F-35 vs Su-57 vs AMCA: भारत के लिए असली गेम-चेंजर कौन?
दोस्तों, अगर आपको लगता है कि भारतीय वायुसेना के लिए सिर्फ एक नए जेट का चुनाव है, तो थोड़ा रुकिए! ये तो वो मोड़ है जो हमारी रक्षा क्षमताओं को अगले 30-40 साल तक परिभाषित करेगा। और हाँ, यहाँ सिर्फ ‘जेट’ नहीं, बल्कि रणनीतिक स्वतंत्रता की बात है। अब सवाल ये कि – F-35, Su-57 या फिर हमारा अपना AMCA? सच कहूँ तो हर विकल्प के अपने मजे और मुश्किलें हैं।
तुलना करें तो: हर पक्षी की अपनी उड़ान
चलिए पहले थोड़ा ग्राउंड रियलिटी चेक कर लेते हैं। F-35 तो जैसे हॉलीवुड का सुपरस्टार है – सबसे एडवांस्ड स्टील्थ टेक्नोलॉजी, NATO देशों का पसंदीदा। लेकिन याद रखिए, ये वही अमेरिका है जो हमें S-400 डील पर नाराज़ था। दूसरी तरफ Su-57… अरे भई, रूसी टेक्नोलॉजी तो बढ़िया है, पर क्या आपने सुना है कि उनका प्रोडक्शन टाइमलाइन कितना खिसक चुका है? और हमारा AMCA? सच बताऊँ? अभी बच्चा है, पहली उड़ान के लिए 2025 तक इंतज़ार करना पड़ेगा। फिलहाल तो हमारे राफेल और तेजस MK-1A ही असली वॉरहॉर्स हैं।
हालिया अपडेट्स: राजनीति, प्रौद्योगिकी और… बजट!
पिछले कुछ महीनों में क्या-क्या हुआ? अमेरिका ने F-35 का लालीपॉप दिखाया – पर कीमत सुनकर दिल धक से रह जाएगा! रूस वालों ने फिर से साझेदारी का ऑफर भेजा, पर 2018 में ही तो हमने उनके साथ हाथ मिलाने से मना कर दिया था। और हमारा AMCA? उसने तो अपना डिज़ाइन रिव्यू पास कर लिया (वाह!), पर इंजन टेक्नोलॉजी अभी भी हमारे लिए सिरदर्द बनी हुई है।
एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं? सुनिए जरा…
वायुसेना प्रमुख साफ कहते हैं – “5वीं जेन चाहिए, पर AMCA आने तक 4.5 जेन से काम चलाना होगा।” मतलब साफ है – हमें जल्दबाजी नहीं। रक्षा विशेषज्ञों की राय? “F-35 महंगा है, Su-57 पर भरोसा नहीं, तो AMCA ही भविष्य है।” पर सच्चाई ये है कि रूसी दूतावास वाले अभी भी जोर देकर कह रहे हैं कि Su-57 सबसे ‘कॉस्ट-इफेक्टिव’ विकल्प है। किसकी सुनें? यही तो पहेली है!
आगे का रास्ता: चुनौतियाँ और संभावनाएँ
तो अब सवाल ये कि – आगे क्या? F-35 लेते हैं तो अमेरिका से रिश्ते मजबूत होंगे, पर बजट पर बोझ… बाप रे! AMCA 2030 तक ऑपरेशनल होगा (अगर सब कुछ ठीक रहा तो), पर उसे विदेशी टेक्नोलॉजी की दरकार होगी। एक और रास्ता? हमारे सुखोई-30MKI को ही अपग्रेड कर लें, उनमें 5वीं जेन के कुछ फीचर्ड डाल दें। चालाकी तो है!
अंतिम बात: स्वदेशी ही सही, पर…
ईमानदारी से कहूँ तो, AMCA ही हमारा असली भविष्य है। पर ये रास्ता आसान नहीं होगा। F-35 या Su-57 को शॉर्ट-टर्म सॉल्यूशन के तौर पर देखा जा सकता है। पर एक बात तय है – ये फैसला सिर्फ जेट नहीं, हमारी तकनीकी आत्मनिर्भरता का सवाल है। और हाँ, इसमें समय लगेगा। पर जैसा कि हमारे दादाजी कहते थे – “असली मजा तो तब है जब अपने हाथों से बनाओ!”
F-35, Su-57 और AMCA – ये तीनों 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स भारत के लिए कितने दिलचस्प विकल्प हैं, है न? हर एक की अपनी खासियत है। अब F-35 की बात करें तो, टेक्नोलॉजी के मामले में यह सबसे आगे है और Network-Centric Warfare में तो यह बिल्कुल जानदार है। लेकिन सच कहूं तो, Su-57 भी कम नहीं – इसकी ताकत है इसका भारी पेलोड और उड़ान भरने का निराला अंदाज।
अब हमारा अपना AMCA? देखिए, यह तो भविष्य को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। सोचिए, खुद का बना हुआ फाइटर जेट! सिर्फ देश की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि तकनीकी आजादी भी देगा। एक तरफ तो विदेशी जेट्स की चमक-दमक है, लेकिन AMCA का मतलब है – अपने पैरों पर खड़े होना। क्या यह जरूरी नहीं?
सच पूछो तो, हर जेट की अपनी खूबियां हैं। F-35 टेक्नोलॉजी में माहिर है, Su-57 पावरहाउस है, और AMCA… वो तो हमारा गर्व होगा। अंत में फैसला क्या होगा? यह तो वक्त ही बताएगा!
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com