US की धमकियों से भारत क्यों डरे? मोदी सरकार ने टैरिफ पर जो जवाब दिया, वो कमाल का है!
देखिए न, भारत और अमेरिका के बीच चल रहा यह टैरिफ का खेल अब दिलचस्प होता जा रहा है। और सच कहूं तो, PM मोदी ने जिस तरह से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के 50% टैरिफ वाले ऐलान का जवाब दिया, वो तो काबिले-तारीफ है! एक सार्वजनिक सभा में उन्होंने साफ-साफ कह दिया – “भारत झुकने वाला नहीं है।” अरे, ये बयान ऐसे वक्त में आया है जब दोनों देशों के बीच trade tension आसमान छू रहा है। लेकिन सवाल यह है कि क्या अमेरिका को लगता था कि भारत चुपचाप सब कुछ सह लेगा?
पूरा मामला तो तब शुरू हुआ जब अमेरिका ने हमारे स्टील, एल्युमिनियम और कुछ और products पर 50% टैरिफ लगा दिया। सच बताऊं? ये वो कदम है जिसने दोनों देशों के trade relations में बड़ी दीवार खड़ी कर दी है। पर अमेरिका तो पिछले कुछ सालों से trade deficit को लेकर नाराज़ ही था। उनका तो यहां तक कहना है कि भारत के साथ trade में वो घाटा उठा रहे हैं। लेकिन भईया, क्या सिर्फ इसलिए हमें दबाव में लिया जा सकता है?
और हमारी सरकार ने? उसने तो जैसे कह दिया – “जो बोले सो निहाल!” मोदी जी ने साफ कर दिया कि भारत अपने हितों से कभी समझौता नहीं करेगा। और तो और, commerce ministry ने अमेरिकी products पर जवाबी टैरिफ लगाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। हालांकि, सरकार ने ये भी कहा है कि वो बातचीत के लिए तैयार है – पर याद रहे, कोई compromise नहीं होगा। थोड़ा सख्त, लेकिन जरूरी रुख।
अब तो हर कोई अपनी-अपनी राय दे रहा है। राहुल गांधी जी कहते हैं कि अमेरिका से relations खराब करने के बजाय diplomatic solution ढूंढना चाहिए। वहीं CII जैसे industry bodies चेतावनी दे रहे हैं कि इस tariff war से दोनों देशों को नुकसान होगा। अमेरिका की तरफ से White House ने भी कहा है कि वो समाधान चाहते हैं, पर “fair trade” पर जोर दे रहे हैं। मतलब साफ है – ये मामला अभी और पेचीदा हो सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल – आगे क्या? अगले कुछ दिनों में होने वाली bilateral talks पर सबकी नजरें हैं। अगर ये टैरिफ वॉर बढ़ती है, तो export-import पर क्या असर पड़ेगा? Experts कह रहे हैं कि भारत की ये strong stance long-term trade relations को प्रभावित कर सकती है। पर क्या यही सही वक्त नहीं है अपनी बात मजबूती से रखने का?
तो दोस्तों, निष्कर्ष ये कि भारत ने अमेरिकी दबाव के आगे झुकने से मना कर दिया है। बेशक tension बना हुआ है, लेकिन ये देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में क्या होता है। क्या दोनों देश diplomatic solution ढूंढ पाएंगे? या फिर ये trade war और बढ़ेगी? एक बात तो तय है – भारत अब पहले जैसा नहीं रहा। और यही सबसे बड़ा संदेश है!
US की धमकियों और भारत के जवाब: जानिए पूरी कहानी
अरे भाई, अमेरिका और भारत के बीच यह टैरिफ वाला मामला क्या है? सोशल मीडिया पर तो हर कोई अपनी-अपनी राय दे रहा है। लेकिन असलियत क्या है? चलिए, बिना किसी पॉलिटिकल झुकाव के समझते हैं।
1. अमेरिका ने भारत को लेकर क्या कदम उठाया?
देखिए, US ने हमारे कुछ export products पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की बात की थी। यानी सीधे-सीधे भारतीय सामान महंगा करने की धमकी। लेकिन सवाल यह है – क्या अमेरिका सच में ऐसा कर पाएगा? वैसे भारत सरकार का जवाब तो काफी दमदार रहा।
2. भारत ने कैसे दिया जवाब?
अब यहां मोदी सरकार ने जो किया, वो तो एकदम ‘टिट फॉर टैट’ वाला मूव था! US के टैरिफ का जवाब हमने भी अपने यहां अमेरिकी सामान पर टैरिफ बढ़ाकर दिया। साफ संदेश – “हम किसी के दबाव में नहीं झुकेंगे।” और सच कहूं तो यह जरूरी भी था।
3. क्या यह ट्रेड वॉर हमारी इकोनॉमी को नुकसान पहुंचाएगा?
ऐसा नहीं है कि असर होगा ही नहीं। शॉर्ट टर्म में तो कुछ झटके लग सकते हैं – यह तो स्वाभाविक है। लेकिन लॉन्ग टर्म में? देखिए, भारत ने पहले ही ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पर जोर देना शुरू कर दिया है। दूसरे मार्केट्स की तलाश भी जारी है। तो चिंता की कोई बात नहीं!
4. भारत ने किन चीजों पर टैरिफ बढ़ाए?
यहां मजा आ गया! हमने अमेरिकी सेब (apples), बादाम (almonds) और कुछ अन्य products पर टैरिफ बढ़ा दिए। अब अमेरिका को भी तो अपने किसानों का ख्याल रखना पड़ेगा न? Economic loss तो उन्हें भी होगा। एक तरह से यह चाल बिल्कुल ‘चेकमेट’ जैसी है।
तो कुल मिलाकर? भारत ने साबित कर दिया कि वह अब वह पुराना भारत नहीं है जो सिर्फ दूसरों के इशारों पर नाचे। लेकिन यह भी सच है कि दोनों देशों के लिए बातचीत से हल निकालना ही बेहतर होगा। आपको क्या लगता है?
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

