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मुजफ्फरपुर में महावीरी झंडा जुलूस पर हमला: थानेदार सहित कई घायल, गांव में तनाव

मुजफ्फरपुर में महावीरी झंडा जुलूस हिंसा: थानेदार घायल, गांव में क्या हालात?

बिहार का मुजफ्फरपुर एक बार फिर सुर्खियों में है। और वजह? महावीरी झंडा जुलूस के दौरान हुई वह हिंसा जिसने न सिर्फ थानेदार को घायल कर दिया, बल्कि पूरे गांव को तनाव के माहौल में धकेल दिया। सच कहूं तो, ये वाकया सामुदायिक सद्भाव पर बड़ा सवालिया निशान छोड़ गया है।

अब सवाल ये उठता है कि आखिर हुआ क्या? दरअसल, ये जुलूस तो हर साल निकलता है – धूमधाम से, श्रद्धा से। लेकिन पिछले कुछ सालों से दो समुदायों के बीच जो खटास चल रही थी, वो आज खुलकर सामने आ गई। हैरानी की बात ये कि प्रशासन ने इस बार खास इंतजाम भी किए थे। फिर भी… हिंसा रोकी नहीं जा सकी। गांव वालों का कहना है कि कुछ लोगों ने जान-बूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की।

झड़प की जो तस्वीर सामने आई है, वो काफी डरावनी है। पथराव, लाठीचार्ज… और नतीजा? थानेदार समेत करीब 10 लोग घायल। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर कुछ लोगों को पकड़ा भी। पर क्या ये काफी है? फिलहाल तो गांव में PAC और RAF की टुकड़ियां तैनात हैं। धारा 144 भी लग चुकी है। लेकिन असल सवाल ये है कि क्या ये सब काफी होगा?

अब स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। कोई इसे “दुर्भाग्यपूर्ण” बता रहा है तो कोई प्रशासन पर सवाल उठा रहा है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्थिति “कंट्रोल में” है। पर गांव वालों की चिंता अभी खत्म नहीं हुई है। कुछ का कहना है कि ये सब कुछ लोगों की साजिश है जो शांति भंग करना चाहते हैं।

तो अब आगे क्या? देखिए, पुलिस जांच कर रही है। और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। प्रशासन दोनों पक्षों को बैठाकर बातचीत करवाने की कोशिश करेगा। पर सच तो ये है कि अगर तनाव कम नहीं हुआ तो और सुरक्षा बल बुलाने पड़ सकते हैं। और लंबे समय में? इसका असर स्थानीय राजनीति और सामाजिक ताने-बाने पर पड़ सकता है। खासकर इस वक्त जब माहौल पहले से ही काफी संवेदनशील चल रहा है।

सच कहूं तो, मुजफ्फरपुर की ये घटना सिर्फ एक हिंसक वाकया नहीं है। ये एक चेतावनी है। प्रशासन और स्थानीय नेताओं को मिलकर काम करना होगा। वरना… अगली बार शायद स्थिति और भी बिगड़ सकती है। क्या वे इससे सबक लेंगे? ये तो वक्त ही बताएगा।

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Source: NDTV Khabar – Latest | Secondary News Source: Pulsivic.com

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