डिज्नीलैंड का वो विवाद: ‘रिमेम्बर हिरोशिमा’ वाली डॉल और आइसक्रीम मैग्नेट्स का खेल!
अरे भई, डिज्नीलैंड वालों को तो यकीन नहीं हो रहा होगा! कैलिफोर्निया के इस मशहूर theme park में जो हुआ, सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे। जहां हमेशा खुशियां बिखेरने वाली जगह अचानक एक गंभीर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई। सोचिए, “It’s a Small World” राइड में घुसते ही visitors की नजर एक अजीबोगरीब डॉल पर पड़ी… जिसने हाथ में “Remember Hiroshima” का पोस्टर पकड़ रखा था! सोशल मीडिया पर तो ये आग की तरह फैल गया। और सबसे बड़ा सवाल? डिज्नी की तथाकथित ‘अचूक’ सुरक्षा व्यवस्था के नाक के नीचे ये सब कैसे हो गया?
क्या सच में छोटी है दुनिया? “It’s a Small World” की असली कहानी
देखिए, ये राइड कोई नई नहीं है। दशकों से ये विभिन्न संस्कृतियों की एकता का प्रतीक रही है। यहां की गुड़ियां (dolls) दुनिया भर की सांस्कृतिक खूबियों को दिखाती हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या हिरोशिमा की त्रासदी – जहां 1945 में atomic bomb ने भीषण तबाही मचाई थी – को इस तरह से पेश करना उचित था? मेरा मानना है कि ये visitors के लिए बेहद shocking experience रहा होगा। और हैरानी की बात तो ये कि डिज्नी जैसी जगह, जहां हर छोटी-बड़ी चीज regulate की जाती है, वहां ये कैसे हो गया?
मामले में आइसक्रीम मैग्नेट्स का हाथ? जांच में चौंकाने वाला मोड़!
डिज्नी वालों ने तुरंत कमर कस ली। डॉल को हटाया गया, जांच शुरू हुई। और फिर पता चला… ये कोई आम शख्स का काम नहीं, बल्कि “Ice Cream Magnets” नाम के एक कलाकार समूह की स्टंट हो सकती है! ये लोग तो माहिर हैं ऐसे controversial कामों में। पहले भी public spaces में अपनी installations लगाकर सुर्खियां बटोर चुके हैं। अब park के CCTV फुटेज की जांच चल रही है। पता नहीं कब तक पकड़ में आएंगे ये लोग!
सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग – कला या अपराध?
भई, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर तो माहौल गरमा गया! डिज्नी के spokesperson ने कहा, “हमारे parks में political messages के लिए कोई जगह नहीं।” लेकिन जनता की राय बंटी हुई है। कुछ कह रहे हैं “ये तो कला है”, तो कुछ security को कोस रहे हैं। सबसे दिलचस्प? Japanese tourists की प्रतिक्रियाएं! कुछ नाराज हैं, तो कुछ का कहना है कि इससे historical awareness तो बढ़ेगी। सच कहूं तो, दोनों तरफ के तर्कों में दम है।
अब आगे क्या? डिज्नी की अगली चाल!
अब डिज्नी क्या करेगी? अगर Ice Cream Magnets का हाथ साबित होता है, तो legal action तो तय है। सुरक्षा व्यवस्था और सख्त होगी। पर सच तो ये है कि इस incident ने डिज्नी की छवि को ठेस पहुंचाई है। अब देखना ये है कि कंपनी अपनी reputation कैसे संभालती है। असल में, ये पूरा मामला entertainment और activism के बीच की पतली लकीर को उजागर करता है। और डिज्नी के लिए सबसे बड़ी चुनौती? अपने जादुई संसार को real-world controversies से कैसे बचाए रखेगी। कठिन सवाल है, है न?
डिज्नीलैंड का वो ‘रिमेम्बर हिरोशिमा’ डॉल और आइसक्रीम मैग्नेट का रहस्य – जानिए पूरी कहानी
1. ये ‘रिमेम्बर हिरोशिमा’ वाला डॉल आखिर है क्या चीज़?
देखिए, ये कोई साधारण डॉल नहीं है। डिज्नीलैंड में मिली ये गुड़िया असल में एक political स्टेटमेंट है – हिरोशिमा पर हुए उस भयानक परमाणु हमले की याद दिलाने के लिए। अजीब बात ये है कि इसे एक आइसक्रीम मैग्नेट के साथ रखा गया था। क्यों? अभी तक तो पता नहीं, लेकिन सोशल मीडिया पर बवाल मचा हुआ है।
2. भला आइसक्रीम मैग्नेट का इस सबसे क्या लेना-देना?
अच्छा सवाल! असल में यही तो पूरे मामले का सबसे दिलचस्प हिस्सा है। कुछ लोग कह रहे हैं कि ये एक तरह का camouflage था – गंभीर मैसेज को cute आइसक्रीम के पीछे छिपाने की कोशिश। वहीं दूसरी तरफ, कुछ का मानना है कि ये irony थी – मीठी आइसक्रीम के साथ परमाणु युद्ध की कड़वी याद। समझ नहीं आता कौन सी थ्योरी सही है। आपको क्या लगता है?
3. डिज्नीलैंड वालों ने कुछ बोला इस बारे में?
सच कहूँ तो… नहीं! अभी तक तो कोई official बयान नहीं आया है। लेकिन ये मामला इतना viral हो चुका है कि शायद उन्हें कुछ कहना ही पड़े। है ना? वैसे Disney की policy है कि वो political statements से दूर रहते हैं। तो देखते हैं कि ये केस किधर जाता है।
4. असल मकसद क्या है इस पूरे प्रोटेस्ट का?
देखा जाए तो ये कोई नया विचार नहीं है। हिरोशिमा-नागासाकी की वो भयानक तस्वीरें याद हैं ना? बिल्कुल वैसे ही, ये डॉल भी उसी दर्द को याद दिलाने की कोशिश है। शायद message ये है कि हम इतिहास के इन काले पन्नों को भूल न जाएँ। पर सवाल ये है – क्या डिज्नीलैंड जैसी जगह इसके लिए सही platform है? ईमानदारी से, मुझे नहीं लगता।
Source: NY Post – US News | Secondary News Source: Pulsivic.com