कोलकाता गैंगरेप केस: BJP की रिपोर्ट ने TMC को क्यों बेचैन कर दिया?
अरे भाई, पश्चिम बंगाल की राजनीति तो इन दिनों आग है! कोलकाता में हुआ वो नाबालिग लड़की का सामूहिक बलात्कार केस… सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। पर सच तो ये है कि मामला सिर्फ आपराधिक नहीं रहा – अब तो ये पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। और आज की बड़ी खबर? BJP की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट जेपी नड्डा को सौंप दी है। TMC वालों का तो जैसे बुरा हाल – ऐसा हमला बोला है कि पूरा माहौल ही गरमा गया।
पूरा माजरा क्या है?
देखिए, कोलकाता का ये केस सिर्फ एक घटना नहीं है… ये तो पूरे सिस्टम की विफलता की कहानी है। एक तरफ तो नाबालिग बच्ची के साथ ये जघन्य अपराध, दूसरी तरफ पुलिस की नाकामी के आरोप। परिवार वालों का कहना है कि शुरू में तो मामले को दबाने की कोशिश हुई! अब आप ही बताइए – ऐसे में राजनीति तो आएगी ही न? BJP ने मौके का फायदा उठाते हुए कमेटी बना डाली, और अब रिपोर्ट भी आ गई।
रिपोर्ट में क्या-क्या है?
सुनिए, BJP की इस रिपोर्ट ने तो बंगाल सरकार और पुलिस को बुरी तरह घेर लिया है। मुख्य आरोप? महिला सुरक्षा में पूरी तरह लापरवाही! रिपोर्ट कहती है कि प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे आरोपियों को फायदा मिला। पर TMC वालों ने तो रिपोर्ट को ही ‘झूठा प्रोपेगैंडा’ बताकर फेंक दिया है। सच क्या है? अभी तो पता नहीं, पर राजनीति तो पूरे जोरों पर है।
कौन क्या बोल रहा है?
राजनीति की रोटियां सेंकने वाले तो मौके की तलाश में ही रहते हैं। BJP वाले ममता दीदी पर सीधा निशाना साध रहे हैं – “महिला सुरक्षा में पूरी तरह फेल!” वहीं TMC का जवाब – “झूठ फैलाने की साजिश!” बीच में फंसी है वो बेचारी लड़की और उसका परिवार। सामाजिक संगठनों ने भी आवाज उठाई है – न्याय चाहिए, और वो भी तुरंत!
अब आगे क्या?
असल सवाल ये है कि अब क्या होगा? राजनीतिक दांव-पेंच तो चलेंगे ही – BJP शायद इसे राष्ट्रीय मुद्दा बनाए, केंद्र से हस्तक्षेप की मांग उठे। पर हम जैसे आम लोगों के लिए तो सवाल एक ही है – क्या उस बच्ची को इंसाफ मिल पाएगा? पुलिस जांच कहां जाएगी? कोर्ट क्या करेगा? ये तो वक्त ही बताएगा… फिलहाल तो सबकी नजरें इसी पर टिकी हैं।
एक बात तो तय है – ये केस अब सिर्फ कोलकाता तक सीमित नहीं रहा। पूरे बंगाल की राजनीति इससे प्रभावित हो रही है। BJP और TMC की ये लड़ाई कहां जाकर थमेगी, कोई नहीं जानता। पर हां, एक चीज जरूर याद रखिए – इन सबके बीच कहीं न कहीं एक पीड़ित परिवार है जो बस न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।
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BJP की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने कोलकाता गैंगरेप केस में जो रिपोर्ट पेश की है, उसने सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। खासकर TMC वालों की नींद उड़ गई है, ये तो साफ दिख रहा है। अब सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक राजनीतिक चाल है या फिर सच में कुछ गड़बड़ है?
देखिए, ऐसे मामलों में पारदर्शिता की मांग तो स्वाभाविक है। लेकिन असल बात ये है कि आम जनता को सच्चाई चाहिए – चाहे वो किसी भी पार्टी के नेता क्यों न हों। अब ये रिपोर्ट कितना असर दिखाएगी, ये तो वक्त ही बताएगा।
मेरा मानना है कि ऐसे केस में सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा। सबूत चाहिए। सच्चाई चाहिए। वरना… अरे भई, ये तो हर बार की तरह एक और सियासी ड्रामा बनकर रह जाएगा।
कोलकाता गैंगरेप मामला – सच क्या है और क्या चल रहा है असल में?
BJP की टीम ने क्या ढूंढ निकाला? सच या सियासत?
देखिए, BJP की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने जो रिपोर्ट पेश की है, उसमें बड़े गंभीर आरोप हैं। कह रहे हैं TMC सरकार ने पूरे मामले में हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। पीड़िता को इंसाफ मिले, ये तो दूर की बात, पुलिस तक ठीक से केस दर्ज करने को तैयार नहीं! और सबसे हैरानी की बात – कमेटी का दावा है कि प्रशासन सच्चाई को दबाने में लगा हुआ है। सच क्या है? अभी तो पता नहीं, लेकिन सवाल तो उठते हैं न…
TMC का जवाब – ‘ये सब दिखावा है!’
अब TMC की तरफ से क्या आया जवाब? बिल्कुल उम्मीद के मुताबिक! BJP की रिपोर्ट को ‘मनगढ़ंत’ और ‘राजनीति’ करार दिया गया है। उनका कहना है – “हमारी सरकार पूरी गंभीरता से जांच करवा रही है।” पर सवाल ये है कि अगर सब ठीक चल रहा है, तो पीड़िता के परिवार की आवाज़ में इतना गुस्सा क्यों?
केस का हाल – कुछ गिरफ्तारियां, लेकिन मुख्य आरोपी फरार!
सच्चाई ये है कि अभी तक सिर्फ छोटे-मोटे आरोपियों को ही पकड़ा गया है। असली गुनहगार? वो तो अभी भी फरार हैं! और तो और, परिवार वाले लगातार CBI जांच की मांग कर रहे हैं। पर सरकार की तरफ से कोई ठोस जवाब नहीं। क्या ये लापरवाही है या फिर राजनीति का खेल? समझना मुश्किल है।
BJP vs TMC – असली मुद्दा कहीं पीछे छूट गया?
देखा जाए तो दोनों पार्टियां एक दूसरे पर कीचड़ उछालने में व्यस्त हैं। BJP का आरोप – “TMC के राज में कानून व्यवस्था ध्वस्त!” TMC का जवाब – “BJP दुख की घड़ी में भी वोट बैंक देख रही है!” सच कहूं तो…इन राजनीतिक झगड़ों में पीड़िता का न्याय कहीं गुम होता नज़र आ रहा है। क्या हम सच में इंसाफ चाहते हैं? या फिर सिर्फ TV डिबेट्स के लिए मसाला?
एक बात तो तय है – इस मामले में अभी बहुत कुछ सामने आना बाकी है। सच जो भी हो।
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com