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गुजरात का सबसे बड़ा डिजिटल अरेस्ट: डॉक्टर ने गंवाए 19.24 करोड़, 3 महीने तक रहा फंसा!

गुजरात का सबसे बड़ा डिजिटल अरेस्ट स्कैम: एक डॉक्टर की 19.24 करोड़ की दर्दनाक कहानी!

सुनकर हैरान रह जाओगे! गुजरात के गांधीनगर में एक ऐसा साइबर फ्रॉड हुआ है जिसने न सिर्फ एक मशहूर डॉक्टर को 19.24 करोड़ रुपये लूटा, बल्कि उन्हें पूरे तीन महीने तक मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया। असल में, यह केस गुजरात का अब तक का सबसे बड़ा ‘डिजिटल अरेस्ट’ फ्रॉड माना जा रहा है। और सबसे हैरानी की बात? ठगों ने CBI और नारकोटिक्स विभाग के ऑफिसर्स बनकर पीड़िता को फंसाया। सच में, ये लोग कितनी बड़ी स्टंट मारते हैं!

पूरी कहानी: कैसे शुरू हुआ ये नाटक?

फरवरी 2024 की एक सामान्य सी सुबह… गांधीनगर की इस डॉक्टर मैडम के फोन पर एक अजनबी नंबर से कॉल आया। कॉलर ने खुद को CBI ऑफिसर बताया और कहा – “मैडम, आपके नाम से एक पार्सल में नकदी और ड्रग्स मिले हैं।” अब यहाँ से शुरू हुआ एक ऐसा सिलसिला जो सामान्य फोन कॉल से डरावने साइबर क्राइम में बदल गया। ठगों ने उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’ में डाल दिया – मतलब, घर से बाहर न निकलें, किसी से बात न करें। सच में, ये नई तरह की ठगी है!

तीन महीने का दर्द: क्या-क्या झेला पीड़िता ने?

अगले तीन महीने? एकदम हॉरर मूवी जैसे! रोज नए-नए धमकी भरे फोन, सोशल रेपुटेशन खराब करने की धमकियाँ, और झूठे केस दर्ज कराने की डरावनी बातें। और इस सबके बीच – 19.24 करोड़ रुपये की लूट! पैसे कहाँ गए? अलग-अलग बैंक अकाउंट्स में, कुछ तो विदेशी अकाउंट्स में भी। सच कहूँ तो, ये ठग इतने स्मार्ट हैं कि पैसे का पता लगाना नामुमकिन सा लगता है।

पुलिस की जांच: क्या मिला अब तक?

जब पीड़िता ने आखिरकार पुलिस को बताया, तो गांधीनगर साइबर सेल ने तुरंत केस उठाया। पर यहाँ भी मुश्किल – पैसों को कई लेयर्स में ट्रांसफर किया गया था। अभी तक तो कोई गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन पुलिस IP एड्रेस और बैंक डिटेल्स की मदद से जाँच कर रही है। सच बताऊँ? ऐसे केस सुलझाने में महीनों लग जाते हैं।

परिवार और एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?

पीड़िता के परिवार ने बताया – “हमें शक तो था, पर ठगों ने इतनी स्किल से धमकाया कि हम कुछ कर ही नहीं पाए।” वहीं साइबर सेल के एक ऑफिसर का कहना है – “ये केस कॉम्प्लेक्स तो है, पर हम पूरी कोशिश कर रहे हैं।” और साइबर एक्सपर्ट्स की राय? डिजिटल अरेस्ट अब साइबर ठगी का नया ट्रेंड बन रहा है – पहले दिमाग पर कब्ज़ा, फिर पैसों पर!

अब आगे क्या? और आप क्या करें?

पुलिस अब इंटरपोल की मदद से विदेशी अकाउंट्स की जाँच करने जा रही है। साइबर क्राइम विभाग नई गाइडलाइन्स भी ला रहा है। पर आपके लिए सबसे जरूरी बात? अगर कोई संदिग्ध कॉल आए – सीधा साइबर सेल को रिपोर्ट करें! और पैसे ट्रांसफर करने से पहले दस बार सोचें। याद रखें, आजकल ठग आपके दिमाग से खेलकर आपकी जेब तक पहुँच जाते हैं!

ये केस साबित करता है कि साइबर क्राइम अब सिर्फ टेक्नोलॉजी का मामला नहीं रहा – ये पूरी तरह से साइकोलॉजिकल वॉरफेयर बन चुका है। सतर्क रहिए, जागरूक रहिए, और किसी भी अजीब कॉल पर तुरंत एक्शन लीजिए। वरना… अरे भई, 19 करोड़ का चूना तो नहीं लगवाना चाहेंगे न?

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ये डॉक्टर के साथ हुआ डिजिटल ठगी का मामला तो गुजरात ही नहीं, पूरे देश के लिए आँख खोल देने वाला है। सच कहूँ तो, Online scams इन दिनों इतने बढ़ गए हैं कि अब हर दूसरा शख्स किसी न किसी घोटाले का शिकार हो रहा है। और ये केस तो जैसे हमारे लिए एक वेक-अप कॉल है – “भाई, सावधान!”

अब सोचिए, अगर एक पढ़ा-लिखा डॉक्टर भी फंस सकता है, तो आम आदमी का क्या हाल होगा? Digital transactions की दुनिया में तो अब हर क्लिक के पीछे कोई न कोई खतरा छुपा बैठा है। मेरा मानना है कि थोड़ी सी सतर्कता और समझदारी से हम इन घोटालों से बच सकते हैं। जैसे कि – अगर कोई unknown लिंक आए तो उसे खोलने से पहले दस बार सोचें। और सबसे जरूरी – किसी भी shady activity को तुरंत report करें।

क्योंकि अंत में… सुरक्षा ही तो सबसे बड़ी चीज़ है ना? एकदम सच बोल रहा हूँ!

गुजरात का सबसे बड़ा डिजिटल अरेस्ट – जानिए पूरी कहानी और सवालों के जवाब

1. डॉक्टर साहब के 19.24 करोड़ कैसे डूबे? असल में क्या हुआ?

देखिए, ये केस तो एकदम फिल्मी लगता है! एक पढ़े-लिखे डॉक्टर, जो शायद मरीजों को तो समझ लेते होंगे, लेकिन इन online fraudsters के चक्कर में फंस गए। तीन महीने तक पैसे ट्रांसफर करते रहे – एक के बाद एक। और जब आंख खुली तो पता चला… सब झांसा था। है न दुखद? पर सच यही है कि आजकल ऐसे scams बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं।

2. पुलिस ने कैसे पकड़े इन cyber criminals को? थोड़ा inside story जानते हैं

अब यहां गुजरात साइबर क्राइम टीम ने कमाल कर दिया। सोचिए – call records से लेकर bank transactions तक, हर छोटे-बड़े digital footprint को trace किया। IP addresses की बारीक जांच की। और सबसे मजेदार बात? ये गैंग पूरे देश में फैला हुआ था! पर हमारे ऑफिसर्स ने पूरा नेटवर्क उखाड़ फेंका। सच में तारीफ के काबिल काम किया।

3. सबसे बड़ा सवाल – क्या डॉक्टर को उनके पैसे वापस मिल पाएंगे?

ईमानदारी से कहूं तो… मुश्किल है। हां, पुलिस ने कुछ amount freeze जरूर कर दिया है, पर पूरे 19 करोड़? उफ्फ। ऐसे cases में तो सालों लग जाते हैं। एक तरफ तो victims का पैसा डूबता है, दूसरी तरफ accused अक्सर पैसे खर्च कर चुके होते हैं। बेहद दुखद स्थिति।

4. आप खुद को कैसे बचाएं? ये 3 ज़रूरी बातें याद रखें

सुनिए, याद रखने वाली बातें सीधी-साधी हैं:
– किसी भी unknown investment offer पर भरोसा करना… बिल्कुल वैसा ही है जैसे अंधेरे में छलांग लगाना!
– हमेशा RBI approved platforms ही use करें। थोड़ा research करने में क्या जाता है?
– और हां… बड़े transactions से पहले किसी financial expert से सलाह लेना न भूलें।

मेरा एक ही मंत्र है – “अगर ऑफर बहुत अच्छा लगे, तो 99% chances हैं कि वो fake है!” सच कहूं तो common sense ही आपका सबसे बड़ा शील्ड है।

Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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