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“चीन को भारतीय नौसेना का दमदार जवाब! आईएनएस तमाल और उदयगिरि की स्टील्थ ताकत ने बदल दिया गेम”

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भारतीय नौसेना ने चीन को दिया मुंहतोड़ जवाब! INS तमाल और उदयगिरि की ‘स्टील्थ पावर’ ने बदल दिया खेल

अरे भाई, क्या आपने सुना? हिंद-प्रशांत में भारतीय नौसेना ने चीन को साफ़-साफ़ बता दिया है कि अब खेल नए नियमों से खेला जाएगा। INS तमाल और INS उदयगिरि जैसे जहाज़ों के आने से तो लगता है जैसे हमारी नौसेना ने सुपरसोनिक मोड ऑन कर दिया हो। सच कहूँ तो, ये नए युद्धपोत चीन की बढ़ती दादागिरी के आगे एक दीवार की तरह खड़े हो गए हैं। और ये सिर्फ़ हथियारों की बात नहीं है… यह हमारे इरादों की मज़बूती की बात है।

पूरा माजरा क्या है?

तो सुनिए, INS तमाल के बारे में दिलचस्प बात यह है कि यह रूस के साथ मिलकर बनाया गया हमारा आखिरी क्रिवक-क्लास फ्रिगेट है। और भईया, ये कोई साधारण जहाज़ नहीं – इसमें लगी मिसाइलें और सेंसर तो ऐसे हैं जैसे किसी साइंस फिक्शन मूवी से निकले हों। वहीं दूसरी तरफ़ INS उदयगिरि… अरे यार, ये तो हमारी खुद की ‘मेड इन इंडिया’ ताकत है! प्रोजेक्ट 17A के तहत बना यह स्टील्थ फ्रिगेट चीन की नज़रों से भी छुप सकता है। सोचिए, हमारे वैज्ञानिकों ने क्या जादू कर दिया!

पर सच तो यह है कि चीन भी बैठा नहीं है। पिछले कुछ सालों में उसने हिंद-प्रशांत में अपनी नौसेना का जाल बिछा दिया है – विमानवाहक जहाज़, परमाणु पनडुब्बियाँ… सब कुछ। ऐसे में हमारे ये नए जहाज़ आए हैं तो जैसे चेस के बोर्ड पर क्वीन का चाल हुआ हो। बैलेंस बनाने के लिए बिल्कुल सही वक्त पर सही चाल!

क्या-क्या नया हुआ? (Key Developments)

ताज़ा अपडेट यह है कि INS तमाल और उदयगिरि अब हमारी नौसेना का हिस्सा बन चुके हैं। और सच कहूँ तो, ये सिर्फ़ दो जहाज़ नहीं हैं… ये तो हमारी समुद्री निगरानी की आँखों का विस्तार हैं। स्टील्थ टेक्नोलॉजी? मिसाइल सिस्टम? ये सब तो आजकल के नौसैनिक युद्ध का बेसिक सा हिस्सा हो गया है। पर असल बात यह है कि चीन के साथ चल रहे समुद्री तनाव के बीच ये जहाज़ हमें एक नई रणनीतिक गहराई देते हैं। गेम चेंजर? बिल्कुल!

किसने क्या कहा? (Reactions or Opinions)

हमारे नौसेना प्रमुख तो बिल्कुल खुश हैं – “ये जहाज़ हमारी समुद्री सुरक्षा को नई ताकत देंगे” वगैरह-वगैरह। पर मज़ेदार बात यह है कि रक्षा विशेषज्ञों की नज़र में उदयगिरि सिर्फ़ एक जहाज़ नहीं, बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ का जीता-जागता प्रमाण है। और चीन? वहाँ के मीडिया में तो हलचल मच गई है! कोई इसे ‘भारत का दिखावा’ बता रहा है तो कोई सचमुच चिंतित दिख रहा है। पर हमें क्या… हम तो अपना काम करते रहेंगे ना?

आगे की चाल क्या होगी? (Future Implications)

अब तो लगता है जैसे यह सिर्फ़ शुरुआत है। अगले कुछ सालों में और भी स्टील्थ जहाज़ हमारी नौसेना में शामिल होंगे। और हाँ, हिंद-प्रशांत में भारत-चीन की यह नौसैनिक होड़ और तेज़ होगी – यह तो तय है। पर एक अच्छी बात यह भी है कि हमारी यह तैयारी दूसरे देशों को भी साथ लाने में मदद करेगी। सुरक्षा के मामले में तो जितने साथी, उतना ही अच्छा!

तो देखा आपने? INS तमाल और उदयगिरि सिर्फ़ धातु के टुकड़े नहीं हैं… ये तो हमारी तकनीकी कुशलता, सामरिक सोच और ‘हम भी कर सकते हैं’ वाली मानसिकता का प्रतीक हैं। और यकीन मानिए, आने वाले समय में यह फैसला एक बड़े मोड़ के रूप में याद किया जाएगा। जय हिन्द की नौसेना!

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चीन vs भारतीय नौसेना: INS तमाल और उदयगिरि की स्टील्थ ताकत पर बातचीत

1. INS तमाल और उदयगिरि – ये जहाज़ क्यों हैं चर्चा में?

देखिए, ये दोनों जहाज़ भारतीय नौसेना का नया गर्व हैं। स्टील्थ-टेक्नोलॉजी वाले ये जहाज़ कुछ-कुछ James Bond की गाड़ियों जैसे हैं – दिखाई नहीं देते, लेकिन काम कर जाते हैं! असल में, इनमें वो सारे फीचर्स हैं जो आजकल मॉडर्न वॉरफेयर के लिए ज़रूरी हैं। रडार से बचने (stealth) की क्षमता तो है ही, साथ ही मिसाइल टेक्नोलॉजी भी बेहद एडवांस्ड। चीन को जवाब देने के लिए ये परफेक्ट कॉम्बिनेशन हैं।

2. चीन के साथ बढ़ते तनाव में इनका क्या योगदान?

सीधी बात कहूँ तो – ये जहाज़ सिर्फ लोहे का ढेर नहीं हैं, ये एक संदेश हैं। चीन को ये बताते हैं कि भारत अब पहले जैसा नहीं रहा। हमारी नौसेना की मुट्ठी अब और मज़बूत हो चुकी है। और सबसे खास बात? इनकी स्टील्थ कैपेबिलिटी। सोचिए, दुश्मन को पता ही न चले कि हमारा जहाज़ कहाँ है – ये तो गेम-चेंजर है न?

3. स्टील्थ टेक्नोलॉजी – ये आखिर है क्या चीज़?

अरे भाई, स्टील्थ का मतलब है ‘चोर-सीधा’ होना! मज़ाक कर रहा हूँ… असल में ये टेक्नोलॉजी जहाज़ को दुश्मन की नज़रों से छुपा देती है। जैसे आपने कभी Instagram पर ghost mode देखा होगा, वैसे ही। इनकी खास डिज़ाइन और मटेरियल रडार सिग्नल को सोख लेते हैं। नतीजा? दुश्मन का रडार इन्हें ढूंढ़ नहीं पाता। बस फिर क्या – surprise attack के लिए परफेक्ट!

4. क्या ये जहाज़ भारत को चीन से आगे ले जाते हैं?

ईमानदारी से कहूँ तो – पूरी तरह नहीं, लेकिन बैलेंस ज़रूर बनाते हैं। चीन के पास भी बड़ी नेवल पावर है, ये तो हम मानते हैं। लेकिन INS तमाल और उदयगिरि जैसे जहाज़ हमारी ताकत को नया आयाम देते हैं। ये चीन के लिए एक तरह का वॉकिंग वार्निंग साइन हैं। रीजनल पावर बैलेंस में ये हमारे लिए बहुत बड़ा कार्ड साबित हो सकते हैं। सच कहूँ तो, चीन अब हल्के में नहीं ले सकता भारत को!

Source: Navbharat Times – Default | Secondary News Source: Pulsivic.com

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