भारत को दुनिया की सोच का केंद्र बनाना: मोदी जी का सपना या हकीकत?
अभी कुछ दिन पहले ही PM मोदी ने एक कार्यक्रम में बड़ी दिलचस्प बात कही – भारत को वैश्विक मानसिकता का केंद्र बनाने की बात। सुनने में तो अच्छा लगता है न? लेकिन असल में इसका मतलब क्या है? मोदी जी का कहना है कि हमें productivity बढ़ानी होगी, tourism और education के मामले में भारत को दुनिया की पहली पसंद बनाना होगा। और सच कहूं तो, पिछले कुछ सालों में infrastructure और governance में हुए सुधारों को देखते हुए यह सपना पूरा होता दिख भी रहा है।
पीछे का सच: कैसे बदल रही है भारत की इमेज?
याद कीजिए पिछले कुछ सालों में “आत्मनिर्भर भारत” और “Digital India” जैसे नारे कितने चर्चित हुए हैं। पर सिर्फ नारे नहीं, काम भी हुआ है। JAM Trinity (जन धन-आधार-मोबाइल) की मदद से तो सरकार ने 4.3 लाख करोड़ रुपये बचा लिए! यानी सिस्टम में पारदर्शिता आई है। मोदी जी पहले भी कह चुके हैं कि भारत को global hub बनाना है, और अब यह विजन और स्पष्ट होता जा रहा है।
क्या-क्या बदलाव हुए? 3 बड़े पॉइंट्स
पहली बात तो productivity की। मोदी जी कह रहे हैं कि हमें first mover advantage लेना चाहिए। मतलब? जल्दी उठो, ज्यादा काम करो, competition में आगे निकलो। दूसरा, infrastructure में क्रांति आई है – airports, highways, digital connectivity… सब पर काम चल रहा है। और तीसरी सबसे बड़ी बात? corruption कम हुआ है। आधार और digital payment systems ने सिस्टम को काफी साफ-सुथरा बना दिया है।
लोग क्या कह रहे हैं? सबके अपने-अपने तर्क
अब सवाल यह है कि आम लोग इसके बारे में क्या सोचते हैं? विपक्ष तो हमेशा की तरह नाखुश है – कह रहा है कि बेरोजगारी-गरीबी पर ध्यान दो, बयानबाजी नहीं। वहीं industry वालों को यह प्लान पसंद आया है। उनका मानना है कि इससे भारत global supply chain का अहम हिस्सा बन सकता है। और youth? वे तो खुश हैं, पर साथ ही और jobs की मांग भी कर रहे हैं। सही भी तो है!
आगे का रास्ता: टूरिज्म, एजुकेशन और डिजिटल इंडिया
तो अब क्या होगा? सरकार के प्लान्स कुछ यूं हैं:
– “Incredible India” को और मजबूत करना ताकि foreign tourists आएं
– Indian educational institutions को global level पर promote करना
– और government services को और ज्यादा online करना
एकदम सही दिशा में कदम। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो अगले 5-10 सालों में भारत सिर्फ economic power ही नहीं, cultural और intellectual hub भी बन सकता है। मोदी जी का यह सपना बड़ा है, पर इसे पूरा करने के लिए सरकार, industry और हम सबको मिलकर काम करना होगा। क्या हम तैयार हैं?
Source: Times of India – Main | Secondary News Source: Pulsivic.com