लॉकहीड मार्टिन का मुनाफा 80% गिरा – क्या यह सिर्फ एक कंपनी की मुसीबत है या पूरे सेक्टर का संकट?
अरे भाई, अमेरिकी रक्षा उद्योग का यह दिग्गज Lockheed Martin हाल ही में ऐसा लड़खड़ाया कि देखने वालों की सांसें थम गईं! कंपनी ने अपने EPS (earnings-per-share) का अनुमान $27 से घटाकर $22 कर दिया है। सुनने में थोड़ा सा लगता है? लेकिन असलियत यह है कि यह $1.6 बिलियन (करीब 13,300 करोड़ रुपये) के नुकसान के बराबर है। मतलब साफ है – उनका मुनाफा 80% तक गिर चुका है। ये आंकड़े देखकर तो कोई भी चौंक जाएगा!
अब सवाल यह उठता है कि आखिर हुआ क्या? Lockheed Martin वो कंपनी है जो F-35 fighter jets और missile systems बनाती है – बिल्कुल हॉलीवुड मूवीज वाली टेक्नोलॉजी। लेकिन देखा जाए तो पिछले कुछ सालों से उनकी हालत ठीक नहीं चल रही। Supply chain की दिक्कतें, बढ़ती लागत, सरकारी अनुबंधों में देरी – मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। और हैरानी की बात यह कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद defense equipment की मांग तो आसमान छू रही है, लेकिन ये लोग डिलीवरी ही नहीं कर पा रहे!
ईमानदारी से कहूं तो मुख्य समस्या दो चीजों में है – पहला तो उत्पादन लागत जो अचानक आसमान छूने लगी, दूसरा supply chain का बवाल। कंपनी के ही अधिकारी मान रहे हैं कि semiconductor chips की कमी और कुशल कर्मचारियों की अनुपलब्धता ने उनकी कमर तोड़ दी है। सोचिए, इतनी बड़ी कंपनी के पास चिप्स नहीं मिल रहे – जैसे आजकल हमारे यहां PS5 मिलने में दिक्कत होती है!
वॉल स्ट्रीट के जानकार तो इस खबर से हिल गए हैं। उनका कहना है कि यह निवेशकों के लिए बड़ा झटका है। Lockheed Martin वालों ने जरूर कहा है कि वे “लागत कम करने और supply chain ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं”, लेकिन ये सिर्फ बयानबाजी है या असली कार्रवाई, यह तो वक्त ही बताएगा। Pentagon भी चिंतित दिख रहा है – शायद उन्हें डर सता रहा है कि अगर यह कंपनी नहीं संभली तो उन्हें दूसरे vendors की तलाश करनी पड़ेगी।
अब आगे क्या? देखिए, Lockheed Martin को तुरंत कुछ ठोस कदम उठाने होंगे। अगर वे जल्दी नहीं संभले तो shareholders का गुस्सा देखने लायक होगा। और सच कहूं तो यह सिर्फ एक कंपनी की समस्या नहीं है – जो देश अमेरिकी हथियारों पर निर्भर हैं, उनके लिए भी यह चिंता की बात है। पूरा defense sector इस पर नजर गड़ाए बैठा है।
एक तरफ तो यह कंपनी के लिए बड़ा झटका है, लेकिन दूसरी तरफ यह पूरे उद्योग के लिए एक चेतावनी भी है। अब देखना यह है कि Lockheed Martin कैसे इस संकट से उबरती है और सरकार कितना साथ देती है। क्योंकि अंत में, यह सिर्फ नंबर्स का खेल नहीं है – देशों की सुरक्षा का सवाल है।
क्या आपको लगता है कि Lockheed Martin इस संकट से उबर पाएगी? या फिर defense sector में कोई बड़ा बदलाव आने वाला है? कमेंट में बताइए!
लॉकहीड मार्टिन का मुनाफा गिरा – क्या यह बड़ी मुसीबत है या सिर्फ एक झटका?
80% मुनाफे की गिरावट? ये हुआ कैसे?
देखिए, असल में बात ये है कि लॉकहीड मार्टिन को F-35 fighter jets प्रोग्राम में कुछ ज़्यादा ही दिक्कतें आईं। वैसे तो ये कंपनी बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए जानी जाती है, लेकिन इस बार delays और बढ़ते खर्चों ने उनकी कमर तोड़ दी। और हां, supply chain की दिक्कतें और कर्मचारियों की कमी ने भी मुसीबत को और बढ़ा दिया। सच कहूं तो, ये सब मिलकर 80% गिरावट का कारण बना।
1.6 बिलियन डॉलर का झटका? भई ये तो बहुत हो गया!
अब ये जो 1.6 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है, इसकी वजह कुछ और नहीं बल्कि F-35 प्रोग्राम में आए unexpected changes हैं। कॉन्ट्रैक्ट में बार-बार हुए बदलाव, नए खर्चे… समझ आ रहा है ना मामला? कंपनी को तो अपना मुनाफा ही इन सब पर खर्च करना पड़ा। एक तरह से कहें तो ये पूरा सेक्वेंस ही कुछ ऐसा रहा जैसे घर में बजट बनाया हो और फिर अचानक शादी का कार्ड आ जाए!
Investors के लिए ये कितना डरावना है?
सीधी बात करें तो हां, ये खबर investors को परेशान कर सकती है। क्योंकि अभी के हालात देखकर तो लगता है कंपनी को थोड़ा संभलने की ज़रूरत है। लेकिन यहां एक दूसरा पहलू भी है – लॉकहीड मार्टिन के पास government contracts का बड़ा पोर्टफोलियो है। Long-term में देखा जाए तो ये कंपनी फिर से उभर सकती है। पर सच पूछो तो, अगले कुछ quarters तो थोड़े टेंशन वाले ही रहेंगे।
शेयर्स पर क्या असर हुआ? क्या खरीदने का मौका है?
खबर आते ही शेयर्स में गिरावट तो आई – ये तो होना ही था। लेकिन यहां दिलचस्प बात ये है कि market experts का मानना है कि ये temporary dip है। अगर कंपनी अपने आने वाले प्रोजेक्ट्स को सही तरीके से मैनेज कर पाई (और उनका ट्रैक रिकॉर्ड तो अच्छा ही है), तो शेयर्स फिर से रिकवर कर सकते हैं। पर मेरी निजी राय? थोड़ा और wait करके देख लें, क्योंकि अभी पूरा पिक्चर क्लियर नहीं हुआ है।
Source: Financial Times – Companies | Secondary News Source: Pulsivic.com