HC ने आसाराम को जमानत मिली – पर सवाल ये है कि क्या ये सही फैसला था?
बात ये है कि गुजरात हाईकोर्ट ने फिर से आसाराम बापू को जमानत दे दी है। और देखिए न, ये मामला फिर से ट्रेंड करने लगा है। असल में, आसाराम ने अपनी सेहत का बहाना बनाते हुए जमानत बढ़ाने की गुहार लगाई थी – और कोर्ट ने मान लिया! अब वो कुछ और दिन जेल से बाहर रह पाएंगे। लेकिन सच कहूँ तो, ये केस सिर्फ कानूनी नहीं रहा, बल्कि अब तो चाय की दुकान से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह इसकी चर्चा हो रही है।
अब थोड़ा पीछे चलते हैं। आसाराम पर तो पिछले कितने सालों से यौन शोषण और धोखाधड़ी के केस चल रहे हैं न? फिलहाल वो जोधपुर जेल में हैं, पर उनकी कानूनी टीम लगातार कोर्ट-कचहरी में उनके लिए लड़ रही है। पहले भी तो उन्हें मेडिकल ग्राउंड पर छूट मिल चुकी है। इस बार उनके वकीलों ने दलील दी कि उनकी हालत और खराब हो गई है – और कोर्ट ने उनकी यही दलील मान ली।
कोर्ट में क्या हुआ? देखिए, आसाराम के वकीलों ने पूरा ड्रामा किया – उम्र का रोना रोया, सेहत का हाल सुनाया, मेडिकल रिपोर्ट्स झाड़ दीं। और कोर्ट ने, हालांकि कुछ शर्तों के साथ, पर जमानत बढ़ा दी। शर्तें क्या हैं? बस ये कि उन पर नजर रखी जाए और समय-समय पर डॉक्टरों को दिखाया जाए। सीधा सा मामला है।
लेकिन यहाँ दो राय होना लाज़मी है। एक तरफ तो आसाराम के चाहने वाले इसे “इंसाफ की जीत” बता रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, पीड़ितों की तरफ से गुस्सा है – उनका कहना है कि ये तो न्याय प्रणाली पर सवालिया निशान है। और कुछ एक्सपर्ट्स की राय? वो कहते हैं कि सेहत की वजह से जमानत देना ठीक है, पर ये एक खतरनाक मिसाल भी बन सकता है। मतलब कि पैसे और ताकत वाले लोग कानून को मोड़ सकते हैं। सच कहूँ तो, ये बहस का बहुत बड़ा मुद्दा है।
तो अब सवाल ये है कि आगे क्या? जमानत तो मिल गई, पर केस तो अभी चलेगा। अगले कुछ हफ्तों में कोर्ट उनकी हालत फिर से जाँचेगा। और पीड़ित पक्ष? वो भी अपनी आपत्तियाँ दर्ज करा सकते हैं। गुजरात हाईकोर्ट के इस फैसले ने तो जैसे पूरे मामले को फिर से जिंदा कर दिया है। अब देखना ये है कि ये केस कहाँ जाकर रुकता है – और क्या ये भारतीय न्याय व्यवस्था में एक यादगार मामला बन जाएगा। एकदम धमाल है ये केस तो!
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Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

