पूर्व CJI चंद्रचूड़ ने सरकारी बंगला छोड़ा – पर कहाँ जा रहे हैं वो? जानिए पूरा माजरा
दिल्ली के सरकारी बंगलों का चक्कर तो आपने सुना ही होगा, लेकिन यह खबर थोड़ी दिलचस्प है। भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने हाल ही में अपना सरकारी आवास खाली कर दिया है। अब आप सोच रहे होंगे – भई ये तो नॉर्मल सी बात है न? पर असल में यहां कहानी थोड़ी गहरी है। मई 2024 में रिटायर होने के बाद उन्हें तीन महीने का समय मिला था, और उन्होंने बिल्कुल टाइम पर बंगला छोड़ दिया। बात छोटी है, पर मिसाल बड़ी है।
चंद्रचूड़ साहब नवंबर 2022 में CJI बने थे, और उनका कार्यकाल इसी साल 10 मई को खत्म हुआ। अब यहां दिलचस्प बात ये है कि सरकारी नियम के मुताबिक रिटायरमेंट के बाद तीन महीने में आवास खाली करना होता है – और उन्होंने ठीक-ठीक यही किया। सूत्रों की मानें तो अब उनका नया ठिकाना दिल्ली का कोई premium residential area है, हालांकि exact location अभी तक कन्फर्म नहीं हुआ है। क्या आप भी उत्सुक हैं कि आखिर उनका नया घर कहाँ होगा?
15 अगस्त तक पूरा सामान शिफ्ट हो चुका है, और अब यह बंगला नए CJI या किसी और बड़े जज को मिलेगा। सरकारी सूत्रों का कहना है कि चंद्रचूड़ ने नियमों का पालन करके एक healthy precedent सेट किया है। और सच कहूँ तो, legal experts भी इसकी तारीफ कर रहे हैं। वैसे तो ये routine प्रक्रिया है, लेकिन अक्सर रिटायर्ड जज लोग टाइम पर बंगला नहीं छोड़ते। है न मजेदार बात?
सोशल मीडिया पर तो इस मामले को लेकर खूब चर्चा हो रही है। कुछ लोग उनकी discipline की तारीफ कर रहे हैं, तो कुछ का कहना है – “भई ये तो उनका duty था, इसमें इतना hype क्यों?” पर असल में दो बातें सबको परेशान कर रही हैं – पहला, अब ये बंगला किसे मिलेगा? और दूसरा, चंद्रचूड़ आगे क्या करने वाले हैं?
उनकी future plans को लेकर अभी कुछ clear नहीं है। पर legal circles में चर्चा है कि शायद वो teaching, writing या public service में active होंगे। अगर सोचें तो ये सिर्फ उनकी personal choice नहीं है – ये तो एक benchmark सेट कर सकता है future में रिटायर होने वाले दूसरे officers के लिए। थोड़ा सोचिए, कैसे एक छोटी सी घटना बड़े सवाल खड़े कर देती है!
आखिर में, हालांकि ये एक routine administrative process है, पर timing और discipline का ये उदाहरण काबिल-ए-तारीफ है। जैसे-जैसे नया CJI अपना कार्यकाल संभालेगा और चंद्रचूड़ साहब अपनी नई जिंदगी शुरू करेंगे, ये पूरा मामला हमें judiciary की traditions और modern expectations के बीच के balance के बारे में सोचने पर मजबूर कर देता है। क्या आपको नहीं लगता?
पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ और सरकारी बंगले का सच – जानिए पूरी कहानी
अरे भाई, ये CJI के बंगले वाली खबर तो हर जगह छाई हुई है न? तो चलिए, बिना किसी गंभीरता के, आसान भाषा में समझते हैं कि मामला क्या है।
1. CJI साहब ने बंगला क्यों छोड़ा? सच्चाई क्या है?
देखिए, बात बिल्कुल सीधी है। जब आप रिटायर हो जाते हैं, तो ऑफिस की चाबी वापस देनी पड़ती है न? ठीक वैसे ही CJI चंद्रचूड़ का कार्यकाल पूरा हुआ, तो सरकारी बंगला छोड़ना तो बनता ही था। नियम है भई – रिटायरमेंट = सरकारी घर बाय-बाय!
2. अब कहां रहेंगे हमारे पूर्व CJI साहब?
सुनने में आया है कि दिल्ली के किसी प्राइवेट रेजिडेंस में शिफ्ट हो गए हैं। और हां, जगह भी बढ़िया है – शांत, सुरक्षित, VIP एरिया वाली। पर यार, सच कहूं तो उनका नया पता हम जैसे कॉमन लोगों के लिए क्या मायने रखता है?
3. क्या रिटायर CJI को सरकारी घर मिलता है? सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे!
असल में तो… बिल्कुल नहीं! ये कोई पेंशन वाला फ्लैट तो है नहीं। हां, कुछ सुविधाएं जरूर मिलती हैं – पेंशन, सुरक्षा, वगैरह-वगैरह। पर बंगला? नहीं यार, वो तो नए CJI के लिए रिजर्व रहता है।
4. अब इस बंगले का क्या होगा? जानिए दिलचस्प डिटेल्स
तो अब ये बंगला सरकार के पास वापस आ गया है। अब या तो नए CJI को मिलेगा, या फिर किसी बड़े बाबू को। पर ये सब तो सरकार ही तय करेगी। हमारा काम? बस चाय पीते हुए ये खबर पढ़ना और फिर भूल जाना!
एक बात और – क्या आपको नहीं लगता कि हम इन VIP लोगों के घरों के चक्कर में ज्यादा उलझ जाते हैं? सोचने वाली बात है… खैर!
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com