“बिहार की सियासत में चिराग पासवान को कौन दे रहा है टक्कर? तेजस्वी, PK या चौधरी?”

बिहार की सियासत: चिराग पासवान के सामने कौन-कौन खड़ा है? तेजस्वी, PK या फिर चौधरी?

अरे भई, बिहार की राजनीति तो इन दिनों गर्मा गई है न! और इस बार सारी नजरें चिराग पासवान पर टिकी हैं। सच कहूं तो, एनडीए के भीतर ही उनकी कुर्सी हिलती नजर आ रही है। वहीं दूसरी तरफ तेजस्वी यादव, PK और सम्रात चौधरी जैसे दिग्गज उन्हें घेरने में जुटे हुए हैं। सवाल यह है कि क्या चिराग अपने पिता की विरासत संभाल पाएंगे? या फिर इन नए दावेदारों के आगे उन्हें मैदान छोड़ना पड़ेगा? बात करते हैं…

चिराग का सफर: उठापटक भरा रहा है रास्ता

देखिए, 2020 के चुनावों में चिराग ने एलजेपी लेकर अच्छा खेला था। अपने पिता रामविलास पासवान की छाया में दलित वोट बैंक को संभालने की कोशिश की। लेकिन यार… पार्टी के भीतर ही कितने लोग उनके फैसलों से खुश नहीं! ऊपर से PK ने तो ‘Jan Suraaj’ लेकर धमाल मचा दिया है। अब समझिए न, तेजस्वी और चौधरी भी तो बैठे नहीं हैं – दलित-पिछड़े वोट्स के लिए सबकी नजरें एक ही जगह टिकी हैं।

राजनीति का नया समीकरण: किसके हाथ लगेगा जैकपॉट?

असल बात यह है कि एनडीए के भीतर ही चिराग की मुश्किलें बढ़ रही हैं। एलजेपी के कुछ नेताओं को लगता है कि वो नेतृत्व संभालने लायक नहीं। और भाजपा-जदयू का दबाव तो है ही। वहीं PK की grassroots strategy देखिए – गांव-गांव जाकर युवाओं और किसानों को लुभा रहे हैं। अगर यह चल निकला तो… समझदार समझ गए न?

और भई, तेजस्वी यादव भी कहां पीछे हैं? RJD वाले तो दलित वोटर्स के लिए नए-नए ऑफर लेकर आ रहे हैं। चौधरी साहब भी अपनी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे में चिराग के लिए यह दौर आसान नहीं है। बिल्कुल नहीं।

नेताओं की बोलती: कौन क्या बोला?

चिराग तो कहते हैं “हम एकजुट हैं”, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। PK का तो जोरदार स्टेटमेंट आया – “बिहार को नए नेतृत्व की जरूरत है”। सीधा इशारा! तेजस्वी ने तो खुलकर कह दिया – “चिराग सिर्फ पिता के नाम पर चल रहे हैं”। और चौधरी साहब? उनका तो कहना है कि “JDU असली विकास की बात करती है”। सियासत की यही तो खूबसूरती है न – हर कोई अपनी रोटी सेक रहा है!

आगे की राह: चिराग के लिए क्या है स्टोर?

अब सवाल यह है कि चिराग इस मुश्किल दौर में कैसे निकलेंगे? अगर PK का ‘Jan Suraaj’ चल निकला, तो खेल ही बदल जाएगा। तेजस्वी और चौधरी तो पहले से ही मैदान में हैं। सच कहूं तो, अगले कुछ महीनों में बिहार की सियासत में बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं। कौन जीतेगा, कौन हारेगा – यह तो वक्त ही बताएगा। पर एक बात तय है – दिलचस्प तमाशा देखने को मिलेगा!

यह भी पढ़ें:

बिहार की सियासत: चिराग, तेजस्वी, PK और चौधरी – कौन किसका बैरा भारी?

1. चिराग पासवान के सामने असली मुश्किल कौन?

देखिए, बिहार का राजनीतिक मैदान तो हमेशा से ही जंगल राज रहा है। और इस बार चिराग पासवान को सबसे ज्यादा दो लोगों से टक्कर मिल रही है – RJD के तेजस्वी यादव और JDU के पीके (पृथ्वीराज चौधरी)। अब सवाल यह है कि इन दोनों में कौन ज्यादा खतरनाक है? असल में दोनों का अपना-अपना गढ़ है। तेजस्वी का यूथ वोट बैंक तो पीके का OBC वोट… समझ रहे हैं न मुश्किल?

2. चिराग vs तेजस्वी: पॉपुलैरिटी का रेस कोर्स

ईमानदारी से कहूं तो अभी के हालात में तेजस्वी यादव का जादू युवाओं पर ज्यादा चल रहा है। लेकिन! यहां एक बड़ा लेकिन है – चिराग के पास पासवान परिवार की विरासत है और सबसे बड़ी बात, BJP का पूरा पिटारा। ये मुकाबला ठीक वैसा ही है जैसे दो बैलों की जोड़ी में कांटे की टक्कर। एकदम बराबरी का खेल।

3. PK – चिराग के लिए ‘डार्क हॉर्स’?

अरे भाई, पीके (पृथ्वीराज चौधरी) को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। नीतीश कुमार का ये खास भरोसेमंद नेता सच में चिराग के लिए सिरदर्द बन सकता है। क्यों? क्योंकि OBC वोटों पर उनकी पकड़ बिल्कुल वैसी ही है जैसे बिहार में लिट्टी-चोखा पर लोगों की दीवानगी। सच कहूं तो ये तिकड़मी खिलाड़ी है!

4. चिराग का आगे का सफर: सुहाना या ऊबड़-खाबड़?

अब यहां मेरी निजी राय – चिराग का राजनीतिक करियर तो अच्छा दिख रहा है, खासकर केंद्र में BJP का साथ मिलने से। पर बिहार में? हालात थोड़े पेंचीदा हैं। तेजस्वी और PK जैसे युवा नेताओं से उन्हें जमकर लोहा लेना पड़ेगा। मतलब साफ है – रास्ता आसान नहीं, लेकिन नामुमकिन भी नहीं। थोड़ा सा धैर्य, थोड़ी सी सियासी चालाकी… और देखते हैं क्या होता है!

Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

More From Author

बिहार में BJP-JDU का 70 प्लस फॉर्मूला: 9 विधायकों के चुनाव लड़ने पर क्यों लगेगा ग्रहण?

मेडे कॉल क्या है? पायलट ने क्यों लगाई जान बचाने की गुहार, जानें प्लेन का इंजन फेल होने का पूरा मामला

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Comments