गिरिराज सिंह का बयान: ‘राहुल-तेजस्वी घुसपैठियों के साथ?’ | Bihar चुनाव 2025 की गर्मी
अरे भई, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तो बिहार की सियासी कड़ाही में तेल डाल दिया है! 2025 के चुनाव से पहले उन्होंने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर ऐसा हमला बोला कि सारे TV चैनल्स की TRP बढ़ गई। असल में, उनका आरोप है कि ये नेता बांग्लादेशी घुसपैठियों को बचाने में लगे हैं। और साथ ही – ये वाला ज़रा सुनिए – फर्जी वोटिंग पर ‘झूठे आंसू’ बहा रहे हैं। मजे की बात ये कि उन्होंने इन नेताओं पर मुस्लिम तुष्टीकरण का पुराना तीर भी चला दिया। अब देखिए न, मामला फिर से घुसपैठ और धर्म के चक्कर में फंस गया है।
बिहार में घुसपैठ: नया ड्रामा या पुराना रिकॉर्ड?
देखिए, ये घुसपैठ और फर्जी वोट का मसला तो बिहार में नया बिल्कुल नहीं है। हमारे दादा-परदादा के ज़माने से चला आ रहा है। BJP तो लगातार यही राग अलापती रही है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को voter cards बनवाने में स्थानीय दल मदद करते हैं। अब इसे समझिए – जब राहुल और तेजस्वी ने NRC, CAA पर सवाल उठाए, तो BJP ने इसे क्या बताया? “घुसपैठियों की चैम्पियनशिप!” और अब गिरिराज सिंह ने तो पूरा पुराना टेप फिर से चला दिया है।
गिरिराज का ‘बम’ – क्या बोले, क्यों बोले?
एक जनसभा में गिरिराज सिंह ने कहा – और सुनकर आपके कान खड़े हो जाएंगे – “राहुल और तेजस्वी की दुकान तभी चलती है जब घुसपैठियों के वोट मिलते रहें!” यानी सीधा आरोप कि ये लोग vote bank की खातिर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं। और तो और, बिहार सरकार पर भी निशाना साधा कि घुसपैठ रोकने में वो पूरी तरह फेल हो गई है। साफ दिख रहा है कि 2025 के चुनाव में BJP सुरक्षा और राष्ट्रवाद को मुख्य मुद्दा बनाने वाली है।
राजनीति का पारा चढ़ा – किसने क्या कहा?
अब इस बयान ने तो सियासत की कढ़ाई में खलबली मचा दी! BJP वाले तालियां बजा रहे हैं कि “देखा, विपक्ष सिर्फ वोट बैंक की सोचता है”। वहीं RJD ने इसे “फर्जी मुद्दा” बताकर ठुकरा दिया। तेजस्वी के करीबी तो यहां तक कह रहे हैं कि BJP जानबूझकर जाति-धर्म का खेल खेल रही है। और कांग्रेस? उनका कहना है कि ये सब असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की चाल है। मतलब साफ है – हर कोई अपना-अपना राग अलाप रहा है।
आगे क्या? 2025 की राजनीतिक चालें
अब सवाल ये है कि आगे क्या होगा? विश्लेषक कह रहे हैं कि BJP इस मुद्दे को पूरी ताकत से उछालेगी। और विपक्ष? वो इसे “सांप्रदायिक कार्ड” बताकर पलटवार करेगा। NRC और नागरिकता की बहस फिर से गरमा सकती है, खासकर बिहार और पूर्वोत्तर में जहां ये मुद्दा हमेशा से संवेदनशील रहा है।
आखिर में क्या कहें – गिरिराज सिंह ने तो एक नया विवाद छेड़ दिया है। अगले कुछ दिनों में और भी तीखे बयान आने वाले हैं। और बिहार की राजनीति? वो तो फिर से ‘हम और तुम’ के खेल में उलझने वाली है। देखते हैं, इस बार जनता किसकी बात मानती है!
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com