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नेतन्याहू ने गाजा पट्टी पर पूर्ण कब्जे की योजना को मंजूरी दी, हमास को बंधकों को छोड़ने के लिए मजबूर किया

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इजरायल-हमास संघर्ष: नेतन्याहू का बड़ा फैसला, गाजा पर ‘पूरा कंट्रोल’ चाहिए!

अब ये हो गया न! इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने आखिरकार गाजा पट्टी पर पूरी तरह कब्जा करने का ऐलान कर दिया। स्थानीय मीडिया reports तो यही बता रही हैं कि ये कदम हमास पर दबाव बनाने के लिए है, ताकि वो बंधक बनाए गए इजरायली नागरिकों को छोड़ दे। पर सच कहूं तो, पिछले कई हफ्तों से चल रही ये झड़प किसी हल की तरफ बढ़ती ही नहीं दिख रही थी। तो क्या अब ये फैसला सही है? देखते हैं…

पूरा मामला क्या है? थोड़ा पीछे चलते हैं

याद है न वो 7 अक्टूबर 2023 का दिन? जब हमास ने अचानक इजरायल पर जोरदार हमला बोला था। सैकड़ों मासूमों की जान गई, कितनों को उठा लिया गया। और फिर? इजरायल ने तो गाजा को ही हिलाकर रख दिया। बमबारी में हजारों फिलिस्तीनियों के मरने की खबरें आईं। अंतरराष्ट्रीय community चाहे जितना बीच-बचाव करे, मामला अटका ही रहा। बंधक? वो तो आज भी वहीं फंसे हैं।

अब क्या हो रहा है?

नेतन्याहू सरकार ने तो जैसे पूरा गेम ही बदल दिया है! इजरायली army अब गाजा के strategic locations पर जमकर कार्रवाई करने वाली है। हालांकि, दुनिया की प्रतिक्रिया… मिश्रित है। कोई कह रहा है ‘आत्मरक्षा का अधिकार’, तो कोई इसे ज्यादती बता रहा है। security experts की मानें तो ये हमास को घुटने टिकवाने की प्लानिंग है। पर क्या ये सच में काम करेगा?

कौन क्या बोला? प्रतिक्रियाओं का दंगल

हमास वाले तो आग बबूला हो गए – “ये तो और हिंसा को बढ़ावा देने वाला कदम है!” वहीं नेतन्याहू साफ कह रहे हैं – “हमारी पहली प्राथमिकता बंधकों की सुरक्षा है।” संयुक्त राष्ट्र से लेकर तमाम देश शांति वार्ता की बात कर रहे हैं। US और कुछ western देश इजरायल के साथ खड़े हैं, जबकि अरब देशों का गुस्सा सातवें आसमान पर। एक तरफ तो…

आगे क्या? कुछ तो होगा!

विश्लेषकों की राय है कि अब गाजा में और भी भीषण ऑपरेशन हो सकता है। हिंसा बढ़ने का डर तो है ही। पर diplomatic sources कह रहे हैं कि अभी भी बातचीत की गुंजाइश बाकी है। असल में, ये फैसला सिर्फ इजरायल-फिलिस्तीन को ही नहीं, पूरे मध्य पूर्व की geopolitics को हिला सकता है। सच कहूं तो, ये तो बस शुरुआत है।

तो देखा आपने? नेतन्याहू सरकार ने तो पासा फेंक दिया है। पर अंतरराष्ट्रीय community की चिंताएं भी बढ़ गई हैं। अब सवाल ये है कि क्या ये कदम बंधकों को छुड़ा पाएगा? या फिर पूरे इलाके को एक नए जंग की आग में झोंक देगा? वक्त ही बताएगा… पर अभी तो स्थिति बेहद गंभीर है। सच में।

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Source: NY Post – World News | Secondary News Source: Pulsivic.com

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