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“CM रेवंत रेड्डी का बयान – ‘पत्रकारों को थप्पड़ मारना चाहिए’, किस मामले में उठा हंगामा?”

सीएम रेवंत रेड्डी का वो बयान – ‘पत्रकारों को थप्पड़ मारो’… क्या ये सही है या फिर एक बड़ा विवाद?

तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी फिर चर्चा में हैं, पर इस बार किसी अच्छे कारण से नहीं। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में उन्होंने जो कहा, वो सुनकर आप भी शायद हैरान रह जाएंगे। बोले – “कुछ पत्रकारों का काम बस गलत खबरें उड़ाना है। मन करता है ऐसों को थप्पड़ मारो!” और ये टिप्पणी खासतौर पर YouTube और social media पर काम करने वाले पत्रकारों के लिए थी। सोचिए, ऐसा बयान देने के बाद क्या हंगामा नहीं होगा?

असल में ये पहली बार नहीं है जब रेड्डी ने मीडिया पर ऐसी तीखी प्रतिक्रिया दी है। पिछले ही महीने उन्होंने कुछ YouTubers को “नीच” तक कह डाला था। अब इस नई टिप्पणी ने तो जैसे आग में घी का काम किया है। विपक्ष का कहना है कि ये लोकतंत्र के लिए खतरा है, वहीं कुछ विश्लेषक मानते हैं कि ये सरकार और मीडिया के बीच बढ़ती दूरी को दिखाता है। सच कहूं तो, आजकल आलोचना सहन करने की क्षमता सभी में कम होती जा रही है।

प्रतिक्रिया? तुरंत आई। तेलंगाना जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने सीएम से जवाब मांगा है। उनका कहना है – “ये पत्रकारिता पर हमला है।” भाजपा वाले तो मौके की तलाश में ही थे – उन्होंने इसे “डराने-धमकाने की राजनीति” बताया। पर दिलचस्प बात ये है कि कुछ कांग्रेसी नेताओं ने सीएम का पक्ष भी लिया। उनका कहना है कि कुछ YouTube चैनल्स जानबूझकर fake news फैलाते हैं। सच्चाई शायद बीच में ही कहीं है।

अब सवाल ये है कि आगे क्या होगा? पत्रकार विरोध प्रदर्शन की तैयारी में हैं, विपक्ष विधानसभा में मुद्दा उठाएगा। और सरकार? शायद माफी मांगे, या फिर अपने बयान पर अड़ी रहे। एक बात तो तय है – ये पूरा मामला सरकार और मीडिया के बीच बढ़ती दूरी को दिखा रहा है। अगर रेड्डी ने इसे सही से हैंडल नहीं किया, तो उनकी छवि को लंबे समय तक नुकसान हो सकता है।

इस पूरे विवाद ने एक बार फिर वो पुराना सवाल उठा दिया है – भारत में मीडिया और राजनीति का रिश्ता कैसा होना चाहिए? एक तरफ तो मीडिया को समाज का आईना कहा जाता है, पर दूसरी तरफ ऐसे बयानों से लगता है जैसे ये आईना किसी को धुंधला दिखाने लगा है। सच तो ये है कि press freedom और जवाबदेही के बीच संतुलन बनाना आज के दौर की सबसे बड़ी चुनौती है। क्या आपको नहीं लगता?

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CM Revanth Reddy का वो विवादित बयान – पत्रकारों को थप्पड़ मारने की बात पर क्या है असली सच?

1. भईया, CM ने ऐसा क्यों कह दिया?

देखिए, बात तब की है जब CM Revanth Reddy एक public meeting में बोल रहे थे। अचानक उनका गुस्सा फूट पड़ा – खासकर कुछ पत्रकारों की ‘छप्पर-फाड़’ reporting style पर। और फिर वो वाक्य निकल गया – “कुछ पत्रकारों को थप्पड़ मारना चाहिए”। सच कहूँ? मानो बैठे-बिठाए बवाल मचा दिया!

2. राजनीतिक मैदान में क्या हंगामा हुआ?

अरे भई! Opposition तो मानो जैसे मौका हाथ लग गया। BJP वालों ने तो ‘press freedom’ का झंडा उठा लिया। Congress वाले पसीने-पसीने – कोई कह रहा है ’emotional moment था’, कोई ‘context अलग है’ बता रहा है। असल में, हर पार्टी अपना-अपना राग अलाप रही है।

3. सवाल यह है – क्या CM ने माफी माँगी?

ईमानदारी से कहूँ? अभी तक तो कोई official माफी नहीं आई है। पर Congress के कुछ sources कह रहे हैं कि CM जल्द ही इस matter को clarify कर देंगे। एक बात और – ये बयान किसी खास journalist को टारगेट करके नहीं था, ऐसा media reports कह रही हैं। पर सच्चाई? वो तो CM ही जानें!

4. पत्रकार समुदाय ने क्या किया?

अब यहाँ तो बवाल मचा हुआ है! Journalist unions एकजुट हो गए हैं – “यह democracy के fourth pillar पर हमला है” वगैरह-वगैरह। कुछ associations ने तो protest तक कर दिया। मजे की बात? कुछ senior journalists भी इस बयान से नाराज़ दिखे। पर क्या असर होगा? वो तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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