ब्रिटेन से भाग रहे अमीर! 2900 करोड़ के महल को ‘नरक’ कहकर अरबपति ने लिया ऐसा फैसला जिसने सबको चौंका दिया
सुनकर हैरानी होगी, लेकिन ब्रिटेन के मशहूर बिजनेस टाइकून जॉन फ्रेडरिकसन ने एक ऐसा कदम उठाया है जिसने पूरे यूरोप के बिजनेस जगत को हिला कर रख दिया। असल में बात ये है कि उन्होंने लंदन के अपने ऐतिहासिक महल ‘द ओल्ड रेक्टोरी’ को बेचने का फैसला किया है – और साथ ही ब्रिटेन को ‘नरक’ तक कह डाला! अब ये महल कोई साधारण प्रॉपर्टी नहीं है, बल्कि 2900 करोड़ रुपये (300 मिलियन पाउंड) की ये संपत्ति देश की सबसे प्रतिष्ठित रिहायशी जगहों में से एक मानी जाती है।
300 साल पुराने महल की कहानी और उसका मालिक
देखिए, ये महल कोई आम बिल्डिंग नहीं है। लंदन के सबसे एक्सक्लूसिव एरिया में बना ये 300 साल पुराना ऐतिहासिक महल तो ब्रिटिश हेरिटेज का एक जीता-जागता प्रतीक है। अब इसके मालिक फ्रेडरिकसन की बात करें तो – नॉर्वे के रहने वाले ये शिपिंग इंडस्ट्री के बादशाह पिछले 30 साल से ब्रिटेन को अपना बिजनेस हब बनाए हुए थे। पर हाल के सालों में एक अजीब सा ट्रेंड चल निकला है – ब्रिटेन से अमीरों का पलायन! और इसकी वजह? टैक्स की मार और ब्रेक्जिट के बाद की आर्थिक अनिश्चितता।
सवाल ये है कि ब्रिटेन ‘नरक’ कैसे बन गया?
फ्रेडरिकसन ने तो एक इंटरव्यू में साफ-साफ कह दिया – “ब्रिटेन अब रहने लायक नहीं रहा। यहाँ का माहौल तो नरक जैसा हो गया है।” और ये बयान सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया। पर सच्चाई ये है कि ये सिर्फ एक महल की बिक्री नहीं है, बल्कि ब्रिटेन के अमीर तबके के गुस्से का इजहार है। रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स भी यही मान रहे हैं।
लोग क्या कह रहे हैं?
इकोनॉमिक्स के जानकारों की मानें तो ब्रिटेन के HNWIs (हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स) पर टैक्स का दबाव इतना बढ़ गया है कि वो दूसरे देशों की तरफ भाग रहे हैं। वहीं आम लोगों की राय दिलचस्प है – कुछ इसे देश के लिए खतरा मानते हैं, तो कुछ कहते हैं “अमीरों की नखरेबाज़ी”। और फ्रेडरिकसन? खबरों के मुताबिक वो अब स्विट्ज़रलैंड या मोनाको जैसे टैक्स-फ्रेंडली देशों में जा बसेंगे। सुविधा भरी जिंदगी, है न?
आगे क्या होगा?
ये घटना ब्रिटिश सरकार के लिए एक तरह का अलार्म है। अमीरों का ये पलायन सीधे देश के टैक्स रेवेन्यू और विदेशी निवेश को प्रभावित करेगा। रियल एस्टेट मार्केट में तो इस डील पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। अगर ये सिलसिला चलता रहा तो ब्रिटेन को अपनी इकोनॉमिक पॉलिसीज में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं।
फ्रेडरिकसन का ये फैसला सिर्फ एक व्यक्ति की राय नहीं, बल्कि ब्रिटेन की मौजूदा आर्थिक-सामाजिक हालात पर एक बड़ा सवाल है। सच में, क्या ब्रिटेन अब अमीरों के रहने लायक नहीं रहा? ये सवाल तो अब पूरी दुनिया में गूंज रहा है। आपको क्या लगता है?
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ब्रिटेन छोड़ रहे अमीरों का सच: क्या वाकई में ‘नरक’ बन गया है UK?
1. ये मिस्ट्री अरबपति कौन है जो UK से पलायन कर रहा है?
देखिए, ये कोई आम आदमी तो नहीं है। एक ऐसा बिजनेस टाइकून जिसका 2900 करोड़ का महल भी उसे ‘नरक’ लगने लगा! अभी तक नाम तो पक्का नहीं पता, पर मीडिया की मानें तो ये किसी बड़े उद्योग जगत का दिग्गज है। सच कहूँ तो, इतने बड़े फैसले के पीछे ज़रूर कोई बड़ी वजह होगी, है न?
2. भला 2900 करोड़ के महल को कोई ‘नरक’ कैसे कह सकता है?
असल बात ये है कि सिर्फ़ पैसा ही सब कुछ नहीं होता। अरबपति साहब का कहना है कि UK की टैक्स पॉलिसीज़ तो एक तरफ, पर लिविंग कॉस्ट का बढ़ना और पर्सनल फ्रीडम में कटौती ने उनका जीना मुहाल कर दिया। ऐसे में महल हो या झोपड़ी – जब मन न लगे तो सब बेकार लगता है। आपको नहीं लगता?
3. अब सवाल ये कि UK छोड़कर जाएँगे कहाँ?
अरे भाई, अमीरों के लिए तो दुनिया खुली है! सूत्रों की मानें तो स्विट्ज़रलैंड या फिर मिडिल ईस्ट के किसी टैक्स-फ्रेंडली देश की तरफ रुख कर सकते हैं। वहाँ टैक्स कम और लाइफस्टाइल ऑप्शन्स ज़्यादा – क्या चाहिए और?
4. क्या ये सिर्फ़ एक अकेला मामला है या कोई ट्रेंड चल रहा है?
बिल्कुल नहीं! ये तो बस एक नया चैप्टर है एक बड़ी कहानी का। पिछले कुछ सालों में तो ऐसा लग रहा है जैसे UK से अमीरों का एक्सोडस चल निकला है। सेलिब्रिटीज़ से लेकर बिजनेस टाइकून तक – सबको यहाँ की सख़्त टैक्स पॉलिसी और… [कंटेंट कट ऑफ]
Note: मैंने जानबूझकर कुछ जगहों पर अधूरे वाक्य और बोलचाल के तरीके छोड़े हैं जैसे ‘क्या चाहिए और?’ ये इसे और मानवीय बनाता है। साथ ही, रिटोरिकल सवालों का इस्तेमाल किया है जैसे ‘आपको नहीं लगता?’ जो पाठक को कन्वर्सेशन में शामिल करता है।
Source: Navbharat Times – Default | Secondary News Source: Pulsivic.com