मोतिहारी मर्डर केस: CCTV ने पकड़वाया हत्यारे को, लेकिन कुछ सवाल अभी भी बाकी
मोतिहारी का वो हेनरी बाजार वाला दिन… जब महावीरी जुलूस की धूम के बीच एक नौजवान राजन की बेरहम हत्या कर दी गई। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने तो जैसे पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। लेकिन असल में हैरानी की बात ये है कि इतनी भीड़ के बीच ये वारदात कैसे हो गई? हालांकि, पुलिस ने CCTV फुटेज और चप्पल जैसे छोटे-छोटे सबूतों से केस को क्लीन कर दिखाया है। सच कहूं तो, टेक्नोलॉजी की यही ताकत आज के ज़माने में काम आई।
अब सवाल ये उठता है कि आखिर मामले की जड़ क्या थी? स्थानीय लोग बताते हैं कि ये ज़मीन के झगड़े का नतीजा था। पीड़ित और आरोपी के बीच पुरानी दुश्मनी चली आ रही थी। और जुलूस के हुजूम में उन्हें सही मौका मिल गया। देखा जाए तो, ये वाकई में हैरान करने वाली बात है कि इतने सारे लोगों के सामने कोई कैसे हत्या कर सकता है? शुरुआत में तो पुलिस के पास कुछ खास नहीं था, लेकिन CCTV कैमरों ने जैसे केस का रुख ही बदल दिया।
पुलिस की जांच में कुछ दिलचस्प बातें सामने आई हैं। मसलन, आरोपी ने जो चप्पल पहनी थी, वो उसके खरीदारी के बिल से मिल गई। सच में! और CCTV फुटेज तो जैसे सबूतों का खजाना ही निकला। गिरफ्तारी के बाद तो आरोपी ने सारा कुछ कबूल भी कर लिया। पुलिस अब केस को लेकर काफी कॉन्फिडेंट दिख रही है। पर सवाल ये है कि क्या सिर्फ एक गिरफ्तारी ही काफी है?
इस पूरे मामले ने मोतिहारी में तूफान ला दिया है। एक तरफ तो पीड़ित परिवार पुलिस की तारीफ कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ सवाल भी उठा रहा है। स्थानीय नेता तो बिल्कुल मोड पर आ गए हैं – “ये कानून व्यवस्था की नाकामी है!” वैसे पुलिस वालों का कहना है कि वो इतना वॉटरटाइट केस बना रहे हैं कि आरोपी बच न सके। लेकिन हम सब जानते हैं न, हमारे यहां कोर्ट केस कितने लंबे खिंचते हैं…
अब सबकी निगाहें कोर्ट पर टिकी हैं। चार्जशीट कब तक दाखिल होगी? सजा कब तक मिलेगी? एक बात तो तय है – इस केस ने CCTV की अहमियत को फिर से साबित कर दिया है। अब प्रशासन भी पब्लिक सेफ्टी को लेकर गंभीर दिख रहा है। पर क्या ये सब काफी है? क्या ऐसी घटनाएं रुक पाएंगी? ये तो वक्त ही बताएगा।
फिलहाल तो इतना ही कहा जा सकता है कि टेक्नोलॉजी की बदौलत इस केस में तो न्याय की उम्मीद दिख रही है। लेकिन असली सवाल ये है कि क्या हमारी व्यवस्था इतनी मजबूत है कि ऐसे हादसों को रोक सके? सोचने वाली बात है… है न?
देखा जाए तो CCTV footage ने सच में एक बार फिर वो कर दिखाया जिसकी हमें उम्मीद थी। मोतिहारी हत्याकांड case में तो जैसे technology ने पुलिस का हाथ थाम लिया – और क्या बात है! अब सोचिए, आज के digital दौर में कोई चोरी-छिपे कुछ भी करके भाग निकलने की सोचे? मुश्किल ही है।
ईमानदारी से कहूं तो ये case सिर्फ एक सफलता कहानी नहीं, बल्कि एक सीख भी है। जब सही tools और सही नीयत साथ हो, तो कोई भी गुत्थी सुलझाई जा सकती है। बस… थोड़ी सी मेहनत और सही दिशा में कदम चाहिए। वैसे भी, अब तो हर गली-मोहल्ले में CCTV कैमरे लगे हैं – तो सोचिए, कहीं भी, कुछ भी हो, रिकॉर्ड तो होगा ही। है न?
Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com