दिल्ली विधानसभा का मॉनसून सत्र: क्या इस बार भी हंगामे का तांडव होगा?
अरे भई, दिल्ली विधानसभा का मॉनसून सत्र आज शुरू हुआ और माहौल ठीक वैसा ही है जैसा आप सोच रहे होंगे – गरमा गरम! मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आज CAG (Comptroller and Auditor General) की वह विवादास्पद रिपोर्ट पेश करने वाली हैं जिस पर पिछले कुछ दिनों से राजनीति गर्म है। और तो और, कांग्रेस वाले तो मानो बस मौके की तलाश में बैठे हैं। उनका कहना है कि वे सरकार को घेरने वाले हैं… मतलब साफ है न, आज सदन में धमाल होने वाला है!
पूरा माजरा क्या है?
देखिए, बात यह है कि पिछले कुछ महीनों से दिल्ली सरकार और विपक्ष के बीच पैसों के इस्तेमाल को लेकर तनाव चल रहा था। अब CAG की रिपोर्ट आई है जिसमें कुछ गड़बड़झाले की बात कही गई है। ईमानदारी से कहूं तो, ये कोई नई बात तो नहीं – हर सरकार पर ऐसे आरोप लगते रहते हैं। लेकिन इस बार कांग्रेस वालों ने इसे लेकर जो रुख अपनाया है, वो कुछ ज्यादा ही आक्रामक लग रहा है। शायद 2024 के चुनावों को ध्यान में रखकर?
आज क्या हुआ? लाइव अपडेट!
तो सुबह से ही दिल्ली विधानसभा में धमाल शुरू हो गया। मुख्यमंत्री जी ने रिपोर्ट पेश तो की, लेकिन उससे पहले ही कांग्रेस वालों ने नारेबाजी शुरू कर दी – “CAG रिपोर्ट को गंभीरता से लें!” वैसे सरकार वाले कह रहे हैं कि सब पारदर्शी तरीके से होगा, लेकिन विपक्ष को यकीन नहीं हो रहा। और भई, सुरक्षा के इंतजाम देखकर तो लगता है कि अधिकारी भी कुछ बड़ा होने की उम्मीद कर रहे हैं!
कौन क्या बोला? राजनीति की गर्मागर्मी
कांग्रेस वाले तो बिल्कुल मोड पर हैं। उनका कहना है कि सरकार जनता के पैसे से खिलवाड़ कर रही है। एक कांग्रेस विधायक तो बड़े जोश में आकर बोले – “ये रिपोर्ट तो सिर्फ टिप ऑफ द आइसबर्ग है!” वहीं सरकार के प्रवक्ता ने जवाब दिया – “अरे भई, इतना ड्रामा क्यों? हम तो हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं।” सच कहूं तो, दोनों तरफ के बयान सुनकर ऐसा लगता है जैसे कोई क्रिकेट मैच चल रहा हो – एक तरफ गेंदबाजी तो दूसरी तरफ बल्लेबाजी!
आगे क्या? कुछ अंदाज़ा लगा पा रहे हैं?
अब अगर इस CAG रिपोर्ट में वाकई कुछ बड़ा निकला तो? विपक्ष तो अविश्वास प्रस्ताव तक ला सकता है। और फिर… हम सब जानते हैं न कि दिल्ली की राजनीति में क्या-क्या हो सकता है! पर सच पूछो तो, आम आदमी को इन सबसे क्या? उन्हें तो बस यह चाहिए कि सड़कें ठीक हों, पानी आए और बिजली चले। लेकिन क्या ये सब बहसों में पीछे छूट जाएगा? यही तो असली सवाल है!
तो कुल मिलाकर…
देखिए, ये मॉनसून सत्र दिल्ली सरकार के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है। अगर वे CAG रिपोर्ट पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तो? फिर तो राजनीतिक भूचाल आ सकता है। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस के लिए यह खुद को फिर से प्रासंगिक साबित करने का सुनहरा मौका है। बस इतना ही कहूंगा – पॉपकॉर्न तैयार रखिए, क्योंकि यह सत्र बॉलीवुड मूवी से कम ड्रामाई नहीं होने वाला!
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दिल्ली विधानसभा का मॉनसून सत्र… अरे भई, इस बार तो मज़ा आने वाला है! क्योंकि कांग्रेस वालों ने पूरी तैयारी कर ली है – घेराव, हंगामा, जोर-शोर से विरोध… सब कुछ। लेकिन सच कहूँ तो, ऐसे में असली मुद्दे पीछे छूट जाते हैं न? जनता के सवाल, उनकी परेशानियाँ – ये सब कहीं गुम हो जाएँगे।
अब देखना यह है कि सरकार इस हंगामे को कैसे हैंडल करती है। और विपक्ष… क्या वाकई वो सरकार को घेर पाएगा? या फिर बस TV पर दिखाने के लिए कुछ नाटकीय तस्वीरें बनकर रह जाएगा?
एक तरफ तो यह सब राजनीति का हिस्सा है, लेकिन दूसरी तरफ… सच बताऊँ? थोड़ा बोरिंग भी लगता है यार। हर बार वही पुरानी रणनीति। क्या आपको नहीं लगता?
खैर, चलिए देखते हैं इस बार का सत्र किस तरफ मुड़ता है। पूरी कहानी जानने के लिए बने रहिएगा हमारे साथ। वैसे भी, दिल्ली की राजनीति में कभी बोरियत होती है क्या? है न?
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Source: NDTV Khabar – Latest | Secondary News Source: Pulsivic.com