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छत्तीसगढ़ कोर्ट ने केरल की नन्स की जमानत याचिका खारिज की, जेल में रहेंगी सिस्टर्स

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छत्तीसगढ़ कोर्ट का बड़ा फैसला: केरल की नन्स को जमानत नहीं, अब क्या होगा?

एक बड़ी खबर! छत्तीसगढ़ की अदालत ने केरल की दो नन्स – सिस्टर अल्फोंसा और सिस्टर अनूपमा – की जमानत मंजूर नहीं की। ये तो वही केस है न, जहाँ इन पर धर्म बदलवाने और मिशनरी एक्टिविटीज फैलाने के आरोप लगे हैं। अब तक तो ये जेल में ही रहेंगी, जब तक हाईकोर्ट कुछ नया ऑर्डर नहीं देता। और देखिए, ये केस कोई आम केस नहीं है – बस्तर के उसी सेंसिटिव इलाके से जुड़ा है जहाँ आदिवासियों के धर्मांतरण को लेकर सालों से बहस चल रही है।

असल में, पुलिस का कहना है कि ये नन्स आदिवासियों को पैसे और दूसरे लालच देकर ईसाई बना रही थीं। उनके पास से कुछ डॉक्यूमेंट्स भी मिले हैं जो इस ओर इशारा करते हैं। पर सच क्या है? क्योंकि नन्स की तरफ से तो पूरी तरह इनकार किया गया है। उनका कहना है – “हम तो बस स्कूल और हॉस्पिटल चला रहे थे, हमें फंसाया जा रहा है!” अब यहाँ सवाल यह है कि सच किसके पक्ष में है?

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि केस बहुत गंभीर है और जांच अभी चल रही है। एक और डर – अगर नन्स को जमानत मिल गई तो कहीं वे गवाहों से छेड़छाड़ न कर लें। मतलब साफ है – अभी तो ये जेल में ही रहेंगी। लेकिन ये मामला यहीं खत्म नहीं होने वाला। अब तो हाईकोर्ट में अपील की तैयारी चल रही होगी, है न?

राजनीति गरमाई हुई है इस मामले में। केरल सरकार बोल रही है कि “हमारी नन्स के साथ अन्याय हो रहा है”। वहीं छत्तीसगढ़ सरकार का स्टैंड क्लियर है – “कानून का राज चलेगा, कोई भी गैरकानूनी एक्टिविटी बर्दाश्त नहीं!” और स्थानीय आदिवासी लोग? वे तो कोर्ट के फैसले से खुश नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि इससे उनकी संस्कृति सुरक्षित रहेगी।

अब आगे क्या? दो संभावनाएँ – या तो हाईकोर्ट में नन्स को राहत मिलेगी, या फिर ये केस दो राज्यों के बीच राजनीतिक तनाव बढ़ा देगा। और सोशल मीडिया पर तो ये टॉपिक ट्रेंड कर ही रहा है। अगले कुछ दिनों में नए ट्विस्ट आ सकते हैं, खासकर जब हाईकोर्ट में याचिका दाखिल होगी। देखते हैं, अदालतें आखिरकार किसके पक्ष में फैसला सुनाती हैं!

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Source: Times of India – Main | Secondary News Source: Pulsivic.com

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