इजरायल का बड़ा ऑल-इन मूव: क्या अब गाजा के कुछ हिस्से इजरायल में मिल जाएंगे?
अरे भई, इजरायल सरकार ने तो आज एक ऐसा बम फोड़ा है जिसने पूरे मिडिल ईस्ट की राजनीति को हिलाकर रख दिया! सीधे शब्दों में कहें तो उनका कहना है – “हमास अगर सीजफायर प्रोपोजल को ठुकराएगा, तो गाजा के कुछ अहम इलाके हमारे देश का हिस्सा बन जाएंगे।” बस, इतना ही। इजरायली सुरक्षा मंत्री ज़ीव एल्किन तो बिल्कुल साफ़-साफ़ कह रहे हैं: “दुश्मन को सबसे ज़्यादा चोट ज़मीन छिनने से पहुँचती है।” और ये सब ऐसे वक्त में हो रहा है जब पूरी दुनिया गाजा में शांति के लिए ज़ोर लगा रही है।
पूरा माजरा क्या है?
देखिए, गाजा को लेकर इजरायल और हमास की लड़ाई तो कोई नई बात नहीं। लेकिन 7 अक्टूबर 2023 के बाद से ये जंग एक नए लेवल पर पहुँच गई। हमास के बड़े हमले के जवाब में इजरायल ने गाजा में जो ऑपरेशन शुरू किया, उसने तो पूरे इलाके को ही हिलाकर रख दिया। अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, पर हमास ने मना कर दिया। और इजरायल? उन्होंने तो बिल्कुल क्लासिक ‘हार्ड बॉल’ पॉलिटिक्स खेलते हुए गाजा के कुछ हिस्सों को अपने में मिलाने की बात कह दी। चलो, इसे ऐसे समझें – जैसे कोई चेस गेम में अचानक क्वीन से चाल चल दी हो!
ताज़ा अपडेट क्या है?
इजरायल की सिक्योरिटी कैबिनेट ने तो फैसला कर ही लिया है। गाजा के कुछ इलाकों को इजरायल में मिलाने का प्रस्ताव पास हो चुका है। और ये सब हमास के ‘ना’ की प्रतिक्रिया में। इजरायली नेताओं का मानना है कि इससे हमास को एक साफ़ मैसेज जाएगा – “अगर तुमने गोली चलाई, तो ज़मीन गई।” पर कुछ एक्सपर्ट्स की राय अलग है। उनका कहना है कि ये सब इजरायल की बड़ी स्ट्रैटजी का हिस्सा है, जहाँ वो गाजा में अपनी सुरक्षा को लेकर सीधा कंट्रोल चाहता है।
किसने क्या कहा?
इस ऐलान पर तो हर कोई अपनी-अपनी राय दे रहा है। इजरायल के ज़ीव एल्किन तो बिल्कुल क्लियर हैं: “गाजा फिर से हमारा होगा।” वहीं हमास वाले इस फैसले को “बेईमानी और जबरदस्ती” बता रहे हैं। UN वाले भी चिंता जता रहे हैं कि इससे इलाके में तनाव और बढ़ेगा। कई देशों ने इजरायल से इस पर दोबारा सोचने को कहा है। पर सच कहूँ तो, इजरायल अभी किसी की सुनता दिख नहीं रहा।
अब आगे क्या?
अब सारा फोकस हमास पर है। अगर उन्होंने सीजफायर प्रोपोजल को ठुकराया, तो इजरायल गाजा के कुछ हिस्सों पर कब्ज़ा कर सकता है। और फिर? फिर तो ये पूरा इजरायल-फिलिस्तीन का मसला और भी उलझ जाएगा। मिडिल ईस्ट की शांति पर तो असर पड़ेगा ही, पूरी दुनिया की राजनीति भी इससे प्रभावित हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ेगा, नए प्रतिबंध आ सकते हैं। एक तरह से देखें तो ये एक डोमिनो इफेक्ट की शुरुआत हो सकती है।
पूरी दुनिया की नज़रें अब इस पर टिकी हैं। क्योंकि इजरायल का ये फैसला न सिर्फ गाजा, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट के भविष्य को बदल सकता है। अगले कुछ दिनों में जो होगा, वो शायद इस पूरे संकट की दिशा तय कर देगा। और हम? हमें तो बस इंतज़ार करना है और देखना है कि ये चेस गेम आखिर किसके पक्ष में जाता है।
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Source: NY Post – World News | Secondary News Source: Pulsivic.com