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“ठगों का नया निशाना! एक गलती से हो सकती है आपकी जिंदगी बर्बाद – ये हैं बचने के तरीके”

ठगों का नया निशाना! एक छोटी सी गलती और… पूरी जिंदगी पटरी से उतर सकती है

अरे भाई, सुनो जरा! साइबर ठगों ने फिर से अपनी पेंच खोल दी है। और इस बार? वो तो जैसे आम आदमी की मेहनत की कमाई पर सीधा निशाना साध रहे हैं। साइबर क्राइम सेल की हालिया चेतावनी देखकर तो लगता है कि ये लोग अब पहले से कहीं ज्यादा चालाक हो गए हैं। सच कहूँ तो, अब ये phishing emails और फर्जी कॉल्स तो बस शुरुआत भर हैं। असली खेल तो तब शुरू होता है जब ये आपके बैंक अकाउंट तक पहुँच बना लेते हैं। और सबसे डरावना क्या है? पीड़ित को पता तक नहीं चलता कि कब उसका पूरा खाता साफ हो गया। बस, एक दिन अचानक बैलेंस जीरो!

अब थोड़ा पीछे चलते हैं। पिछले कुछ सालों के ट्रेंड को देखें तो… वाह! साइबर फ्रॉड के तरीकों में क्या बदलाव आया है। पहले तो ये लोग फर्जी लॉटरी या ‘आसान लोन’ के नाम पर फंसाते थे। लेकिन अब? अब तो ये सीधे बैंक अधिकारी या पुलिस वाले बनकर कॉल करते हैं। और हम भोले-भाले लोग? डर के मारे OTP भेज देते हैं। सच में यार, अब तो ये psychological warfare जैसा हो गया है।

नया स्कैम: “सर, आपके अकाउंट में धोखाधड़ी हो रही है!”

सुनकर हैरान रह जाओगे – साइबर क्राइम विभाग ने हाल ही में एक नई चाल का पता लगाया है। ये ठग अब कॉल करके दावा करते हैं कि आपके अकाउंट से कोई अनाधिकृत ट्रांजैक्शन हुआ है। और फिर? “सुरक्षा के लिए” कहकर OTP माँग लेते हैं। कुछ तो WhatsApp पर malicious लिंक भेज देते हैं। क्लिक किया नहीं कि फोन में malware घुस गया। पिछले तीन महीने में तो ऐसे 500 से ज्यादा केस सामने आए हैं। लाखों का नुकसान! सोचो, कितनी बड़ी रकम…

एक्सपर्ट और पीड़ितों की जुबानी – क्या कहना है इनका?

साइबर सिक्योरिटी के जानकार राजीव शर्मा कहते हैं, “ये ठग अब दिमागी खेल खेलते हैं। डरा धमका कर या फिर जरूरत का फायदा उठाकर…”। और एक पीड़ित रमेश कुमार की कहानी तो और भी दर्दनाक है – “मुझे कॉल आया कि अकाउंट हैक हो गया है। OTP माँगा… मैंने दे दिया। और फिर? 2 लाख रुपये गायब!” अब बैंक भी लगातार अलर्ट भेज रहे हैं। पर सवाल यह है कि क्या हम सुन रहे हैं?

आगे क्या? क्या हम सुरक्षित हैं?

इस बढ़ते खतरे को देखते हुए साइबर सेल ने अपनी जांच तेज कर दी है। नए सुरक्षा प्रोटोकॉल आ रहे हैं। बैंकों को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन सच तो यह है कि तकनीक से ज्यादा जरूरी है हमारी सतर्कता। suspicious calls, messages या links पर भरोसा करना बंद करो। किसी अजनबी को OTP मत दो। थोड़ी सी समझदारी बड़े नुकसान से बचा सकती है।

अंत में एक बात याद रखना – कोई भी बैंक या सरकारी विभाग कभी फोन पर आपका पर्सनल डिटेल्स या OTP नहीं माँगेगा। अगर कुछ शक हो तो तुरंत बैंक की customer care को कॉल करो। और हाँ, cyber crime सेल को जरूर रिपोर्ट करना। सच कहूँ तो, थोड़ी सी सावधानी ही काफी है इन ठगों से बचने के लिए। है न?

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Source: News18 Hindi – Nation | Secondary News Source: Pulsivic.com

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