बाल की खाल निकालने का शौक! 4000 लोगों पर केस कर चुका है ये शख्स
सोचिए, आपके आस-पास कोई ऐसा इंसान हो जिसे मुकदमेबाजी का ऐसा चस्का लग जाए कि अपनी ही माँ को कोर्ट में घसीट ले? अरे भई, ये कोई फिल्मी कहानी नहीं है। असल ज़िंदगी का एक किरदार है जोनाथन ली (Johnathan Lee) – जिसने अपने इसी सनकीपन की वजह से 4000 से ज़्यादा लोगों और कंपनियों को कानूनी नोटिस भेज चुका है। और तो और, इसने तो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के खिलाफ भी केस कर दिया था! वजह? उन्होंने इसे “दुनिया का सबसे बड़ा मुकदमेबाज” मानने से इनकार कर दिया था। सच में, कुछ लोगों के शौक भी निराले होते हैं!
एक मुकदमेबाज़ की अनोखी दास्तान
अब जोनाथन की कहानी सुनिए। ये कोई आम आदमी नहीं है जो कभी-कभार कोर्ट का चक्कर लगाता हो। नहीं-नहीं! इसे तो मुकदमे दायर करने का ऐसा जुनून सवार है कि छोटी-मोटी बात पर भी लोगों को लीगल नोटिस भेज देता है। और लिस्ट क्या है भई – अपनी माँ, पड़ोस के चाचा, सरकारी बाबू, यहाँ तक कि बड़ी-बड़ी कंपनियाँ भी इसकी निशानदेही से बच नहीं पाई हैं। कई बार तो ऐसे लोगों पर केस कर दिया जिनसे इसका दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं था। है न मज़ेदार? पर मज़ाक की बात नहीं – 4000+ केस तो बस शुरुआत है!
गिनीज बुक तक पहुँची उसकी सनक
अब आप ही बताइए, जब कोई इतना ज़्यादा केस करे तो उसे पहचान तो मिलनी ही चाहिए न? पर गिनीज बुक वालों ने इसे “सबसे ज़्यादा मुकदमेबाज” का खिताब देने से मना कर दिया। तो क्या हुआ? जोनाथन ने उन पर ही केस कर दिया! हालाँकि जज साहब अक्सर इनके केसों को “वक्त की बर्बादी” बताकर खारिज कर देते हैं, पर इससे इसके जोश में कोई कमी नहीं आई। नए-नए टार्गेट ढूँढना और केस दायर करना – ये तो इसका रोज़ का नियम बन गया है।
लोगों और विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया
जिन लोगों ने जोनाथन का नोटिस खाया है, उनकी क्या राय है? एक शब्द में – “पागल!” कई तो कहते हैं कि इसकी वजह से उनकी ज़िंदगी ही दूभर हो गई। वहीं कानून के जानकारों की चिंता और भी गंभीर है। उनका कहना है कि ऐसे फ़िजूल केस असली मामलों को पीछे धकेल देते हैं। सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर खूब बहस चल रही है – कुछ लोग इसे मसखरापन मानते हैं तो कुछ इसे कानूनी व्यवस्था के लिए खतरा। आपकी क्या राय है?
आगे क्या होगा?
अब तो कोर्ट भी इसके केसों को गंभीरता से नहीं ले रही। पर जोनाथन है कि मानने का नाम ही नहीं लेता। कानूनविदों का कहना है कि अगर यह सिलसिला जारी रहा तो उल्टा इस पर ही केस हो सकता है। सवाल ये है कि क्या ये अपने इस “रिकॉर्ड” को और आगे बढ़ाएगा? फिलहाल तो ये कहानी जारी है, और जोनाथन ली का ये सनकीपन कानूनी व्यवस्था के लिए सिरदर्द बना हुआ है।
निष्कर्ष: जोनाथन ली के केसों ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है – क्या कानून को इस तरह खिलवाड़ के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए? इसकी ये आदत न सिर्फ लोगों की नींद उड़ा रही है, बल्कि पूरी न्यायिक व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा रही है। क्या आपको नहीं लगता कि ऐसे मामलों पर रोक लगनी चाहिए?
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Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com