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ग्रेटर नोएडा: बुजुर्ग महिला 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसी, रॉड और डंडे की मदद से बाहर निकाली गई

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ग्रेटर नोएडा: 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसी बुजुर्ग महिला – क्या ये हमारी सुरक्षा की हालत है?

सोचिए, आप लिफ्ट में हैं और अचानक वो अटक जाए… डरावना लगता है ना? ग्रेटर नोएडा के एक ‘हाई-फाई’ सोसाइटी में ऐसा ही हुआ। एक बुजुर्ग दादी पूरे 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रहीं – जबकि ये कोई पुरानी बिल्डिंग नहीं, बल्कि सेक्टर-137 की एक प्रतिष्ठित सोसाइटी है। आखिरकार लोगों ने रॉड और डंडे से दरवाजा तोड़कर उन्हें निकाला। सच कहूँ तो, ऐसी घटनाएँ हमारी लापरवाही की दास्ताँ बयाँ करती हैं।

क्या हुआ था असल में?

कहानी शुरू होती है एक आम दिन से। लिफ्ट अचानक बंद हो गई – और सबसे हैरानी की बात? emergency alarm काम ही नहीं कर रहा था! ये तो वैसा ही है जैसे गाड़ी में ब्रेक फेल हो जाए और हॉर्न भी न बजे। पिछले कुछ महीनों में यहाँ दूसरी बार ऐसा हुआ – तो सवाल यह है कि प्रबंधन सोया हुआ है क्या?

एक तरफ तो सोसाइटी में जिम, पूल सब है… लेकिन बुनियादी सुरक्षा? उफ़।

वो 20 मिनट जिन्होंने सबक सिखाया

जब खबर लगी, लोग इकट्ठा हुए। पहले तो उन्होंने दरवाजा खोलने की कोशिश की – नाकामयाब। फिर क्या? देसी जुगाड़ अपनाया गया – रॉड और डंडे से जबरदस्ती दरवाजा खोला गया। 20 मिनट की मशक्कत के बाद दादी बाहर आईं। हालांकि उन्हें मामूली चोटें आईं, लेकिन first aid मिलते ही वो ठीक हो गईं।

और प्रबंधन की प्रतिक्रिया? “हम मरम्मत करवाएँगे”। बस? सच में?

लोगों का गुस्सा और सवाल

पीड़िता के परिवार का कहना साफ था – “ये डरावना था।” क्या आप उनकी बात से इनकार कर सकते हैं? सोसाइटी के अध्यक्ष ने ऑडिट कराने की बात कही, लेकिन क्या ये सब घटना के बाद ही याद आता है?

एक निवासी ने सही कहा – “ये हम सबकी लापरवाही है।” असल में, हम सब सुविधाओं के पीछे भागते हैं, पर सुरक्षा को नज़रअंदाज़ कर देते हैं।

अब क्या? कुछ सबक मिले?

इस घटना के बाद:
– लिफ्ट कंपनी को बुलाया गया (हादसे के बाद ही, है ना?)
– परिवार ने कानूनी कार्रवाई की धमकी दी
– maintenance के नए नियम बनाए गए

लेकिन असली सवाल ये है – क्या हम सच में सीखेंगे? या फिर अगली बार किसी और के साथ ऐसा होने का इंतज़ार करेंगे? ग्रेटर नोएडा की ये घटना पूरे NCR के लिए एक चेतावनी है – सुरक्षा को गंभीरता से लें, वरना… खैर, आप समझ ही गए होंगे।

क्या आपकी सोसाइटी में लिफ्ट सुरक्षित है? शायद अब चेक करने का वक्त आ गया है।

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ये ग्रेटर नोएडा वाली घटना सुनकर तो मन ही नहीं मानता कि ऐसा हो सकता है। सोचिए, एक बुजुर्ग महिला पूरे 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रही! और फिर रॉड और डंडे से बचाने की कोशिश? सच कहूं तो ये सब देखकर लगता है कि हमारी सोसाइटीज में लिफ्ट सेफ्टी को लेकर कितनी लापरवाही है।

असल में बात ये है कि emergency situations के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। वो भी ऐसे जैसे आपके घर का कोई member फंसा हो। और maintenance? उसे तो हर हाल में नियमित कराना ही चाहिए।

मेरी नज़र में तो ये incident एक बड़ा सबक है सभी resident associations के लिए। क्योंकि safety को priority न समझने की कीमत कभी भी चुकानी पड़ सकती है। बुरा तो तब लगता है जब ऐसी घटनाओं के बाद भी हम नहीं सीखते। सच में।

ग्रेटर नोएडा लिफ्ट हादसा – वो सारे सवाल जिनके जवाब आप जानना चाहते हैं

1. ग्रेटर नोएडा में बुजुर्ग महिला कितनी देर तक लिफ्ट में फंसी रही?

सोचिए, बस 20 मिनट… पर ये 20 मिनट किसी के लिए भी एक बुरे सपने जैसे हो सकते हैं। जी हाँ, इतने ही वक्त तक वो महिला लिफ्ट में अटकी रहीं। अंत में लोगों ने रॉड और डंडों से दरवाज़ा तोड़कर उन्हें बाहर निकाला। क्या आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि उस वक्त उन पर क्या गुज़री होगी?

2. क्या लिफ्ट में फंसने के दौरान महिला को किसी तरह की चोट लगी?

अच्छी खबर ये है कि शारीरिक रूप से तो उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई। लेकिन सच कहूँ? ऐसी घटना किसी को भी मानसिक रूप से हिला देने के लिए काफी है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि वो बेचारी काफी डरी हुई और परेशान थीं – और हो भी क्यों न!

3. लिफ्ट में फंसने की वजह क्या थी? क्या यह technical fault था?

देखिए, अभी तक की जानकारी के मुताबिक तो ये एक technical गड़बड़ी ही लगती है। लिफ्ट अचानक बंद हो गई – ठीक वैसे ही जैसे आपके फोन का स्क्रीन अचानक फ्रीज हो जाता है। पर यहाँ फर्क ये है कि फोन तो रीस्टार्ट हो जाता है, पर जब आप खुद फंस जाएँ तो…? हालाँकि पूरा मामला अभी जांच में है, तो आधिकारिक बयान का इंतज़ार करना ही बेहतर होगा।

4. ऐसी emergency situation में क्या करना चाहिए?

अब ये सबसे ज़रूरी सवाल है! सुनिए, अगर कभी आप खुद ऐसी स्थिति में फंस जाएँ (भगवान न करे!) तो याद रखें:
– सबसे पहले emergency बटन दबाएं – वो लाल रंग का होता है
– घबराएं नहीं (हाँ, मुश्किल है पर ज़रूरी भी)
– जोर-जोर से मदद के लिए आवाज़ लगाएं
– और सबसे बड़ी बात – कभी भी दरवाज़ा खोलने की कोशिश मत करना! ये सबसे खतरनाक हो सकता है।

एक बात और – अपने फोन को हमेशा चार्ज पर रखें। कौन जाने कब काम आ जाए!

Source: NDTV Khabar – Latest | Secondary News Source: Pulsivic.com

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