह है कि क्या यह सच में उतना खास है जितना दिखाया जा रहा है? मैंने इसे हाथों में लेकर टेस्ट किया, और सच कहूं तो – हां, यह काफी इंप्रेसिव है। लेकिन सिर्फ डिज़ाइन और ब्रांड वैल्यू के लिए 1 लाख+ खर्च करना सही है? चलिए डिटेल में समझते हैं।
डिज़ाइन: पहली नज़र में ही दिल जीत लेता है
अरे यार, Apple का डिज़ाइन तो हमेशा से ही क्लास अलग होता है। इस बार उन्होंने सिरेमिक शील्ड और स्टेनलेस स्टील का कॉम्बिनेशन दिया है – एकदम टैंक जैसा फील! हाथ में पकड़ने में जो कम्फर्ट मिलता है, वो शायद ही किसी और फोन में मिले। रंगों की बात करें तो Midnight वाला वेरिएंट तो सच में लुक्स के मामले में अव्वल है। पर सच बताऊं? ये ग्लास बैक वाले फोन्स फिंगरप्रिंट्स के लिए बिल्कुल भी दोस्ताना नहीं होते!
डिस्प्ले: आंखों का तारा या ज़्यादा हाइप?
देखिए, इस Super Retina XDR डिस्प्ले के बारे में तो बस इतना कहूंगा – अगर आपने इसे एक बार देख लिया, तो बाकी फोन्स की स्क्रीन फीकी लगने लगेगी। 120Hz रिफ्रेश रेट? बिल्कुल बटर स्मूथ। पर सच पूछो तो नॉर्मल यूज़ के लिए यह सब थोड़ा ओवरकिल है। हां, अगर आप हार्डकोर गेमर हैं या 4K कंटेंट देखने के शौकीन हैं, तब अलग बात है। धूप में विजिबिलिटी? एकदम टॉप-नॉच। लेकिन क्या यह सब फीचर्स रोज़मर्रा के यूज़ के लिए ज़रूरी हैं? यह आपको तय करना है।
परफॉर्मेंस: स्पीड डेमन या ज़रूरत से ज़्यादा?
A16 Bionic चिप? भाई, यह तो राकेट जैसी स्पीड देता है! मैंने तीन-तीन हेवी गेम्स एक साथ चलाए – कोई लैग नहीं, कोई हीटिंग नहीं। पर सच कहूं? अगर आप सिर्फ WhatsApp, YouTube और Instagram चलाने वाले यूज़र हैं, तो यह पावर आपके लिए वेस्ट ही रहेगी। 1TB स्टोरेज वाला वेरिएंट? उसकी कीमत सुनकर तो मेरा दिल ही बैठ गया!
कैमरा: इंस्टाग्रामर्स के लिए स्वर्ग
48MP कैमरा वाली बात सुनकर मैं भी एक्साइटेड हो गया था। और सच में, लो-लाइट फोटोग्राफी के मामले में यह बेस्ट-इन-क्लास है। नाइट मोड? जबरदस्त! पर एक कड़वा सच – अगर आप प्रोफेशनल फोटोग्राफर नहीं हैं, तो आप इसके 90% फीचर्स का इस्तेमाल ही नहीं कर पाएंगे। सेल्फी कैमरा? हां, बिल्कुल शानदार… पर क्या यह सब 20-25 हज़ार के Android फोन्स में नहीं मिल जाता?
बैटरी: दिनभर चलेगा, पर…
3200mAh सुनकर मन में सवाल उठना लाज़मी है। पर Apple का सॉफ्टवेयर ऑप्टिमाइजेशन कमाल का है – मीडियम यूज़ में पूरा दिन चल जाता है। फास्ट चार्जिंग? हां, 30 मिनट में 50% तक चार्ज हो जाता है… पर क्या आप जानते हैं कि 50 हज़ार के Android फोन्स में 65W चार्जिंग आ रही है? MagSafe? कूल फीचर है, पर एक्स्ट्रा पैसे खर्च करने पड़ेंगे।
अंतिम सच्चाई: खरीदें या नहीं?
खरीदें अगर: आपको बेस्ट-ऑफ-द-बेस्ट चाहिए, पैसा कोई इश्यू नहीं है, और आप Apple के इकोसिस्टम में पहले से हैं।
न खरीदें अगर: आप वैल्यू फॉर मनी चाहते हैं, ज़्यादातर बेसिक टास्क्स के लिए ही फोन यूज़ करते हैं, या Android के आदी हैं।
मेरी निजी राय? यह फोन बेहतरीन है, पर इसकी कीमत बहुत ज़्यादा है। अगर आप टेक एन्थूजियस्ट हैं और पैसा खर्च कर सकते हैं, तो ज़रूर लें। वरना 50-60 हज़ार के रेंज में भी आजकल कमाल के ऑप्शन्स मौजूद हैं। आखिर में, यह आपकी ज़रूरत और बजट पर निर्भर करता है। Apple का यह फोन बेस्ट सेलर तो बनेगा ही, यह तय है!
iPhone की वापसी का जादू: Apple कैसे जीत रहा है चीन में?
चीन में iPhone का कमाल – क्या है राज़?
देखिए, Apple ने चीन में अपना गेम पक्का कर लिया है। Supply chain को तो मजबूत किया ही, साथ ही local customers को लुभाने के लिए discounts और exchange offers जैसे मीठे गाजर भी दिखाए। और भई, iPhone 15 series तो जैसे चेरी ऑन द केक साबित हुआ – लोगों की डिमांड देखते ही बनती है!
Apple का पैसा बढ़ा या बढ़कर आया?
अरे भाई, पिछले quarter में तो Apple ने 8% से ज्यादा की छलांग लगा दी! और चीन मार्केट? वहाँ तो 15% की हैवी ग्रोथ दर्ज हुई है। असल में ये सारा क्रेडिट जाता है iPhone 15 और उसके साथ बिकने वाले AirPods, Apple Watch जैसे accessories को। एक तरह से कहें तो Apple का ecosystem ही उसकी ताकत है।
क्या Huawei और दूसरे brands की नींद उड़ गई है?
सच कहूँ तो हाँ! Apple की ये वापसी Huawei, Xiaomi और Vivo के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। है न मजे की बात? Apple तो premium segment पर कब्जा जमाए बैठा है, और अब दूसरी कंपनियों को अपनी रणनीति बदलनी पड़ सकती है। क्या वो इस competition में टिक पाएंगे? ये तो वक्त ही बताएगा।
आगे क्या है Apple की जेब में?
Apple तो जैसे चीन में जमकर बसने की तैयारी कर रहा है – manufacturing बढ़ाने से लेकर local partners के साथ tie-ups तक। पर असली मज़ा तो आने वाले समय में है! क्यों? क्योंकि Apple AI और AR-based features के साथ नए iPhones लाने वाला है। अगर ये प्लान सफल हुआ तो global market में तहलका मच जाएगा। एकदम ज़बरदस्त। सच में।
Source: Financial Times – Global Economy | Secondary News Source: Pulsivic.com