“हनुमान बेनीवाल के ‘पावर कट’ से राजनीति में तूफान, ज्योति की पंखी ने लगाई आग!”

राजस्थान: हनुमान बेनीवाल का ‘पावर कट’ और ज्योति की पंखी ने कैसे बना दिया सियासी तूफान!

अरे भई, राजस्थान की राजनीति में तो मानो बिजली गिर गई है! नागौर के सांसद और RLP प्रमुख हनुमान बेनीवाल के घर का बिजली कनेक्शन कटा – और बस, सियासी गलियारों में आग लग गई। सरकार कह रही है ये तो बकाया बिल का मामला है, पर बेनीवाल साहब का कहना है कि ये पूरा का पूरा “राजनीतिक वेंजटा” है। और बीच में ज्योति मिर्धा ने तो पंखी वाला ट्वीट करके मसालेदार मज़ाक उड़ा दिया। सच क्या है? आइए समझते हैं।

असल में हुआ क्या?

देखिए, बेनीवाल सिर्फ सांसद ही नहीं, RLP जैसे क्षेत्रीय दल के बॉस भी हैं। पिछले कुछ महीने से वो सरकार की हर नीति पर सवाल उठा रहे थे – और अचानक उनके घर की बिजली गायब! बिजली विभाग का कहना है कि 10,000 रुपये का बिल बकाया था। पर सवाल ये है – इतने बड़े नेता के घर का बिल इतना कम? और वो भी अचानक? थोड़ा सस्पीशस लगता है ना?

24 घंटे का सियासी ड्रामा: क्या हुआ, क्या बोला?

बेनीवाल ने तो जैसे मौके की ताक में बैठे थे! तुरंत प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भाजपा सरकार को “ओछी राजनीति” का आरोप लगा दिया। और फिर मजेदार हुआ – 24 घंटे में ही बिजली वापस! पर तब तक तो बिल्ली बाग से निकल चुकी थी। ज्योति मिर्धा ने तो पंखे वाला ट्वीट करके सरकार को ऐसा चटखारा लिया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उनका मैसेज साफ था – “जब सरकार बिजली काटे, तो पंखा चलाना सीखो!” बस, फिर क्या था…

राजनीति के इस मैदान में हर कोई अपनी बैटिंग करने लगा। बेनीवाल – “हम डरने वाले नहीं!” भाजपा – “ये तो नॉर्मल प्रोसीजर है!” कांग्रेस – “लोकतंत्र पर हमला!” सच कहूं तो, ये सब देखकर लगता है जैसे कोई पॉलिटिकल सीरियल चल रहा हो!

अब आगे क्या? राजनीति का नया अध्याय?

अब तो बेनीवाल ने विधानसभा में मुद्दा उठाने और कोर्ट जाने की बात कह दी है। राजनीति के जानकार कह रहे हैं कि ये मामला अब बिजली बिल से आगे निकल चुका है। ये तो बन गया है “सरकार vs विपक्ष” का नया बैटलग्राउंड। कुछ सूत्रों के मुताबिक सरकार शायद जांच समिति बनाकर इस आग पर पानी डालने की कोशिश करे। पर क्या ये काम करेगा? शक की बात है!

एक बात तो तय है – ये “पावर कट” का मामला अब “पावर स्ट्रगल” में बदल चुका है। और ज्योति मिर्धा की वो पंखी वाली पोस्ट? वो तो चेरी ऑन द केक बन गई! अब देखना ये है कि ये तूफान और कितना तेज़ होता है। क्योंकि राजस्थान की राजनीति में, जैसा कि हम जानते हैं – कल कुछ भी हो सकता है!

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Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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