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“नाम कॉल सेंटर, काम ठगी! ED छापे में 7 किलो सोना, 62 किलो चांदी के साथ करोड़ों की जब्ती”

नाम कॉल सेंटर, काम ठगी! ED के छापे में मिला 7 किलो सोना, 62 किलो चांदी… और करोड़ों का खेल!

अरे भई, सुनो ये कहानी तो ऐसी है जैसे कोई बॉलीवुड स्क्रिप्ट! प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने Magnatel BPS Consultants LLP नाम की एक कंपनी पर छापा मारा, और जो मिला वो सच में हैरान करने वाला है। 7 किलो सोना? 62 किलो चांदी? करोड़ों रुपये? और ये सब एक साधारण से दिखने वाले कॉल सेंटर से! असल में तो ये कॉल सेंटर था ही नहीं, बल्कि अमेरिकी नागरिकों को लोन के नाम पर ठगने का फैक्ट्री।

अब थोड़ा पीछे चलते हैं। देखा जाए तो ये कंपनी पिछले एक साल से चुपके से “लोन स्कैम” चला रही थी। कल्पना करो – अमेरिका में बैठे किसी व्यक्ति को फोन आता है, और उसे loan का लालच देकर पैसे ऐंठ लिए जाते हैं। बिल्कुल वैसे ही जैसे हमारे यहां “आपका बैंक अकाउंट फ्रीज हो गया है” वाले स्कैम चलते हैं। ED को जब शिकायतें मिलीं, तो उन्होंने पूरा केस खोल डाला। और जब बैंक स्टेटमेंट्स और डिजिटल ट्रांजैक्शन्स की जांच हुई, तो पूरा खेल खुल गया।

अब आते हैं मजेदार हिस्से पर! ED ने दिल्ली, नोएडा और गुरुग्राम में एक साथ 5 जगहों पर छापे मारे। और जो मिला वो सच में फिल्मी था:
– 7 किलो सोना (कुछ जेवरात में, कुछ सोने की बार के रूप में)
– 62 किलो चांदी (ये तो जैसे पूरा एक दुकान का स्टॉक हो!)
– ₹2.5 करोड़ नकद (कितने बैग्स में भरा होगा ये सब?)
– कई लक्ज़री कारें (क्या इन्हें भी scam के पैसों से खरीदा था?)
और तो और, कंपनी के 3 टॉप लोगों को भी पकड़ लिया गया है। अब वो पूछताछ के दौरान क्या बताते हैं, ये देखना दिलचस्प होगा।

अब सवाल यह है कि ये सब कैसे हुआ? ED के मुताबिक ये कोई छोटा-मोटा ठग नहीं, बल्कि एक पूरा इंटरनेशनल नेटवर्क था। सबसे मजेदार बात? अमेरिका से शिकायतें आई थीं, और इंटरपोल भी इस मामले में शामिल हो गया था। साइबर एक्सपर्ट्स तो कह ही रहे हैं कि ऐसे स्कैम दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं। फोन कॉल, ईमेल, मैसेज – हर तरह से लोगों को फंसाया जा रहा है।

तो अब आगे क्या? ED तो पूरी तरह से इस मामले में जुट गई है:
– बैंक अकाउंट्स की गहराई से जांच
– अमेरिकी एजेंसियों के साथ मिलकर कार्रवाई
– नए साइबर सिक्योरिटी गाइडलाइन्स पर काम
सच कहूं तो ये केस एक वेक-अप कॉल की तरह है। जिस तरह से ये गिरोह काम कर रहा था, उसे देखकर लगता है कि हमें और सतर्क रहने की जरूरत है।

एक तरफ तो ED की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन दूसरी तरफ ये सवाल भी खड़ा करती है कि क्या हमारे सिस्टम में इतने छेद हैं कि कोई भी ऐसा बड़ा स्कैम चला सकता है? खैर, अब देखना ये है कि इस मामले में कितने और बड़े नाम सामने आते हैं। क्योंकि ऐसे बड़े ऑपरेशन में तो बहुत से लोग शामिल होते ही हैं… है ना?

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1. भईया, ED ने इस कॉल सेंटर को ही क्यों निशाना बनाया?

देखिए, ED (Enforcement Directorate) को मिले थे ठोस सबूत कि यहाँ से चल रहा था बड़ा financial fraud और money laundering का धंधा। असल में तो ये कॉल सेंटर नहीं, बल्कि एक पूरा ठगी का फैक्ट्री था! है न हैरानी वाली बात?

2. छापे में ED को क्या-क्या हाथ लगा?

अरे भई, क्या बताऊँ… ED ने तो यहाँ से 7 किलो सोना, 62 किलो चांदी ढूंढ निकाला! साथ ही करोड़ों की cash और property भी जब्त की। और सबसे दिलचस्प? ये सारा माल fraud से कमाए पैसों से खरीदा गया था। सोचिए, कितना बड़ा scam चल रहा था!

3. ये कॉल सेंटर आखिर काम कैसे करता था?

तो सुनिए… ये लोग fake customer care calls करते थे। आपको लगता कि आपसे कोई बैंक वाला बात कर रहा है, मगर असल में? वो आपके personal और banking details निकाल लेते थे। फिर? आपके account से पैसे गायब! एक तरह से तो ये पूरा एक organized crime network था।

4. क्या किसी को पकड़ा गया है इस मामले में?

हाँ जी! ED ने तो कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पर ये तो अभी शुरुआत है… investigation चल रहा है और हो सकता है और भी बड़े नाम सामने आएँ। क्या पता, अगली बार किसकी बारी हो!

सच कहूँ तो, ये केस साबित करता है कि cyber crime अब कितना sophisticated हो गया है। सावधान रहिए, सतर्क रहिए!

Source: NDTV Khabar – Latest | Secondary News Source: Pulsivic.com

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