भारत की IPO रेस: 2025 में क्या फिर से बनेगा इतिहास?
अरे भाई, भारतीय शेयर बाजार में IPO का क्रेज देखकर लगता है जैसे दिवाली के पटाखे फिर से छूटने वाले हैं! 2025 की शुरुआत से ही primary listings ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सच कहूं तो, ये उछाल सिर्फ संयोग नहीं है। घरेलू निवेशकों का पैसा mutual funds में बह रहा है और ब्याज दरें कम होने से कंपनियों को सस्ते में funds मिल रहे हैं। पर सवाल यह है – क्या यह ट्रेंड पूरे साल चलेगा?
क्या पिछले सालों से ज्यादा तेज है रफ्तार?
देखिए, IPO मार्केट तो पिछले 3-4 साल से लगातार बढ़ रहा था। 2021-23 में तो ऐसे-ऐसे बड़े IPO आए कि निवेशकों की आंखें चौंधिया गईं। RBI ने ब्याज दरें कम की तो कॉर्पोरेट्स के लिए ये सुनहरा मौका बन गया। मतलब साफ है – कम ब्याज पर पैसा उठाओ, IPO लाओ, और मार्केट से पैसा कमाओ। साथ ही छोटे निवेशकों की भीड़ ने तो जैसे इस पार्टी में चार चांद लगा दिए। और अब 2025 में तो लगता है ये ट्रेंड और तेज होगा।
2025: शुरुआत हीरो, अंत भगवान भरोसे?
इस साल की पहली छमाही में ही 50,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई! पिछले साल से 30% ज्यादा। टेक कंपनियां तो जैसे IPO लाने की होड़ में लगी हैं। renewable energy और finance सेक्टर भी पीछे नहीं। SEBI ने नए guidelines देकर तो जैसे मुहर लगा दी है – “आओ भई आओ, listing आसान कर दी है हमने!” पर याद रखिए, इतिहास बनाने के लिए सिर्फ अच्छी शुरुआत काफी नहीं होती।
निवेशकों की खुशी, एक्सपर्ट्स की चिंता
अब यहां दो तरह के लोग हैं। एक वो जिन्हें IPO से मोटा return मिल रहा है – “सर जी, एक और IPO लाइए!” और दूसरे वो जो चिल्ला रहे हैं – “भाई, ये valuations तो आसमान छू रही हैं!” एक्सपर्ट्स की बात मानें तो अगर global economy स्थिर रही तो 2025 सच में यादगार साल बन सकता है। वैसे industrialists तो पहले ही घोषणा कर चुके हैं – IPO अब business expansion का नया मंत्र है।
आगे का रास्ता: मौके या मुश्किलें?
अगर ब्याज दरें low बनी रहीं और निवेशकों का जोश कायम रहा, तो 2025 के आखिर तक हम नए-नए रिकॉर्ड देखेंगे। परंतु… हमेशा एक परंतु होता है न? global recession हो या फिर कोई geopolitical tension, ये सब इस पार्टी को बिगाड़ सकते हैं। SEBI और सरकार की policies तो जैसे इस मार्केट की रीढ़ बनी हुई हैं। सच पूछो तो, ये वक्त दिलचस्प तो है ही, थोड़ा डरावना भी है।
खैर, एक बात तो तय है – भारतीय IPO बाजार ने नए दौर में कदम रख दिया है। कंपनियों के लिए opportunities हैं तो निवेशकों के लिए options। बस यही उम्मीद है कि 2025 का ये सफर इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाए। वैसे, आपका क्या ख्याल है? क्या ये बुल रन जारी रहेगा या कोई करेक्शन आएगा?
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Source: Financial Times – Companies | Secondary News Source: Pulsivic.com

