ट्रंप ने फिर छेड़ दी टैरिफ की आग, डॉलर तगड़ा हुआ तो येन गिरा!
अरे भई, वैश्विक मुद्रा बाजार में फिर से हलचल मच गई है। और इस बार वजह? वो हमारे पुराने परिचित डोनाल्ड ट्रंप! जी हां, उन्होंने नए टैरिफ दरों की घोषणा करके डॉलर को रॉकेट की तरह ऊपर पहुंचा दिया। लेकिन सिक्के का दूसरा पहलू? जापानी येन चार महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। देखा जाए तो ये सिर्फ एक नीति नहीं, बल्कि पूरे वैश्विक बाजार को हिला देने वाला भूचाल है। एक्सपर्ट्स तो यहां तक कह रहे हैं कि आने वाले दिनों में हालात और खराब हो सकते हैं।
ट्रंप का पुराना राग: “अमेरिका फर्स्ट”
यार, ट्रंप तो अपने इसी अंदाज के लिए मशहूर हैं न! ‘अमेरिका फर्स्ट’ का नारा देकर उन्होंने पहले भी कई देशों के साथ trade deals को चुनौती दी थी। असल में बात ये है कि उनकी नीतियों का मकसद हमेशा से अमेरिकी कारोबार को बचाना रहा है। पर सवाल यह है कि क्या ये तरीका सही है? 2018-19 में जब अमेरिका और चीन के बीच trade war छिड़ा था, तब भी बाजारों ने ऐसी ही उठापटक देखी थी। और अब? इतिहास खुद को दोहरा रहा है।
बाजारों का हाल: डॉलर उछला, येन लुढ़का
अभी तो असली मजा शुरू हुआ है! डॉलर ने यूरो और पाउंड जैसी बड़ी मुद्राओं को पीछे छोड़ दिया है। वहीं येन की हालत देखिए – XYZ येन प्रति डॉलर तक गिरावट! पिछले चार महीने में इतनी बुरी स्थिति तो नहीं देखी थी। और तो और, यूरोपीय बाजार भी डगमगा रहे हैं। निवेशकों का पलायन safe-haven assets की तरफ हो रहा है। सच कहूं तो ये पूरा मामला एक डोमिनो इफेक्ट की तरह फैलता जा रहा है।
दुनिया की प्रतिक्रिया: कुछ चिंतित, कुछ सतर्क
अब देखिए न, हर कोई अपने-अपने तरीके से रिएक्ट कर रहा है। एक्सपर्ट्स की राय? “शॉर्ट टर्म में तो अमेरिका को फायदा होगा, पर लंबे समय में ये पूरी दुनिया के लिए मुसीबत बन सकता है।” जापान सरकार ने तो येन को लेकर खुलकर चिंता जताई है – वो हस्तक्षेप करने को तैयार बैठे हैं। और यूरोप? वो भी अपनी चाल चल रहा है, धीरे-धीरे। उनका कहना है कि वो स्थिति को समझने की कोशिश कर रहे हैं। मतलब साफ है – कोई भी जल्दबाजी नहीं करना चाहता।
आगे क्या? एक नया trade war?
अब सबसे बड़ा सवाल ये कि आगे क्या होगा? अगर दूसरे देश भी टैरिफ के जवाब में सख्त रुख अपनाएं, तो हालात 2018-19 जैसे हो सकते हैं। डॉलर की इस ताकत से emerging markets पर दबाव बढ़ेगा ही। और हां, Federal Reserve के अगले कदम तो पूरी तस्वीर बदल सकते हैं। सच पूछो तो अभी सबकी नजरें वाशिंगटन पर टिकी हुई हैं।
देखते हैं ये नया ड्रामा कहां तक जाता है। हम आपको हर अपडेट के साथ जल्द से जल्द जानकारी देंगे। क्योंकि इस वैश्विक अर्थव्यवस्था में तो एक छोटी सी खबर भी तूफान ला सकती है। है न?
ट्रंप के नए टैरिफ और करेंसी मार्केट – क्या होगा आपके पैसों पर असर?
अरे भाई, अमेरिका वाले फिर से हलचल मचा रहे हैं! ट्रंप साहब ने नए टैरिफ लगाए हैं, और अब हर कोई यही जानना चाहता है कि इसका असर कहाँ-कहाँ दिखेगा। चलिए, बिना घुमाए सीधे बात करते हैं।
1. डॉलर पर ट्रंप के टैरिफ का क्या असर हुआ? असल में क्यों मजबूत हुआ?
देखिए, ये टैरिफ सिर्फ टैरिफ नहीं हैं – ये तो एक तरह का psychological game है। जब ट्रंप ने ये कदम उठाया, तो निवेशकों को लगा कि अमेरिकी economy को boost करने की कोशिश हो रही है। और भई, confidence बढ़ा तो डॉलर भी मजबूत हो गया। सीधी सी बात है – जब demand बढ़ेगी, तो कीमत भी तो बढ़ेगी ना?
2. येन गिरा क्यों? क्या जापानी economy डूब रही है?
अरे नहीं, इतना ड्रामा नहीं! हाँ, येन चार महीने के low पर पहुँच गया है, पर इसकी दो वजहें हैं। पहली तो डॉलर का मजबूत होना – जब एक करेंसी ऊपर जाती है, तो दूसरी नीचे आती ही है। दूसरा, जापान की growth rate सच में थोड़ी slow हुई है। लेकिन ये कोई बड़ी बात नहीं – economy तो ऊपर-नीचे होती रहती है।
3. क्या भारतीय रुपए को खतरा है? सच-सच बताइए!
ईमानदारी से कहूँ तो… हाँ, थोड़ा risk तो है। जब डॉलर मजबूत होगा, तो रुपया weak हो सकता है। पर याद रखिए – ये सिर्फ एक factor है। RBI की policies, crude oil prices, और global market conditions भी तो मायने रखते हैं। मेरा मानना है कि अभी panic करने की जरूरत नहीं।
4. निवेशकों के लिए क्या सलाह है? क्या करें, क्या न करें?
सुनिए, एक बात clear है – market में अभी volatility बढ़ेगी। तो क्या करें? पहली बात तो ये कि अपने portfolio को diversify करें। दूसरा, short-term के लिए overreact न करें। और सबसे important – किसी expert की सलाह जरूर लें। वैसे भी, जैसा मैं हमेशा कहता हूँ – long-term की सोचो, फायदे में रहोगे!
एक last बात – ये सब analysis तो ठीक है, पर अपनी नींद खराब मत कीजिए। Market up-down होती रहती है, हमें तो बस smart तरीके से react करना आना चाहिए। है ना?
Source: Livemint – Markets | Secondary News Source: Pulsivic.com