एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला का NDTV को इंटरव्यू: “PM मोदी का होमवर्क पूरा कर दिया!”
अरे भाई, क्या बात है! भारत का नाम अंतरिक्ष में एक बार फिर रोशन हुआ है। एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला ने NDTV को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में जो खुलासे किए, वो सच में गर्व महसूस करवाने वाले हैं। असल में बात ये है कि उन्होंने अपने मिशन को “PM मोदी का होमवर्क पूरा करना” बताया – और सच कहूं तो ये सिर्फ एक वाक्य नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए एक संदेश है। देखा जाए तो ये मिशन भारत के लिए नया चैप्टर तो है ही, साथ ही ये दिखाता है कि हम अंतरिक्ष में कितना आगे जाने वाले हैं। शुक्ला साहब तो कह ही रहे हैं – ये तो बस शुरुआत है!
ये मिशन क्यों है खास?
अब सवाल ये उठता है कि आखिर ये मिशन इतना खास क्यों है? दरअसल, शुभांशु जी ISRO के उन चुनिंदा लोगों में से हैं जिन्हें ये मौका मिला। और यार, ये कोई छोटी बात नहीं! हमारे चंद्रयान और गगनयान प्रोजेक्ट्स तो पहले से ही दुनिया भर में धूम मचा चुके हैं, लेकिन ये मिशन उससे भी आगे की बात है। PM मोदी ने तो पहले ही कह दिया था कि भारत को अंतरिक्ष में टॉप पर ले जाना है – और शुक्ला जी ने उस सपने को सच कर दिखाया। सच बात तो ये है कि इससे न सिर्फ हमारी टेक्नोलॉजी का लोहा माना गया, बल्कि दुनिया भर में भारत की इमेज भी चमक गई।
मिशन के पीछे की दिलचस्प बातें
इंटरव्यू में शुक्ला जी ने जो बताया, वो सच में कान खड़े कर देने वाला था। पहली बात तो ये कि ये मिशन भारत के लिए नया माइलस्टोन है – और ये सिर्फ मेरी नहीं, हर एक्सपर्ट की राय है। लेकिन असली बात ये है कि इससे हमारे लिए मानवयुक्त स्पेस मिशन्स का रास्ता साफ हो गया है। वैसे, एक और दिलचस्प बात – इस मिशन में जो डेटा मिला है, वो आने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए सोने से कम नहीं! और हां, ये सफलता किसी एक की नहीं – पूरे देश की मेहनत का नतीजा है।
देश-विदेश में मची धूम!
अब बात करें रिएक्शन्स की तो… वाह! ISRO चीफ ने तो इसे “गर्व का पल” बताया ही, विज्ञान मंत्रालय भी पीछे नहीं रहा। सोशल मीडिया पर तो #ShubhanshuShukla ट्रेंड करता रहा – लोगों के मैसेजेस देखते ही बनते थे। पर सबसे बड़ी बात? NASA और European Space Agency के experts भी हमारी तारीफ करते नहीं थक रहे! उनका कहना है कि ये “स्पेस साइंस में बड़ी छलांग” है। क्या बात है न?
अब आगे क्या?
तो अब सवाल ये कि आगे क्या? ISRO तो गगनयान मिशन पर जी-जान से लग गया है। एक्सपर्ट्स की मानें तो अब हम अमेरिका, रूस और चीन जैसे देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार हैं। सच कहूं तो शुक्ला जी की ये सफलता नए एस्ट्रोनॉट्स के लिए प्रेरणा तो है ही, साथ ही ये भारत की स्पेस साइंस में भूमिका को और मजबूत करेगी। और सुनिए – चाँद और मंगल पर इंसान भेजने की बात अब कोई सपना नहीं रही!
खैर, अगर संक्षेप में कहूं तो शुभांशु शुक्ला का ये इंटरव्यू साबित करता है कि भारत का भविष्य अंतरिक्ष में बहुत उज्ज्वल है। जिस तरह से उन्होंने ये मिशन पूरा किया, वो न सिर्फ हमारे वैज्ञानिकों के लिए गर्व की बात है, बल्कि हर भारतीय को ये विश्वास दिलाता है कि अब हम अंतरिक्ष में किसी से पीछे नहीं। और यार, ये सोचकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं!
अरे भाई, एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला का यह इंटरव्यू सच में कुछ अलग ही लेवल का है! सिर्फ उनकी मेहनत की बात नहीं, बल्कि यह पूरी कहानी ही किसी को भी ‘चलो, कुछ कर दिखाएं’ वाले मूड में ला देगी। और हाँ, PM मोदी के उस विजन की बात तो है ही… जिसे शुभांशु जैसे लोग सच करके दिखा रहे हैं।
NDTV वालों ने तो एकदम जमकर बात पकड़ी थी उनसे – इतना authentic इंटरव्यू कि पढ़ते वक्त मेरा भी सीना गर्व से चौड़ा हो गया। सच बताऊँ? ऐसे moments में लगता है कि यार, हम भी क्या कमाल के लोग हैं!
पूरा आर्टिकल पढ़िएगा ज़रूर… क्योंकि यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि हर उस भारतीय की जीत की कहानी है जो सपने देखता है। और हाँ, comment में ज़रूर बताइएगा – पढ़ने के बाद आपको कैसा लगा?
एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला का NDTV इंटरव्यू – सारे जवाब, बिना लाग-लपेट के!
1. PM मोदी का वो ‘होमवर्क’ जिसने शुभांशु शुक्ला को चर्चा में ला दिया
असल में बात ये है कि शुभांशु ने NDTV को बताया कि उन्होंने PM मोदी का एक खास assignment पूरा किया। अब ये assignment क्या था? वो तो पूरी details तो नहीं बता रहे, लेकिन इतना ज़रूर कहा कि ये कोई रूटीन प्रोजेक्ट नहीं था। थोड़ा सस्पेंस बनाए रखने का तरीका, है न?
2. ये इंटरव्यू देखना है? यहां मिलेगा पूरा कच्चा-चिट्ठा
देखो, अगर तुम्हें ये इंटरव्यू देखना है तो दो ही ऑप्शन हैं – NDTV की वेबसाइट या फिर उनका YouTube चैनल। वैसे एक टिप और दे दूं – अगर तुम प्राइम टाइम शोज़ पसंद करते हो, तो वहां भी इसके कुछ हिस्से दिखाए जा सकते हैं। बस थोड़ा चैनल सर्फिंग करनी पड़ेगी!
3. क्या शुभांशु ISRO के आदमी हैं? सच्चाई जान लो
सीधा जवाब? हां, बिल्कुल! शुभांशु न सिर्फ ISRO से जुड़े हैं, बल्कि उन्होंने कई स्पेस मिशन्स में अहम भूमिका निभाई है। मतलब ये कोई नौसिखिया नहीं, बल्कि असली स्पेस एक्सपर्ट हैं। क्या बात है न?
4. PM मोदी का सपोर्ट: सिर्फ जुमले नहीं, असली मदद!
यहां दिलचस्प बात ये है कि शुभांशु ने बताया कि PM मोदी ने सिर्फ ‘अच्छा काम करो’ कहकर छोड़ दिया हो, ऐसा बिल्कुल नहीं। असल में उन्होंने पर्सनल तौर पर मोटिवेट किया और ज़रूरी रिसोर्सेज़ भी दिलवाए। मतलब साफ है – सपोर्ट सिर्फ शब्दों में नहीं, एक्शन में था। कमाल की बात है!
Source: NDTV Khabar – Latest | Secondary News Source: Pulsivic.com