china interference indus water treaty india pakistan danger 20250716095322451561

“सिंधु जल समझौते में चीन की घुसपैठ! भारत के लिए बड़ा खतरा, जानें पाकिस्तान की चाल”

सिंधु जल समझौता और चीन की ‘दोस्ती’ – क्या ये पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत को घेरने की कोशिश है?

अरे भाई, अभी-अभी एक बड़ी खबर आई है जो सिंधु जल समझौते (Indus Water Treaty) को लेकर नया तूफ़ान खड़ा कर सकती है। असल में चीन ने इस पुराने विवाद में अपनी नाक घुसाने की कोशिश शुरू कर दी है। और हां, ये कोई छोटी-मोटी बात नहीं है। सोचिए, जब भारत और पाकिस्तान पहले से ही पानी को लेकर लड़ रहे हैं, तो अब चीन का ये कदम क्या मायने रखता है? मेरे ख़याल से तो ये एक सोची-समझी चाल है जो हमारे लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है।

पहले समझते हैं – ये सिंधु समझौता है क्या बला?

देखिए, 1960 का ये समझौता भारत और पाकिस्तान के बीच विश्व बैंक की मदद से हुआ था। मतलब साफ़ है – सिंधु नदी का पानी किसको कितना मिलेगा। लेकिन अब तकनीकी बातों में न जाते हुए, सीधा सवाल – क्या 60 साल पुराना ये डील आज भी उतना ही प्रासंगिक है? मैं तो कहूंगा नहीं। खैर, भारत ने तो कुछ बिंदुओं पर सवाल उठाए ही थे, और अब चीन ने ‘मौके का फायदा’ उठाने की ठान ली है। सच कहूं तो ये चीन का पुराना तरीका है – पाकिस्तान को पीठ थपथपाना और भारत को परेशान करना।

चीन का ‘गेम’ – तिब्बत में बांध और ‘तकनीकी मदद’ का नाटक

अब ये रही असली चाल! चीन ने पाकिस्तान को तिब्बत इलाके में बांध बनाने के लिए ‘मदद’ का ऑफर दिया है। सुनने में भले ही तकनीकी सहयोग लगे, पर असल में ये तो सीधा पानी के प्रवाह में दखल है। भारत ने तुरंत इसे गलत बताया है, और सही भी किया। वहीं पाकिस्तान? उनका तो पुराना रिकॉर्ड है – ‘जल आतंकवाद’ जैसे बड़े-बड़े शब्द फेंकना। पर सच तो ये है कि चीन और पाकिस्तान का ये जोड़ी हमारे लिए सिरदर्द बन सकती है।

क्या कह रहे हैं लोग? विशेषज्ञों की राय

दिल्ली से आवाज़ आई है – चीन का ये कदम खतरनाक है। पाकिस्तान? वो तो चीन के पीछे खड़ा होकर भारत को घेरने में लगा हुआ है। पर मजेदार बात ये है कि जल विशेषज्ञ कह रहे हैं कि अगर चीन ज्यादा दखल देता है, तो ये सिर्फ सीमा विवाद नहीं रहेगा… बल्कि पूरा ‘पानी का युद्ध’ (Water War) छिड़ सकता है। और यकीन मानिए, ये कोई छोटी बात नहीं है।

आगे क्या? भारत के पास क्या विकल्प हैं?

अब सवाल ये उठता है कि भारत क्या करे? UN या विश्व बैंक जैसे मंचों पर मामला उठाना एक विकल्प है। पर सच तो ये है कि चीन-पाकिस्तान की ये जोड़ी लंबे समय तक हमारे लिए मुसीबत खड़ी कर सकती है। अगर ये झगड़ा बढ़ा, तो पूरे दक्षिण एशिया का शांति-चक्र गड़बड़ा सकता है।

तो फाइनल वर्ड: चीन का ये कदम सिर्फ कागजों पर दखल नहीं है… ये तो एक बड़ी भू-राजनीतिक चाल है। और हां, अब देखना ये है कि भारत इस चुनौती का जवाब कैसे देता है। क्योंकि ये मामला सिर्फ पानी का नहीं, बल्कि हमारी सुरक्षा और संप्रभुता का है।

यह भी पढ़ें:

Source: Navbharat Times – Default | Secondary News Source: Pulsivic.com

More From Author

bap mp rajkumar roat bhil state demand rajasthan politics 20250716092936255108

“BAP सांसद राजकुमार रोत का बड़ा बयान: ‘भील प्रदेश हमारा जन्मसिद्ध अधिकार’ | राजस्थान राजनीति”

अहमदाबाद प्लेन क्रैश: कॉकपिट वीडियो रिकॉर्डिंग की मांग क्यों बढ़ी? जांच रिपोर्ट के बाद दुनिया भर में हंगामा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Comments