गया में डॉ. तपेश्वर पर हमला: कनपटी को छूकर निकली बुलेट, बदमाश चंदन का ‘हाफ एनकाउंटर’
आज गया के शेरघाटी में जो हुआ, वो सीधे किसी एक्शन मूवी का सीन लगता है। पुलिस और चंदन नाम के एक बदमाश के बीच मुठभेड़ हुई, और हालात ऐसे बने कि पुलिस ने इसे ‘हाफ एनकाउंटर’ बता दिया। सुनकर अजीब लगा न? मतलब, ये पूरा एनकाउंटर था या आधा? असल में, ये चंदन कोई मामूली गुंडा नहीं है। यही वो शख्स है जिस पर डॉ. तपेश्वर प्रसाद पर गोली चलाने का आरोप है। मुठभेड़ में चंदन के पैर में गोली लगी, और उसे अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन सवाल तो ये है कि क्या ये सच में मुठभेड़ थी, या फिर…?
मामले की पृष्ठभूमि
कहानी थोड़ी पीछे से शुरू करते हैं। पिछले हफ्ते डॉ. तपेश्वर पर हमला हुआ था – और वो भी कैसा? बुलेट उनकी कनपटी को छूकर निकली! ये सुनकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं। भगवान की मेहरबानी से वो बच गए, लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया। पुलिस ने जांच शुरू की तो चंदन नाम का ये शख्स सामने आया। और है भी कम का नहीं! पहले भी कई गंभीर केसों में नाम आ चुका है। सच कहूं तो ऐसे लोगों से निपटना आसान नहीं होता।
मुठभेड़ का विवरण
आज सुबह की बात है। पुलिस को खबर मिली कि चंदन शेरघाटी की पहाड़ियों में छिपा है। सोचिए, सुबह-सुबह पुलिस का छापा और फिर गोलीबारी! चंदन ने आत्मसमर्पण करने की बजाय पुलिस पर ही फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने उसके पैर में गोली मारी – शायद जानबूझकर, ताकि वो भाग न सके। वहां से काफी हथियार भी बरामद हुए। अब चंदन मगध मेडिकल कॉलेज में है, और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पर सवाल ये कि क्या ये सब इतना आसान था?
विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएं
इस मामले पर सबके अपने-अपने रिएक्शन हैं। पुलिस वालों का कहना है कि उन्होंने पूरी सावधानी से काम किया। एक पुलिस अधिकारी तो बोले, “ये कोई साधारण अपराधी नहीं है, इस पर कई गंभीर केस हैं।” वहीं डॉ. तपेश्वर के परिवार को लगता है कि ये कोई अकेला आदमी नहीं, बल्कि किसी बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है। स्थानीय नेताओं ने पुलिस की तारीफ भी की, लेकिन साथ ही ये भी कहा कि गया में अपराध बढ़ रहे हैं। सच कहूं तो ये चिंता की बात है।
आगे की कार्रवाई
अब सबसे बड़ा सवाल – आगे क्या? पुलिस चंदन से पूछताछ कर रही है, ताकि पता चल सके कि डॉ. तपेश्वर पर हमले के पीछे कौन है। साथ ही उसके पुराने केसों में भी तेजी आएगी। गया पुलिस ने तो एक विशेष अभियान की घोषणा भी कर दी है। पर डॉक्टर के परिवार को अभी भी डर है – उन्होंने अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। समझ सकते हैं उन्हें, है न?
इस पूरे मामले ने गया की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रही है, लेकिन आम लोगों को लगता है कि व्यवस्था में कहीं न कहीं कमी है। अब देखना ये है कि पुलिस इस मामले की गहराई तक जा पाएगी या नहीं। और सबसे बड़ी बात – क्या गया में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो पाएगी? वक्त ही बताएगा।
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गया में डॉ. तपेश्वर पर हमला – आपके सारे सवालों के जवाब
डॉ. तपेश्वर पर हमला कब और कहाँ हुआ?
देखिए, ये पूरा मामला गया, बिहार का है। अब आप सोच रहे होंगे – “कितने दिन पहले की बात है?” तो बात कुछ दिन पहले की है, जब चंदन नाम के एक गुंडे और उसके साथियों ने डॉक्टर साहब पर गोली चला दी। सच कहूँ तो ये किसी फिल्म का सीन लगता है – बुलेट कनपटी को छूकर निकली! भगवान का शुक्र है कि बड़ी त्रासदी टल गई।
‘हाफ एनकाउंटर’ का क्या मतलब है इस केस में?
असल में ये ‘हाफ एनकाउंटर’ टर्म थोड़ी अजीब लगती है न? मतलब ये कि पुलिस ने चंदन को पकड़ने की कोशिश तो की, पर वो भाग निकला। अब यहाँ दो तरह की बातें चल रही हैं – कुछ लोग कह रहे हैं कि ये planned था, वहीं पुलिस का कहना है कि ये सामान्य action था। सच क्या है? वक्त बताएगा।
डॉ. तपेश्वर की हालत अब कैसी है?
अच्छी खबर ये है कि डॉक्टर साहब अब stable हैं। वैसे सुनकर तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं – गोली कनपटी के पास से निकली थी! एक इंच का फर्क होता और… खैर, अभी वो hospital में हैं और डॉक्टर्स का कहना है कि जल्दी recover हो जाएँगे। हम सबकी दुआएँ उनके साथ हैं।
बदमाश चंदन के बारे में क्या जानकारी है?
अरे, ये चंदन तो गया का नामचीन गुंडा है! पुलिस रिकॉर्ड देखें तो इसके नाम कई cases पहले से दर्ज हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि ये गया और आसपास के इलाकों में अपना खौफ बनाए हुए था। अब पुलिस इसकी तलाश में जुटी है, पर case अभी चल रहा है। कब पकड़ में आएगा? देखते हैं। एक बात तो तय है – इस बार ये बचके नहीं निकल पाएगा।
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com