जम्मू स्टेशन कांड: RPF कांस्टेबल का खेल खुला, सच सुनकर रह जाएंगे दंग!
अरे भई, जम्मू रेलवे स्टेशन पर तो ऐसा धमाल हुआ कि सारी सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ गए! सोचिए, जिन्हें हमारी सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है, वही RPF का एक ASI अब सुर्खियों में है। और क्यों? क्योंकि ACB ने इस बंदे को पकड़ा है एक बड़ी साजिश के ठीक मोड़ पर। सच कहूं तो, रेलवे से जुड़ी संवेदनशील जानकारी का गलत इस्तेमाल… यह कोई मामूली बात तो है नहीं।
पूरा माजरा क्या है? ASI पर शक क्यों हुआ?
देखिए, ACB को पहले से ही इस बंदे पर नजर थी। सूत्रों की मानें तो ये ASI कुछ ज्यादा ही ‘बिजी’ रहने लगा था – अजनबियों से मिलता, फोन पर गुप्त बातें करता। और भई, जम्मू स्टेशन तो पहले से ही आतंकवाद और तस्करी जैसे मामलों में सेंसिटिव इलाका है। ऐसे में जब ACB ने इसकी गतिविधियों पर नजर डाली, तो पता चला कि ये कोई बड़ा गेम खेलने वाला था। सच में हैरान कर देने वाली बात है!
क्या-क्या मिला? और क्या थी प्लानिंग?
तो ACB वालों ने इस ASI को उसके घर से पकड़ा। और हां, उसके पास से कुछ बेहद अहम दस्तावेज और electronic devices भी बरामद हुए। अब जांचकर्ताओं को लग रहा है कि ये सारा सामान रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। सबसे डरावनी बात? ये शख्स इन जानकारियों का इस्तेमाल करके रेलवे सिस्टम को नुकसान पहुंचाने की फिराक में था! पर सवाल यह है कि क्या ये अकेला था या किसी बड़े गैंग का हिस्सा? फिलहाल तो यही पहेली सुलझनी बाकी है।
लोग क्या कह रहे हैं? प्रतिक्रियाओं का अंदाज़ा
इस मामले ने तो सबको हिला कर रख दिया है। RPF का कहना है कि वो ACB को पूरा सहयोग दे रहे हैं। वहीं ACB के एक बड़े अधिकारी ने कहा – “ये केस बेहद सीरियस है, हम पारदर्शी तरीके से जांच कर रहे हैं।” और स्थानीय लोग? उनकी चिंता तो समझ आती है। एक यात्री ने तो सीधे कह दिया – “भई, रेलवे स्टेशन पर ऐसी घटनाएं होने लगें तो फिर किस पर भरोसा करें?” सच कहूं तो, ये सवाल वाजिब भी है।
अब आगे क्या? जांच के नए मोड़
अब सबकी नजर इस केस की जांच पर टिकी है। खबरों के मुताबिक, जल्द ही इस ASI के खिलाफ FIR दर्ज हो सकती है। और हो सकता है कि और नाम भी सामने आएं, क्योंकि इसके कॉन्टैक्ट्स की भी जांच चल रही है। साथ ही रेलवे वाले अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से नजर डालने वाले हैं। कुछ एक्सपर्ट्स तो यहां तक कह रहे हैं कि RPF के अंदर ही बड़ी सफाई की जरूरत है। सच में, ये पूरा मामला एक बड़ा सवाल खड़ा कर देता है।
आखिर में: एक सबक जो सीखना जरूरी है
देखिए, ये केस सिर्फ एक भ्रष्ट अधिकारी की कहानी नहीं है। ये तो हमारी सुरक्षा व्यवस्था में छिपी कमजोरियों को भी उजागर करता है। जब तक पूरी जांच सामने नहीं आती, तब तक तो ये मामला गरमा-गरम बना रहेगा। पर एक बात तो तय है – अब सुरक्षा एजेंसियों को अपनी निगरानी व्यवस्था को और टाइट करना ही होगा। वरना… अरे, बाकी तो आप समझदार हैं!
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com