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पहली बार PM मोदी की सुरक्षा में महिला अफसर! अदासो कपेसा कौन हैं? जानें पूरी खबर

पहली बार PM मोदी की सुरक्षा में महिला अफसर! अदासो कपेसा कौन हैं?

अरे भाई, क्या बात है! प्रधानमंत्री मोदी की UK यात्रा में एक ऐसा मौका आया जिसने इतिहास बना दिया। पहली बार एक महिला अधिकारी को उनकी सुरक्षा टीम में जगह मिली है। इंस्पेक्टर अदासो कपेसा – नाम तो सुना होगा? ये सिर्फ़ एक पदोन्नति नहीं, बल्कि उस पुरानी सोच को तोड़ने वाली ख़बर है जो VIP सुरक्षा को “मर्दों का काम” समझती थी। सच कहूँ तो, ये ख़बर सुनकर गर्व होता है।

एक साहसिक निर्णय की पृष्ठभूमि

देखिए, हमारे यहाँ PM की सुरक्षा हमेशा से मर्दों के हाथ में रही है। लेकिन अदासो कपेसा की ये नियुक्ति… वाह! ये नागालैंड की लड़की IPS में अपनी मेहनत के दम पर पहुँची है। असल में, उनका पूरा करियर ही चुनौतियों से भरा रहा है। कई संवेदनशील मिशन्स पर काम किया, लेकिन PM की टीम? ये तो किसी सपने जैसा है। सरकार की बात करें तो ये उसी “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ” को असल ज़िंदगी में उतारने जैसा है। सही नहीं?

यूके यात्रा में क्या बदलाव आया?

अब सवाल यह है कि आख़िर यूके ट्रिप में क्या ख़ास हुआ? पहली बात तो ये कि अदासो को विशेष प्रोटोकॉल के तहत तैनात किया गया। दूसरा, ये सिर्फ़ एक नियुक्ति नहीं – एक संदेश है। वो भी तब, जब हमारे देश में पुलिस फोर्स में महिलाओं की संख्या अभी भी सिर्फ़ 10% के आसपास है। तीसरी और सबसे मज़ेदार बात? सोशल मीडिया पर #AdasoKapesa ट्रेंड कर रहा है। लोग क्या कह रहे हैं, वो तो आगे बताता हूँ…

क्या कह रहे हैं लोग?

मज़ा आ गया जब रिएक्शन्स देखे! एक तरफ़ तो सरकारी लोग इसे “ऐतिहासिक फैसला” बता रहे हैं। दूसरी तरफ़, कुछ सुरक्षा एक्सपर्ट्स का कहना है कि महिलाएं क्राउड मैनेजमेंट में ज़्यादा बेहतर होती हैं। ट्विटर पर तो जैसे पटाखे फूट रहे हैं। कोई लिख रहा है – “अब लड़कियाँ सिर्फ़ IAS बनने के लिए नहीं, बल्कि बॉडीगार्ड बनने के लिए भी प्रेरित होंगी!” पर सच्चाई यही है कि ये फैसला सबको पसंद आया है। कम से कम मेरी फीड तो पूरी हरी-हरी नज़र आ रही है!

भविष्य की संभावनाएँ

अब सोचिए… क्या ये सिर्फ़ एक सिंबॉलिक अपॉइंटमेंट है या असली बदलाव की शुरुआत? मेरा मानना है कि ये तो बस पहला कदम है। आने वाले समय में हम और भी महिला अफसरों को ऐसी ज़िम्मेदारियाँ लेते देखेंगे। शायद दूसरे देश भी हमसे सीखें। वैसे भी, जब किसी ने पूछा था कि “लड़कियाँ ये काम कर पाएँगी?”, तो अदासो ने जवाब दे दिया है। बिना एक शब्द बोले। बस काम से। एकदम ज़बरदस्त!

आख़िर में बस इतना कहूँगा – अदासो कपेसा की ये सफलता साबित करती है कि योग्यता का कोई लिंग नहीं होता। और हाँ, अगली बार जब कोई कहे कि “ये काम लड़कियाँ नहीं कर सकती”, तो बस अदासो का नाम ले लेना। काम हो जाएगा!

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PM मोदी की सुरक्षा टीम में पहली बार एक महिला अफसर, अदासो कपेसा को देखकर मन गर्व से भर गया। सच कहूं तो, यह सिर्फ एक नियुक्ति नहीं, बल्कि एक सोच बदलने वाला मोमेंट है। क्योंकि अब तक यह माना जाता रहा कि सुरक्षा जैसे ‘हार्डकोर’ फील्ड में महिलाओं की क्या भूमिका? लेकिन अदासो ने यह साबित कर दिया कि क्षमता का कोई जेंडर नहीं होता।

और सिर्फ इतना ही नहीं। देखा जाए तो यह कदम उन लाखों लड़कियों के लिए एक मिसाल है जो अभी भी ‘ये काम सिर्फ मर्दों के लिए है’ जैसी सोच से जूझ रही हैं। अदासो की कहानी बताती है कि संघर्ष करो, मेहनत करो – और फिर देखो, दीवारें कैसे हिल जाती हैं।

हालांकि, अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। लेकिन यह शुरुआत… एकदम ज़बरदस्त। सच में।

Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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