बिहार में 15 दिनों का फुटबॉल महाकुंभ! रोनाल्डो-मेसी वाला जुनून, पूरी कहानी यहाँ
अरे भाई, पूर्णिया के फुटबॉल दीवानों के लिए तो जैसे दिवाली आ गई! 1 अगस्त 2025 से शुरू हो रही है 42वीं पूर्णिया फुटबॉल चैंपियनशिप – और हाँ, पूरे 15 दिनों तक चलेगी यह धमाल। सच कहूँ तो, ये सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि पूरे इलाके के युवाओं के सपनों का मैदान है। और सुनो, इस बार तो 61,000 रुपये का पुरस्कार है विजेता को! उपविजेता को भी 41,000 रुपये मिलेंगे – इतने में तो छोटा-मोटा business ही शुरू किया जा सकता है!
असल में बात ये है कि ये टूर्नामेंट कोई नई बात नहीं। 42 साल से लगातार चल रही है ये परंपरा! इसे “फुटबॉल महाकुंभ” कहना ग़लत नहीं होगा, क्योंकि यहाँ के लड़के तो रोनाल्डो-मेसी को टक्कर देते हैं। झील टोला मैदान की तो बात ही अलग है – वहाँ की मिट्टी में ही फुटबॉल का जुनून घुला हुआ है। पिछले कई सालों से यहीं पर तो कई यादगार मैच खेले जा चुके हैं।
इस बार क्या ख़ास है? देखिए न:
– 16 टीमें पूरे जोश के साथ तैयार हैं
– मैच चलेंगे 1 से 15 अगस्त तक
– फाइनल तो Independence Day पर ही होगा – क्या बात है न!
– सबसे अच्छे खिलाड़ी (Best Player) और गोलकीपर (Best Goalkeeper) को अलग से सम्मान मिलेगा
लोकल लड़कों का तो जैसे खून ही खौल रहा है! राहुल कुमार जैसे युवा खिलाड़ी कहते हैं, “यार, ये टूर्नामेंट हमारे लिए वर्ल्ड कप जैसा है।” वहीं जिला खेल अधिकारी साहब भी पीछे नहीं: “इस बार तो हमने पूरी तैयारी कर ली है।” सच तो ये है कि ऐसे आयोजन न सिर्फ़ टैलेंट को प्लेटफॉर्म देते हैं, बल्कि पूरे समाज को जोड़ने का काम भी करते हैं।
अब सवाल ये उठता है कि आगे क्या? अगर ये आयोजन कामयाब रहा (जो कि होगा ही!), तो बिहार सरकार इसे राज्य स्तर पर ले जाने पर विचार कर सकती है। सपना तो ये है कि पूर्णिया बने बिहार का फुटबॉल हब। और हाँ, अगले साल और ज़्यादा टीमें, ज़्यादा इनाम – ये सब प्लानिंग में है।
आखिर में बस इतना कि… ये टूर्नामेंट सिर्फ़ 15 दिन का खेल नहीं, बल्कि सैकड़ों युवाओं के सपनों की उड़ान है। और वैसे भी, जहाँ फुटबॉल हो, वहाँ मस्ती तो होगी ही न! क्या कहते हो आप?
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अरे वाह! बिहार में अगले 15 दिन तक चलने वाला यह Football Mahakumbh सच में कुछ खास होने वाला है। सिर्फ खेल देखने का मज़ा ही नहीं, बल्कि यह तो दिखाता है कि Football अब हमारे यहाँ कितना पॉपुलर हो चुका है। सोचो, Ronaldo और Messi जैसे लीजेंड्स का ज़िक्र हो रहा है – क्या बात है न?
तैयारियां देखकर लगता है यह कोई सामान्य टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक Football Fiesta है। तो क्या आप तैयार हैं? अपने Calendar में Dates मार्क कर लीजिए, वरना पछताना पड़ेगा। ऐसा मौका बार-बार नहीं आता भाई!
और हाँ… जय हिन्द के साथ-साथ जय Football भी! क्योंकि खेल ही तो है जो दिलों को जोड़ता है।
(Note: मैंने थोड़ा कैजुअल टोन रखा है, रिथम बदली है, rhetorical questions डाले हैं, और थोड़ा ‘human touch’ दिया है। साथ ही English words को वैसे ही रखा है।)
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com