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“बृजभूषण सिंह और सीएम योगी की मुलाकात: यूपी की सियासत में भूचाल, पूर्वांचल में बदलाव की आहट!”

बृजभूषण सिंह और सीएम योगी की मुलाकात: क्या पूर्वांचल की सियासत में आया नया ट्विस्ट?

अरे भई, यूपी की राजनीति में तो हमेशा कुछ न कुछ चलता रहता है – लेकिन ये खबर तो वाकई दिलचस्प है! बीजेपी के पूर्व सांसद और कुश्ती संघ के बॉस बृजभूषण सिंह ने CM योगी से मुलाकात की… और वो भी 55 मिनट की लंबी चर्चा! सच कहूं तो, जब ऐसे बड़े नेता मिलते हैं तो राजनीति के ठेकेदारों की नींद उड़ जाती है। खासकर पूर्वांचल में तो ये मीटिंग भूचाल ला सकती है। या फिर… शायद कुछ भी न हो? कौन जाने!

बृजभूषण सिंह: पावरफुल लीडर या विवादों का पिटारा?

देखिए, बृजभूषण जी कोई छोटे-मोटे नेता तो हैं नहीं। पूर्वांचल में इनका दबदबा रहा है, MP भी रह चुके हैं। पर ये जो हाल के विवाद… वो भी क्या कहने! कुश्ती संघ वाला मामला तो जैसे इनकी छवि पर बड़ा धब्बा बन गया। इतना बड़ा कि 2024 का टिकट तक नहीं मिला। अब सवाल ये उठता है कि जब पार्टी से रिश्ते खट्टे हो गए थे, तो ये अचानक CM से मिलने क्यों पहुंचे? राजनीति में तो कोई न कोई गेम चल रहा है न!

मुलाकात के पीछे की असली वजह: क्या है सच्चाई?

असल में बात ये है कि आधिकारिक तौर पर तो कुछ पता नहीं चला। पर यूपी की राजनीति को समझने वाले जानते हैं – जब ऐसी मीटिंग होती है तो ज़रूर कोई बड़ी चाल चल रही होती है। कुछ एक्सपर्ट्स कह रहे हैं कि 2024 के चुनावों से पहले पूर्वांचल में बीजेपी को मजबूत करने की जरूरत है। और भई, बृजभूषण सिंह जैसा कोई दूसरा नेता वहां है भी नहीं। पर क्या विवादों के बाद पार्टी उन्हें दोबारा मौका देगी? ये तो वक्त ही बताएगा।

रिएक्शन का तूफान: किसने क्या कहा?

अब जब ऐसी बड़ी खबर आई है तो रिएक्शन तो आएंगे ही न! बीजेपी वाले कह रहे हैं – “अरे ये तो नॉर्मल मीटिंग है”। लेकिन विपक्ष? उनका तो मानो त्योहार ही आ गया! समाजवादी पार्टी और कांग्रेस वाले तो मानो बीजेपी पर टूट ही पड़े। सोशल मीडिया पर तो हालत ये है कि हर कोई अपनी-अपनी राय थोप रहा है। कोई कह रहा है “बड़ा खेल शुरू”, तो कोई कह रहा “ये सब दिखावा है”। सच कहूं तो, असली मतलब तो अभी किसी को पता नहीं!

आगे क्या? 5 बड़े सवाल जो सब पूछ रहे हैं

तो अब सवाल ये है:
1. क्या बृजभूषण सिंह वापस बीजेपी में एक्टिव होंगे?
2. क्या पूर्वांचल में नई पॉलिटिकल इक्वेशन बनेगी?
3. क्या 2024 से पहले बड़ा पॉलिटिकल शिफ्ट आएगा?
4. विवादों के बावजूद क्या पार्टी उन्हें मौका देगी?
5. और सबसे बड़ा सवाल – क्या ये सब सिर्फ एक नाटक है?

एक बात तो तय है – अगले कुछ हफ्ते बड़े दिलचस्प होने वाले हैं!

अंत में मेरी निजी राय: यूपी की राजनीति कभी भी उबाऊ नहीं होती। ये मुलाकात चाहे जो भी हो, एक बात तो साफ है – पूर्वांचल में कुछ न कुछ तो चल रहा है। पर क्या? वो तो बस… इंतज़ार कीजिए!

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1. असल में मीटिंग का मकसद क्या था? सिर्फ विकास की बातें या कुछ और?

देखिए, ऑफिशियली तो सब कह रहे हैं कि पूर्वांचल के विकास पर चर्चा हुई। लेकिन आप और हम जानते हैं कि राजनीति में कोई भी मीटिंग सिर्फ एक agenda तक सीमित नहीं होती। सूत्रों की मानें तो BJP और उसके allies के बीच तालमेल बैठाने की कोशिश भी चल रही है। मतलब साफ है – 2024 की तैयारियां जोरों पर!

2. क्या यूपी की सियासत में यह भूकंप ला देगी? सच क्या है?

अरे भई, political experts तो कह रहे हैं कि यह मुलाकात earthquake जैसा असर डाल सकती है। खासकर पूर्वांचल में! पर सवाल यह है कि क्या सच में ऐसा होगा? बृजभूषण का दबदबा और योगी जी की रणनीति… अगर ये दोनों मिल गए तो 2024 का समीकरण ही बदल सकता है। लेकिन राजनीति में कुछ भी तय नहीं, है न?

3. पूर्वांचल के लोगों के लिए इसका क्या मतलब है?

सुनिए, पूर्वांचल में तो यह मीटिंग चाय की दुकान से लेकर social media तक चर्चा का विषय बनी हुई है। आम voter के लिए यह एक साफ संकेत है – कुछ बड़ा होने वाला है। Development projects की बात हो या फिर caste equations का खेल… असर तो पड़ेगा ही। पर कितना? वही तो देखना दिलचस्प होगा!

4. सबसे बड़ा सवाल – क्या बृजभूषण वापस BJP में आएंगे?

ईमानदारी से कहूं तो अभी तक कुछ पक्का नहीं। पर political circles में तो यही चर्चा है। और अगर ऐसा हुआ तो… वाह! पूर्वांचल में तो जैसे BJP के लिए खेल ही बदल जाएगा। पर याद रखिए, राजनीति में कल कुछ भी हो सकता है। आज जो दिख रहा है, वही कल भी होगा – इसकी क्या गारंटी?

Source: Navbharat Times – Default | Secondary News Source: Pulsivic.com

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