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“बिहार-बंगाल चुनाव में BJP का मंत्र: विकास vs भ्रष्टाचार, PM मोदी की रैलियों से गूंजा संदेश!”

बिहार-बंगाल चुनाव: BJP का ‘विकास vs भ्रष्टाचार’ वाला मंत्र कितना काम करेगा?

अरे भाई, अब तो मोदी जी ने अपना पत्ता खोल ही दिया है! बिहार और बंगाल के चुनावों को लेकर उनकी रणनीति साफ है – एक तरफ विकास का ढोल पीटो, दूसरी तरफ विपक्ष पर भ्रष्टाचार का इल्जाम लगाओ। पर सवाल यह है कि क्या यह फॉर्मूला वाकई काम करेगा? मोदी जी की हालिया रैलियों में यही दोहराया गया – बिहार में NDA के कामों की तारीफ, तो बंगाल में दीदी सरकार को घेरने की कोशिश। मजे की बात यह है कि दोनों राज्यों में BJP का अंदाज एकदम अलग। क्या यह दोहरी रणनीति चुनाव जितवा पाएगी?

बिहार vs बंगाल: एक ही पार्टी, दो अलग खेल!

देखिए ना, बात ऐसी है… बिहार में तो BJP को नीतीश कुमार जैसा पुराना साथी मिला हुआ है। यहाँ ‘हमने किया, हम करेंगे’ वाला खेल चल रहा है। वहीं बंगाल में सीधा मुकाबला है – एक तरफ ममता दीदी की जमीनी पकड़, दूसरी तरफ BJP का ‘दिल्ली का दम’। सच कहूँ तो पिछले कुछ सालों में BJP ने बंगाल में कमाल की घुसपैठ की है, पर TMC अभी भी बड़ी मुश्किल है। और तो और, केंद्र की योजनाओं को लेकर जो टकराव है, वो तो अब खुला युद्ध बन चुका है!

मोदी जी का मैजिक: क्या इस बार भी चलेगा जादू?

असल में बात यह है कि मोदी जी की रैलियों में दो ही बातें गूँज रही हैं – बिहार में “हमने सड़क-बिजली-पानी ठीक किया”, तो बंगाल में “यहाँ तो भ्रष्टाचार ने डेरा जमा रखा है”। मगर यहाँ एक मजेदार बात… विपक्ष भी बैठा नहीं है! RJD का तेजस्वी यादव कहता है “BJP झूठे सपने दिखा रही है”, तो ममता दीदी तो सीधे केंद्र को ही घेर लेती हैं। और हाँ, TMC वालों का तो यहाँ तक दावा है कि उनका विकास मॉडल पूरे देश में सबसे बेस्ट है। सच्चाई? शायद चुनाव के बाद ही पता चलेगी!

जनता क्या सोचती है? यही तो है असली सवाल!

अब आप ही बताइए… BJP का दावा है कि मोदी मैजिक काम करेगा। विपक्ष कहता है ये सब झूठ है। पर असली बात तो यह है कि आम आदमी क्या सोचता है? कुछ लोगों को लगता है विकास असली मुद्दा है, तो कुछ का मानना है ये सब चुनावी ड्रामा है। बिहार के एक रिक्शा चालक ने तो मुझसे कहा – “साहब, वोट तो हम गरीबी पर देंगे, न कि सड़कों पर!” बात में दम है, है न?

आखिर कौन जीतेगा? एक पॉलिटिकल थ्रिलर!

तो दोस्तों, अंदाजा लगाना मुश्किल है। बिहार में NDA का पलड़ा भारी लगता है, पर RJD-Congress की जोड़ी भी हल्की नहीं। बंगाल? वहाँ तो मैच बिल्कुल टाइट है! एक तरफ BJP का संघठन, दूसरी तरफ TMC का जमीनी नेटवर्क। राजनीति के जानकारों का मानना है कि अगर BJP बंगाल में अच्छा करती है, तो यह उनके लिए गेम-चेंजर साबित होगा। वहीं बिहार में जीत से केंद्र की पोजीशन और मजबूत होगी। पर याद रखिए… चुनावी नारे और जमीनी हकीकत में अक्सर फर्क होता है। क्या इस बार ऐसा होगा? वक्त बताएगा!

बिहार-बंगाल चुनाव और BJP की रणनीति: वो सारे सवाल जो आप पूछना चाहते हैं!

1. बिहार और बंगाल में BJP का असली खेल क्या है?

देखिए, BJP ने इस बार “विकास vs भ्रष्टाचार” वाला पुराना मंत्र फिर से चला दिया है। मोदी जी की रैलियों में आपने देखा होगा – एक तरफ अपने कामों की बढ़ाई, दूसरी तरफ विपक्ष पर कीचड़ उछालना। पर सवाल यह है कि क्या यह रणनीति वाकई काम करेगी? बिहार में तो नीतीश जी हैं ही, और बंगाल में दीदी का किला कितना मजबूत है, यह तो वक्त ही बताएगा।

2. मोदी जी की रैलियों में असल में क्या होता है?

अरे भई, यह तो हर बार का फॉर्मूला है न! बिहार-बंगाल के चुनावों में मोदी जी ने जमकर रैलियां मारीं। कभी स्थानीय मुद्दों पर बात, कभी केंद्र की योजनाओं का ढिंढोरा। “Double Engine Sarkar” वाली बात तो आपने सुनी ही होगी – जैसे ट्रेन में एक इंजन कम पड़ता हो! मजाक अलग, पर यह सब voters को लुभाने का तरीका है।

3. BJP की चुनावी चालें: क्या है खास?

ईमानदारी से कहूं तो इस बार BJP ने पूरा जोर local faces पर दिया है। सोशल मीडिया की बम्बारी, ग्राउंड लेवल पर कार्यकर्ताओं की मौजूदगी – सब मिलाकर एक बड़ा नेटवर्क खड़ा किया है। पर याद रखिए, रैलियां तो बस शोख़ है, असली खेल तो वोटिंग बूथ पर ही होगा। और हां, मोदी-शाह की जोड़ी का जादू इस बार कितना चलेगा, यह देखना दिलचस्प होगा!

4. विपक्ष क्या कर रहा है? सोया हुआ है क्या?

अरे नहीं भई! TMC और RJD तो मानो BJP के हर दावे को चुन-चुन कर काट रहे हैं। उनका कहना है – “ये लोग झूठे वादे करते हैं, जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं”। बंगाल में तो दीदी ने तो यहां तक कह दिया कि “केंद्र की सारी योजनाओं का क्रेडिट हम ले रहे हैं!” राजनीति है भाई – हर कोई अपनी रोटी सेक रहा है।

सच क्या है? वो तो 10 साल बाद किसी किताब में पढ़ने को मिलेगा। फिलहाल तो यही कहूंगा – चाय पीजिए और मजे लीजिए, यह तमाशा देखने को बार-बार नहीं मिलता!

Source: Navbharat Times – Default | Secondary News Source: Pulsivic.com

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